ट्रंप की ईरान को नई सैन्य चेतावनी, खार्ग आइलैंड पर कब्जे का ऐलान; तीसरा तेल टैंकर निष्क्रिय
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 जून 2026 को ईरान के विरुद्ध नई और कड़ी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी, साथ ही खार्ग आइलैंड सहित ईरान के प्रमुख तेल अवसंरचना केंद्रों पर नियंत्रण करने का संकल्प जताया। यह चेतावनी उस समय आई जब अमेरिकी सेना ने इस सप्ताह ओमान की खाड़ी में तीसरे वाणिज्यिक तेल टैंकर को निष्क्रिय कर दिया, जिस पर ईरानी नाकाबंदी का उल्लंघन करने का आरोप था।
ट्रंप की चेतावनी: क्या कहा
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रूथ सोशल पर लिखा, 'अमेरिका आज रात ईरान — जिसकी नौसेना, वायु सेना, रडार, विमान-रोधी और रक्षा के दूसरे सभी तरीके, साथ ही उसकी ज़्यादातर हमला करने की क्षमता खत्म हो गई है — पर बहुत जोरदार हमला करेगा।' उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका खार्ग आइलैंड और अन्य तेल अवसंरचना केंद्रों पर कब्जा करेगा और ईरान के तेल व गैस बाज़ार पर पूरा नियंत्रण कर लेगा, ठीक उसी तरह जैसा उन्होंने वेनेजुएला के साथ किया।
तीसरा टैंकर निष्क्रिय: मुख्य घटनाक्रम
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की कि गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले टैंकर एमटी जलवीर को 10 जून की रात 11:20 बजे (ET) ओमान की खाड़ी में निष्क्रिय किया गया। एक अमेरिकी विमान ने जहाज के इंजन कक्ष में दो हेलफायर मिसाइलें दागीं, जब चालक दल ने बार-बार दिए गए निर्देशों का पालन करने से इनकार कर दिया। CENTCOM के अनुसार, यह जहाज ईरान से तेल परिवहन की कोशिश कर रहा था।
इससे पहले इसी सप्ताह, अमेरिकी विमानों ने पलाऊ के झंडे वाले दो अन्य टैंकरों — एमटी मैरीवैक्स और एमटी सेटेबेलो — को भी निष्क्रिय किया था। CENTCOM के अनुसार, मैरीवैक्स ने ईरानी बंदरगाह पर जाने की कोशिश की, जबकि सेटेबेलो ईरानी तेल ढो रहा था।
नाकाबंदी का दायरा और आँकड़े
CENTCOM ने बताया कि 13 अप्रैल को ऑपरेशन शुरू होने के बाद से अब तक 9 जहाजों को निर्देश न मानने पर निष्क्रिय किया गया, 135 जहाजों को नाकाबंदी का पालन कराते हुए मोड़ा गया और 42 मानवीय सहायता वाहक जहाजों को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई। CENTCOM ने स्पष्ट किया कि यह नाकाबंदी अरब की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के सभी ईरानी बंदरगाहों पर सभी देशों के जहाजों पर समान रूप से लागू है।
व्यापक संदर्भ और असर
यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान तनाव पहले से ही चरम पर है। ट्रंप की वेनेजुएला से तुलना उल्लेखनीय है — अमेरिका ने वेनेजुएला के तेल क्षेत्र पर नियंत्रण के लिए भी प्रतिबंध और दबाव की रणनीति अपनाई थी। खार्ग आइलैंड ईरान के कुल तेल निर्यात का बड़ा हिस्सा संभालता है, इसलिए वहाँ किसी भी कार्रवाई का वैश्विक तेल बाज़ार पर गहरा असर पड़ सकता है। गौरतलब है कि यह तीसरी बड़ी टैंकर-निष्क्रियता की घटना एक ही सप्ताह में हुई है, जो इस ऑपरेशन की तेज़ होती रफ्तार को दर्शाती है।
आने वाले दिनों में वैश्विक ऊर्जा बाज़ार, खाड़ी देशों की कूटनीति और ईरान की प्रतिक्रिया पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।