30 जुलाई 2026
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कांगो में इबोला हर 20 दिन में दोगुना, संयुक्त राष्ट्र ने माँगी $2.1 अरब की तत्काल मदद

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कांगो में इबोला हर 20 दिन में दोगुना, संयुक्त राष्ट्र ने माँगी $2.1 अरब की तत्काल मदद

सारांश

कांगो में इबोला अब तक का सबसे तेज़ संकट बन चुका है — हर 20 दिन में मामले दोगुने, 24 घंटे में 50 मौतें, और 2 महीनों में 1,000 से अधिक मृतक। संयुक्त राष्ट्र को $2.1 अरब की ज़रूरत है, मिला सिर्फ 45%। बचाव प्रयास महामारी की रफ्तार से पिछड़ रहे हैं।

मुख्य बातें

डीआरसी में इबोला हर 20 दिन में दोगुना हो रहा है — पिछले 24 घंटों में 50 मौतें दर्ज।
पिछले 2 महीनों में 1,000 मौतें — जो पश्चिम अफ्रीका में 8 महीनों में हुई थीं।
संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता योजना को $2.1 अरब चाहिए, लेकिन केवल 45% फंडिंग मिली है।
WFP को अगले 6 महीनों के लॉजिस्टिक्स के लिए $7.6 करोड़ की अतिरिक्त ज़रूरत।
इतुरी प्रांत में लगभग 20 लाख लोगों को खाद्य सहायता की आवश्यकता; पूर्वी डीआरसी में 1 करोड़ लोग खाद्य संकट में।

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में इबोला का प्रकोप बचाव प्रयासों को पीछे छोड़ते हुए हर 20 दिन में दोगुना हो रहा है — 30 जुलाई को संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने यह चेतावनी देते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल संसाधन जुटाने की अपील की। पिछले 24 घंटों में अकेले 50 मौतें दर्ज की गई हैं, और पिछले दो महीनों में कुल मृतक संख्या 1,000 को पार कर चुकी है।

मुख्य घटनाक्रम

संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ इबोला समन्वयक जूलियन हार्नीस और संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के कार्यकारी निदेशक कार्ल स्काऊ ने डीआरसी के इतुरी प्रांत की राजधानी बूनिया से एक वर्चुअल प्रेस ब्रीफिंग में यह जानकारी दी। बूनिया इस समय इबोला के प्रकोप का केंद्रबिंदु बना हुआ है।

हार्नीस ने कहा, 'पिछले 24 घंटों में कांगो में इबोला से 50 लोगों की मौत हुई है और मामलों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है, जो हर 20 दिन में दोगुनी हो रही है। यह हमारे बचाव के प्रयासों की गति की तुलना में कहीं अधिक तेज वृद्धि है और इसलिए महामारी और हमारे बचाव के प्रयासों के बीच का अंतर बढ़ता जा रहा है।'

इतिहास में सबसे तेज़ इबोला संकट

स्काऊ ने इस प्रकोप को अब तक का सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला इबोला संकट बताया। उन्होंने तुलनात्मक आँकड़ा पेश करते हुए कहा कि डीआरसी में जो काम 2 महीनों में हुआ — 1,000 मौतें — वही पश्चिम अफ्रीका में 8 महीनों में हुआ था। यह आँकड़ा इस संकट की विकरालता को स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है।

गौरतलब है कि इतुरी प्रांत वर्षों से सशस्त्र संघर्ष का शिकार रहा है, जिसने स्वास्थ्य अवसंरचना को पहले से ही कमज़ोर कर दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वी डीआरसी में लगभग 1 करोड़ लोग खाद्य असुरक्षा या आपातकालीन स्थिति में हैं।

फंडिंग का संकट

हार्नीस ने बताया कि डीआरसी के लिए संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता योजना को 2.1 अरब अमेरिकी डॉलर की आवश्यकता है, परंतु अब तक केवल 45 प्रतिशत फंडिंग ही प्राप्त हो सकी है। इसके अतिरिक्त, WFP को अगले 6 महीनों में इबोला राहत अभियान के लिए 7.6 करोड़ अमेरिकी डॉलर की ज़रूरत है — और स्काऊ ने स्पष्ट किया कि यह राशि केवल लॉजिस्टिक्स के लिए है, खाद्य सहायता इसमें शामिल नहीं।

आम जनता पर असर

इतुरी प्रांत में लगभग 20 लाख लोगों को खाद्य सहायता की आवश्यकता है। इबोला और खाद्य संकट का यह दोहरा बोझ स्थानीय स्वास्थ्य तंत्र पर भारी दबाव डाल रहा है। हार्नीस ने सदस्य देशों से अपील की कि वे अपनी सीमाएँ खुली रखें ताकि राहतकर्मी निर्बाध रूप से आवाजाही कर सकें और आपूर्ति बिना देरी के पहुँच सके।

क्या होगा आगे

हार्नीस ने कहा कि बचाव प्रयासों को 'तत्काल बढ़ाने की आवश्यकता है, जिसमें अधिक फंडिंग, आपूर्ति, चिकित्सा दल और ज़रूरतमंदों तक पहुँच शामिल है।' अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया की गति ही तय करेगी कि यह संकट और कितना गहरा होगा। यदि फंडिंग अंतराल जल्द नहीं भरा गया, तो विशेषज्ञों के अनुसार मृत्युदर और प्रसार दोनों में तेज़ बढ़ोतरी अपरिहार्य है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दशकों की उपेक्षित राज्य-विफलता और अंतरराष्ट्रीय सहायता की संरचनागत कमज़ोरियों का परिणाम है। जब $2.1 अरब की ज़रूरत में से 55% अभी भी अनुत्तरित है, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि वैश्विक स्वास्थ्य वित्तपोषण तंत्र संकट की गति के साथ चलने में क्यों विफल होता है। इतुरी में सशस्त्र संघर्ष और खाद्य असुरक्षा का संयोजन इबोला को और घातक बनाता है — यह वह संदर्भ है जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है। बिना सीमा-खुलेपन और निर्बाध आपूर्ति शृंखला के, राहत की कोई भी मात्रा पर्याप्त नहीं होगी।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांगो में इबोला की स्थिति अभी कितनी गंभीर है?
डीआरसी में इबोला हर 20 दिन में दोगुना हो रहा है और पिछले 24 घंटों में 50 मौतें दर्ज की गई हैं। पिछले दो महीनों में कुल 1,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जो इसे अब तक का सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला इबोला संकट बनाता है।
संयुक्त राष्ट्र को डीआरसी इबोला राहत के लिए कितनी फंडिंग चाहिए?
संयुक्त राष्ट्र की मानवीय सहायता योजना को $2.1 अरब की आवश्यकता है, जिसमें से अब तक केवल 45% प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त WFP को अगले 6 महीनों के लॉजिस्टिक्स के लिए $7.6 करोड़ अलग से चाहिए।
डीआरसी में इबोला का केंद्र कहाँ है और वहाँ के हालात कैसे हैं?
इबोला का केंद्र इतुरी प्रांत की राजधानी बूनिया है। यह क्षेत्र वर्षों से सशस्त्र संघर्ष से प्रभावित है और यहाँ लगभग 20 लाख लोगों को खाद्य सहायता की आवश्यकता है।
डीआरसी का इबोला संकट पश्चिम अफ्रीका के प्रकोप से कितना अलग है?
डीआरसी में जो 1,000 मौतें दो महीनों में हुईं, वही संख्या पश्चिम अफ्रीका में आठ महीनों में पहुँची थी। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने इसे अब तक का सबसे तेज़ इबोला संकट बताया है।
संयुक्त राष्ट्र ने सदस्य देशों से क्या माँग की है?
संयुक्त राष्ट्र ने सदस्य देशों से अपनी सीमाएँ खुली रखने, अधिक फंडिंग देने, चिकित्सा दल भेजने और आपूर्ति निर्बाध पहुँचाने की अपील की है। राहतकर्मियों की निर्बाध आवाजाही को संकट से निपटने के लिए अनिवार्य बताया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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