वांग यी और मिशेल बाचेलेट की बीजिंग में मुलाकात, संयुक्त राष्ट्र सुधार और बहुपक्षवाद पर गहरी चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 4 जून 2026 को बीजिंग में संयुक्त राष्ट्र के अगले महासचिव पद की उम्मीदवार और चिली की पूर्व राष्ट्रपति मिशेल बाचेलेट से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने वैश्विक अस्थिरता के बीच संयुक्त राष्ट्र की भूमिका, बहुपक्षवाद की आवश्यकता और संस्था में सुधारों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
बाचेलेट का दृष्टिकोण: अधिक बहुपक्षवाद की जरूरत
मिशेल बाचेलेट ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि आज की दुनिया अव्यवस्था और अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है, और ऐसे में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को बहुपक्षवाद से दूर नहीं बल्कि और करीब जाना होगा। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक चुनौतियों से निपटने का एक अपरिहार्य मंच बताया।
बाचेलेट के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र को सुधारों के जरिए अपने मूल सिद्धांतों की ओर लौटना होगा, संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अधिकार को बनाए रखना होगा और संगठन को अधिक कार्रवाई-उन्मुख बनाना होगा। उन्होंने शांति, विकास और मानवाधिकारों को संयुक्त राष्ट्र के तीन प्रमुख स्तंभ बताते हुए इनके समन्वित विकास पर बल दिया।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह एक-चीन नीति का दृढ़ता से समर्थन करती हैं और बहुपक्षवाद तथा संयुक्त राष्ट्र के प्रति चीन के योगदान की सराहना करती हैं।
वांग यी का बयान: चीन जिम्मेदार भागीदार
वांग यी ने बाचेलेट के विचारों की सराहना करते हुए कहा कि उनके विचार संयुक्त राष्ट्र के भविष्य और मानव प्रगति के प्रति उनकी गहरी सोच और प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि चीन हमेशा संयुक्त राष्ट्र का समर्थक और सक्रिय भागीदार रहा है।
गौरतलब है कि पिछले महीने वांग यी न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करने गए थे, जहाँ विभिन्न पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र की भूमिका और प्रभाव को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया था।
महासचिव चुनाव की अहमियत
वांग यी ने रेखांकित किया कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव संगठन के सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी होते हैं और अगले महासचिव का चुनाव आने वाले 5 से 10 वर्षों में संयुक्त राष्ट्र के सुधार एवं विकास की दिशा तय करेगा। उन्होंने कहा कि यह चुनाव सदस्य देशों, विशेषकर वैश्विक दक्षिण के देशों के हितों को भी सीधे प्रभावित करेगा।
चीनी विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि चीन जिम्मेदार और रचनात्मक रवैये के साथ इस चुनाव प्रक्रिया में भाग लेगा, ताकि संयुक्त राष्ट्र की प्रतिष्ठा और सक्रियता को और मजबूत किया जा सके।
आगे की राह
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है और संयुक्त राष्ट्र की प्रभावशीलता पर कई देशों में बहस छिड़ी हुई है। बाचेलेट की उम्मीदवारी और चीन का समर्थन आने वाले महीनों में संयुक्त राष्ट्र महासचिव चुनाव की दिशा को प्रभावित कर सकता है।