होर्मुज स्ट्रेट 'जबरन वसूली' नेटवर्क पर अमेरिका का प्रहार, ईरान की दो कंपनियों सहित 10 संस्थाओं पर प्रतिबंध
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी ट्रेजरी और स्टेट डिपार्टमेंट ने 29 जुलाई 2026 को ईरान की दो समुद्री सेवा कंपनियों — पर्शियन गल्फ मरीन इंश्योरेंस कंपनी और होर्मुजसेफ मरीन सर्विसेज अथॉरिटी — पर प्रतिबंध लगाए। वॉशिंगटन का आरोप है कि ये कंपनियाँ इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के समर्थन से होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों से जबरन 'सुरक्षा शुल्क' वसूलती थीं। इसी कार्रवाई में आठ अतिरिक्त कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाए गए, जो ईरानी तेल ढोने वाले टैंकर संचालित करती हैं।
जबरन वसूली का तंत्र कैसे काम करता था
अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के अनुसार, पर्शियन गल्फ मरीन इंश्योरेंस कंपनी उन बीमा पॉलिसियों की दलाली करती थी जिन्हें IRGC-समर्थित पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी मंजूरी देती है। इस अथॉरिटी पर मई 2026 में ही IRGC का समर्थन करने के आरोप में प्रतिबंध लगाए जा चुके थे।
होर्मुजसेफ बीमा, यातायात नियंत्रण, सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं का विज्ञापन करती थी। ट्रेजरी विभाग का कहना है कि यह कंपनी पश्चिमी प्रतिबंधों से बचने के लिए बिटकॉइन और अन्य डिजिटल संपत्तियाँ भी भुगतान के रूप में स्वीकार करती थी।
विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा, 'ये संस्थाएँ पहले जहाजों को जब्त किए जाने जैसे जोखिम पैदा करती हैं, और फिर उन्हीं खतरों से सुरक्षा देने के लिए व्यापारिक जहाजों से पैसे वसूलती हैं। इससे मिलने वाला पैसा IRGC की गतिविधियों और क्षेत्र में ईरान की व्यापक अस्थिरता फैलाने वाली नीतियों को सहारा देता है।'
तेल तस्करी नेटवर्क पर भी शिकंजा
ट्रेजरी विभाग ने आठ अतिरिक्त कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाए जो उन तेल टैंकरों का संचालन करती हैं, जिन पर 2022 से 2026 के बीच लाखों बैरल ईरानी कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद मुख्यतः चीन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पहुँचाने का आरोप है।
प्रतिबंधित जहाजों के नाम हैं: वेल सेल, लिली, अल सल्मी, ब्रीज-वी, नत्सुमी, क्रिस्टल, निरेटा और येहोप। ये जहाज बारबाडोस, मोजाम्बिक, वनुआतु और मार्शल आइलैंड्स के झंडे तले चलते हैं, जबकि एक जहाज का झंडा अस्पष्ट बताया गया है। इन कार्रवाइयों में चीन, हांगकांग और मार्शल आइलैंड्स में स्थित कंपनियाँ भी शामिल हैं।
अमेरिकी वित्त मंत्री का कड़ा संदेश
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि इन प्रतिबंधों का मकसद ईरान को अंतरराष्ट्रीय शिपिंग का इस्तेमाल करके IRGC के लिए धन जुटाने से रोकना है। उन्होंने कहा, 'ईरान की अर्थव्यवस्था बुरी तरह दबाव में है और महँगाई बहुत ऊँचे स्तर पर है, इसलिए शासन को पैसों की सख्त जरूरत है। अमेरिका यह नहीं होने देगा कि ईरान वैश्विक व्यापार को बंधक बनाए या अंतरराष्ट्रीय शिपिंग का इस्तेमाल करके IRGC की आतंकवादी गतिविधियों, आक्रामकता और दमन को वित्तीय मदद दे।'
ईरान का 'शैडो फ्लीट' और व्यापक संदर्भ
विदेश विभाग के अनुसार, प्रतिबंधित जहाज ईरान के तथाकथित 'शैडो फ्लीट' का हिस्सा हैं, जिसका इस्तेमाल तेहरान पश्चिमी प्रतिबंधों से बचने के लिए करता है। गौरतलब है कि अमेरिका इस वर्ष अब तक ईरान के शैडो फ्लीट से जुड़े 100 से अधिक जहाजों पर प्रतिबंध लगा चुका है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी नौसेना ईरानी बंदरगाहों और तटरेखा पर प्रतिबंधों के प्रवर्तन को सक्रिय रूप से लागू कर रही है। होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत संवेदनशील मार्ग है, जिससे प्रतिदिन लाखों बैरल तेल गुजरता है — इसलिए यहाँ किसी भी प्रकार की 'जबरन वसूली' की आशंका अंतरराष्ट्रीय शिपिंग उद्योग के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
आने वाले हफ्तों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या चीन और UAE इन प्रतिबंधित संस्थाओं से व्यापारिक संबंध तोड़ते हैं, और क्या ईरान इस दबाव के जवाब में होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी नीति में कोई बदलाव करता है।