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संयुक्त राष्ट्र महासभा का बजट नियम सुधार: गुटेरेस ने किया स्वागत, शांति-रक्षा अभियानों को मिलेगी राहत

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संयुक्त राष्ट्र महासभा का बजट नियम सुधार: गुटेरेस ने किया स्वागत, शांति-रक्षा अभियानों को मिलेगी राहत

सारांश

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक लंबे समय से लंबित वित्तीय विसंगति को दूर किया — अब अप्रयुक्त बजट राशि सदस्य देशों को केवल तभी लौटेगी जब नकद वास्तव में उपलब्ध हो। गुटेरेस ने इसे अपने कार्यकाल की माँग बताया और कहा कि इससे उनके उत्तराधिकारी और शांति-रक्षा अभियानों को सबसे अधिक राहत मिलेगी।

मुख्य बातें

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1 जुलाई 2026 को अप्रयुक्त बजटीय धनराशि से जुड़े वित्तीय नियम में संशोधन को मंजूरी दी।
नई व्यवस्था के तहत अप्रयुक्त धनराशि सदस्य देशों को केवल तभी लौटाई जाएगी जब वास्तविक नकद राशि उपलब्ध हो।
यह बदलाव चार वर्षीय परीक्षण अवधि के लिए लागू होगा, जिसके बाद महासभा समीक्षा करेगी।
महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि वे अपने कार्यकाल की शुरुआत से इस सुधार की माँग करते रहे हैं।
गुटेरेस का कार्यकाल 2026 के अंत में समाप्त होगा; उन्होंने कहा इससे उनके उत्तराधिकारी को सर्वाधिक लाभ मिलेगा।
गुटेरेस ने सभी सदस्य देशों से संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत वित्तीय जिम्मेदारियाँ पूरी करने की अपील दोहराई।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने 1 जुलाई 2026 को महासभा द्वारा अप्रयुक्त बजटीय धनराशि से संबंधित वित्तीय नियमों में किए गए ऐतिहासिक बदलाव का खुले दिल से स्वागत किया है। महासभा ने मतदान के ज़रिए चार वर्षीय परीक्षण अवधि के लिए एक नई व्यवस्था को मंज़ूरी दी है, जिसके तहत अब अप्रयुक्त धनराशि सदस्य देशों को केवल तभी लौटाई जाएगी जब वास्तविक नकद राशि उपलब्ध होगी।

क्या था पुराना नियम और क्यों था समस्याग्रस्त

पूर्व वित्तीय नियम के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र को प्रत्येक बजट अवधि के अंत में अप्रयुक्त बजटीय आवंटन को सदस्य देशों को क्रेडिट के रूप में लौटाना पड़ता था — चाहे वह राशि वास्तव में संगठन के पास उपलब्ध हो या नहीं। इसमें बकाया राशि भी शामिल होती थी, जिससे संगठन की वित्तीय स्थिरता पर गंभीर दबाव पड़ता था। आलोचकों का कहना है कि इस नियम ने वर्षों से संयुक्त राष्ट्र के नियमित और शांति-रक्षा बजट को अनिश्चितता के घेरे में रखा।

गुटेरेस की प्रतिक्रिया और महत्व

गुटेरेस ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "मैं महासभा के उस फ़ैसले का स्वागत करता हूँ, जिसमें उन वित्तीय नियमों में सुधार किया गया है, जिनसे संगठन की स्थिरता पर खतरा मंडरा रहा था।" उन्होंने आगे कहा, "इस फ़ैसले से हम संसाधनों — खासकर नियमित और शांति-रक्षा बजट — का अधिक अनुमानित और जिम्मेदार तरीके से प्रबंधन कर पाएंगे।"

गुटेरेस ने यह भी स्पष्ट किया कि वे अपने कार्यकाल की शुरुआत से ही इस बदलाव की माँग करते रहे हैं। यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब संयुक्त राष्ट्र के कई सदस्य देश अपने वित्तीय योगदान में देरी कर रहे हैं, जिससे शांति-स्थापना अभियानों की निरंतरता पर सवाल उठते रहे हैं।

उत्तराधिकारी को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा

गुटेरेस का कार्यकाल 2026 के अंत में समाप्त हो रहा है। उन्होंने कहा, "इस अहम बदलाव से मेरे उत्तराधिकारी को बहुत फायदा होगा। उन्हें अब उन फंड्स को लौटाने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा जो अक्सर उन्हें कभी मिले ही नहीं थे।" गौरतलब है कि यह पहली बार है जब महासभा ने इस दीर्घकालिक वित्तीय विसंगति को दूर करने के लिए औपचारिक रूप से नियम में संशोधन किया है।

सदस्य देशों से अपील

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने उन सदस्य देशों का आभार जताया जिन्होंने अपना निर्धारित वित्तीय योगदान समय पर चुकाया है। साथ ही, उन्होंने सभी देशों से संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत अपनी जिम्मेदारियाँ पूरी करने की अपनी अपील एक बार फिर दोहराई। यह अपील उन देशों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है जो अपने अंशदान में पिछड़े हुए हैं।

आगे क्या होगा

नई व्यवस्था चार वर्षों की परीक्षण अवधि के लिए लागू होगी, जिसके बाद महासभा इसकी समीक्षा करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम संयुक्त राष्ट्र के वित्तीय प्रबंधन में दीर्घकालिक सुधार की दिशा में एक ठोस प्रारंभिक कदम है, बशर्ते सदस्य देश अपने योगदान में नियमितता बनाए रखें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके निहितार्थ गहरे हैं — संयुक्त राष्ट्र वर्षों से उस विरोधाभास में फँसा था जहाँ उसे ऐसी धनराशि लौटानी पड़ती थी जो उसके पास कभी थी ही नहीं। यह सुधार शांति-रक्षा अभियानों की वित्तीय निरंतरता के लिए तत्काल राहत है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या बड़े अंशदाता देश — जो अक्सर भुगतान में देरी करते हैं — इस नई व्यवस्था का सम्मान करेंगे। चार वर्षीय परीक्षण अवधि एक सतर्क राजनीतिक समझौता है; स्थायी सुधार के लिए सदस्य देशों की इच्छाशक्ति अभी भी अनिश्चित है।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने बजट नियम में क्या बदलाव किया है?
महासभा ने 1 जुलाई 2026 को मतदान के ज़रिए एक नई व्यवस्था को मंज़ूरी दी है, जिसके तहत अप्रयुक्त बजटीय धनराशि सदस्य देशों को केवल तभी लौटाई जाएगी जब वास्तविक नकद राशि उपलब्ध हो। पुराने नियम में बकाया राशि होने पर भी यह लौटानी पड़ती थी, जिससे संगठन की वित्तीय स्थिरता प्रभावित होती थी।
गुटेरेस ने इस फ़ैसले का स्वागत क्यों किया?
गुटेरेस ने कहा कि वे अपने कार्यकाल की शुरुआत से ही इस बदलाव की माँग करते रहे हैं क्योंकि पुराना नियम संगठन की स्थिरता के लिए खतरा था। उनके अनुसार, इससे नियमित और शांति-रक्षा बजट का अधिक अनुमानित और जिम्मेदार प्रबंधन संभव होगा।
यह नई व्यवस्था कितने समय के लिए लागू होगी?
महासभा ने इसे चार वर्षीय परीक्षण अवधि के लिए मंजूरी दी है, जिसके बाद इसकी समीक्षा की जाएगी। यह स्थायी नियम परिवर्तन नहीं है, बल्कि एक परीक्षण-आधारित सुधार है।
इस बदलाव से संयुक्त राष्ट्र के शांति-रक्षा अभियानों पर क्या असर पड़ेगा?
गुटेरेस के अनुसार, इस बदलाव से शांति-स्थापना अभियानों को बिना रुकावट जारी रखना आसान होगा क्योंकि संगठन को अब ऐसी धनराशि लौटाने के लिए बाध्य नहीं होना पड़ेगा जो उसके पास उपलब्ध ही नहीं थी। इससे परिचालन निरंतरता सुनिश्चित होगी।
गुटेरेस का कार्यकाल कब समाप्त हो रहा है और उत्तराधिकारी को क्या फायदा होगा?
गुटेरेस का कार्यकाल 2026 के अंत में समाप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस बदलाव से उनके उत्तराधिकारी को सबसे अधिक लाभ मिलेगा, क्योंकि उन्हें उन फंड्स को लौटाने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा जो अक्सर संगठन को कभी प्राप्त ही नहीं हुए थे।
राष्ट्र प्रेस
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