24 जुलाई 2026
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हेरात में 21 महिलाओं की ड्रेस कोड पर गिरफ्तारी 'अवैध और अस्वीकार्य': यूएन विशेष दूत रिचर्ड बेनेट

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हेरात में 21 महिलाओं की ड्रेस कोड पर गिरफ्तारी 'अवैध और अस्वीकार्य': यूएन विशेष दूत रिचर्ड बेनेट

सारांश

हेरात में तालिबान की नैतिकता पुलिस ने ड्रेस कोड के नाम पर लगातार तीन दिनों में कम से कम 21 महिलाओं को हिरासत में लिया — जिनमें एक नर्स भी शामिल है। यूएन विशेष दूत रिचर्ड बेनेट ने इसे 'अवैध और अस्वीकार्य' बताते हुए तत्काल रिहाई की माँग की है।

मुख्य बातें

यूएन विशेष दूत रिचर्ड बेनेट ने हेरात में महिलाओं की ड्रेस कोड-आधारित गिरफ्तारियों को 'अवैध और अस्वीकार्य' करार दिया।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, कम से कम 21 महिलाओं और लड़कियों को साउदर्न रोड, अल्मास मार्केट और क़सर क्षेत्र में हिरासत में लिया गया।
हिरासत में ली गई महिलाओं में हेरात क्षेत्रीय अस्पताल की एक कार्यरत नर्स भी शामिल है।
गिरफ्तारियाँ लगातार तीन दिनों तक जारी रहीं — तालिबान के 'सदाचार के प्रचार और बुराई की रोकथाम' विभाग के आदेश के बाद।
2021 से तालिबान ने महिलाओं पर माध्यमिक शिक्षा प्रतिबंध, विश्वविद्यालय प्रवेश पर रोक और रोज़गार में कटौती सहित कई कड़े प्रतिबंध लगाए हैं।

संयुक्त राष्ट्र के अफगानिस्तान मानवाधिकार विशेष दूत रिचर्ड बेनेट ने 9 जून 2026 को तालिबान प्रशासन की कड़ी आलोचना करते हुए हेरात प्रांत में ड्रेस कोड उल्लंघन के आरोप में महिलाओं और लड़कियों की हिरासत को 'पूरी तरह अवैध और अस्वीकार्य' करार दिया। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कम से कम 21 महिलाओं और लड़कियों को कथित तौर पर निर्धारित इस्लामी पहनावे के नियमों का पालन न करने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। बेनेट ने तालिबान से इन गिरफ्तारियों को तत्काल रोकने और हिरासत में ली गई सभी महिलाओं को रिहा करने की माँग की है।

मुख्य घटनाक्रम

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तालिबान के 'नैतिकता कानून' की निगरानी करने वाली पुलिस ने हेरात शहर के कई इलाकों में यह कार्रवाई की। गिरफ्तारियाँ साउदर्न रोड, अल्मास मार्केट और क़सर क्षेत्र में की गईं। रिपोर्टों में यह भी उल्लेख है कि हिरासत में ली गई महिलाओं में हेरात क्षेत्रीय अस्पताल में कार्यरत एक नर्स भी शामिल है।

एएमयू टीवी के अनुसार, निर्देश में स्पष्ट किया गया था कि सार्वजनिक स्थानों पर बिना उचित पर्दे, चेहरा उघाड़े, तंग कपड़े पहनकर या मेकअप करके निकलने वाली महिलाओं को हिरासत में लेकर महिला निरोध केंद्र भेजा जा सकता है।

यूएन विशेष दूत की प्रतिक्रिया

रिचर्ड बेनेट ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'लगातार तीसरे दिन बड़ी संख्या में महिलाओं को मनमाने ढंग से गिरफ्तार किया जा रहा है, जो न केवल चिंताजनक है बल्कि पूरी तरह अस्वीकार्य और अवैध भी है। ऐसी कार्रवाइयों को तुरंत समाप्त किया जाना चाहिए।' यह बयान लगातार तीन दिनों की गिरफ्तारियों के बाद आया, जो इस कार्रवाई की व्यापकता और सुनियोजित स्वरूप को दर्शाता है।

तालिबान का आदेश और पृष्ठभूमि

यह घटनाक्रम उस निर्देश के बाद सामने आया जिसे हेरात में तालिबान के 'सदाचार के प्रचार और बुराई की रोकथाम' विभाग ने जारी किया था। इस आदेश में पुरुष अभिभावकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था कि परिवार की महिलाएँ तालिबान द्वारा निर्धारित इस्लामी पहनावे के नियमों का पालन करें। गौरतलब है कि 2021 में सत्ता संभालने के बाद से तालिबान ने महिलाओं और लड़कियों पर कई कड़े प्रतिबंध लगाए हैं — इनमें माध्यमिक शिक्षा पर रोक, विश्वविद्यालयों में पढ़ाई से प्रतिबंध, रोज़गार के अवसरों में कमी और सार्वजनिक जीवन में भागीदारी पर नियंत्रण शामिल हैं।

आम जनता और महिलाओं पर असर

मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि हाल की गिरफ्तारियों ने अफगान महिलाओं की स्वतंत्रता और मूलभूत अधिकारों को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताओं को और गहरा कर दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक समुदाय अफगानिस्तान में मानवाधिकार स्थिति पर पहले से ही गहरी नज़र रखे हुए है। हिरासत में एक कार्यरत नर्स का होना यह भी संकेत देता है कि ये प्रतिबंध स्वास्थ्यकर्मियों सहित कामकाजी महिलाओं को भी प्रभावित कर रहे हैं।

क्या होगा आगे

बेनेट की माँग के बाद अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ने की संभावना है। संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठन तालिबान प्रशासन से हिरासत में ली गई महिलाओं की रिहाई और ऐसे आदेशों को वापस लेने की अपील कर रहे हैं। हालाँकि, तालिबान प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिनमें स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं — यानी वे महिलाएँ जिन्हें तालिबान ने शुरुआती दौर में सीमित छूट दी थी। यूएन की निंदा और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद तालिबान के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया है, जो यह सवाल खड़ा करता है कि क्या मौजूदा कूटनीतिक औज़ार पर्याप्त हैं। जब तक ठोस जवाबदेही तंत्र नहीं बनता, बयानबाज़ी और ज़मीनी हकीकत के बीच की खाई चौड़ी होती रहेगी।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हेरात में महिलाओं को किस कारण हिरासत में लिया गया?
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, तालिबान की नैतिकता पुलिस ने कम से कम 21 महिलाओं और लड़कियों को ड्रेस कोड का पालन न करने के आरोप में हिरासत में लिया। तालिबान के 'सदाचार के प्रचार और बुराई की रोकथाम' विभाग के आदेश के तहत बिना पर्दे, चेहरा उघाड़े या तंग कपड़ों में सार्वजनिक स्थानों पर निकलना प्रतिबंधित है।
यूएन विशेष दूत रिचर्ड बेनेट ने क्या कहा?
रिचर्ड बेनेट ने एक्स पर पोस्ट करते हुए इन गिरफ्तारियों को 'पूरी तरह अस्वीकार्य और अवैध' बताया और तालिबान से तत्काल इन्हें रोकने तथा हिरासत में ली गई महिलाओं को रिहा करने की माँग की। उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्रवाई लगातार तीसरे दिन भी जारी रही।
2021 के बाद से तालिबान ने महिलाओं पर कौन-से प्रतिबंध लगाए हैं?
मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, 2021 में सत्ता संभालने के बाद तालिबान ने महिलाओं पर माध्यमिक शिक्षा प्रतिबंध, विश्वविद्यालयों में पढ़ाई पर रोक, रोज़गार के अवसरों में कटौती और सार्वजनिक जीवन में भागीदारी पर नियंत्रण सहित कई कड़े प्रतिबंध लगाए हैं।
क्या हिरासत में कोई कामकाजी महिला भी शामिल है?
हाँ, रिपोर्टों के अनुसार हिरासत में ली गई महिलाओं में हेरात क्षेत्रीय अस्पताल में कार्यरत एक नर्स भी शामिल है। यह इस बात का संकेत है कि ये प्रतिबंध अब स्वास्थ्यकर्मियों सहित कामकाजी महिलाओं को भी प्रभावित कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस मामले में क्या कर सकता है?
यूएन विशेष दूत की माँग के बाद अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ने की संभावना है। हालाँकि, तालिबान प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मानवाधिकार संगठन हिरासत में ली गई महिलाओं की तत्काल रिहाई और ऐसे आदेशों को वापस लेने की अपील कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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