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16 जुलाई 2026 पंचांग: जगन्नाथ रथयात्रा पर सूर्य देव पूजा का विशेष महत्व, अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:06–12:59 बजे

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16 जुलाई 2026 पंचांग: जगन्नाथ रथयात्रा पर सूर्य देव पूजा का विशेष महत्व, अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:06–12:59 बजे

सारांश

16 जुलाई 2026 को जगन्नाथ रथयात्रा के शुभारंभ के साथ सूर्य कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। वज्र और सिद्धि योग के बीच दोपहर 12:06 से 12:59 बजे तक अभिजित मुहूर्त सर्वोत्तम समय है। राहुकाल दोपहर 2:10 से 3:54 बजे तक और दक्षिण दिशा में दिशाशूल से सावधान रहें।

मुख्य बातें

16 जुलाई 2026 (गुरुवार) को आषाढ़ शुक्ल द्वितीया तिथि सुबह 8:53 बजे तक, तत्पश्चात तृतीया प्रारंभ।
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का शुभारंभ; जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की पूजा विशेष फलदायी।
अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:06 से 12:59 बजे — दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ समय।
राहुकाल दोपहर 2:10–3:54 , गुलिक काल सुबह 8:41–10:23 , यमगंड काल सुबह 5:34–7:18 बजे — नए कार्य वर्जित।
सूर्य पुनर्वसु नक्षत्र व कर्क राशि में; चंद्रमा शाम 7:51 बजे तक आश्लेषा , फिर मघा नक्षत्र में।
दक्षिण दिशा में दिशाशूल — उस दिशा में यात्रा से बचने की सलाह।

हिंदू पंचांग के अनुसार 16 जुलाई 2026 (गुरुवार) का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिन भगवान जगन्नाथ की विश्वविख्यात रथयात्रा का शुभारंभ होगा और सूर्य देव की उपासना विशेष फलदायी मानी जाती है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल पक्ष की इस तिथि पर किए गए धार्मिक कार्य जीवन में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करते हैं।

तिथि, नक्षत्र और योग

16 जुलाई 2026 को आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि सुबह 8:53 बजे तक रहेगी, इसके पश्चात तृतीया तिथि प्रारंभ होगी। ग्रह-नक्षत्र की स्थिति के अनुसार, सूर्य इस दिन पुनर्वसु नक्षत्र में गोचर करेंगे। चंद्रमा शाम 7:51 बजे तक आश्लेषा नक्षत्र में रहेगा, उसके बाद मघा नक्षत्र में प्रवेश करेगा।

इस दिन वज्र योग और सिद्धि योग का संयोग बन रहा है, जबकि हर्षण योग प्रभावी नहीं रहेगा। सूर्य इस दिन कर्क राशि में प्रवेश करेंगे और चंद्रमा मुख्यतः सिंह राशि में गोचर करेगा।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र समय

पंचांग के अनुसार 16 जुलाई को सुबह 5:54 बजे सूर्योदय और शाम 7:11 बजे सूर्यास्त होगा। चन्द्रोदय सुबह 7:40 बजे और चन्द्रास्त रात 9:01 बजे होगा। ये समय धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ के लिए उपयुक्त माने जाते हैं।

अभिजित मुहूर्त और शुभ समय

गुरुवार को दिन का सर्वाधिक शुभ समय — अभिजित मुहूर्त — दोपहर 12:06 बजे से 12:59 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यता के अनुसार, इस मुहूर्त में राहुकाल या किसी अन्य अशुभ काल की चिंता किए बिना महत्वपूर्ण कार्य, व्यापार, यात्रा या पूजा आरंभ की जा सकती है।

अशुभ काल: राहुकाल, गुलिक और यमगंड

पंचांग के अनुसार इस दिन तीन अशुभ कालखंड हैं जिनमें नए कार्य आरंभ करने से बचना उचित माना जाता है। राहुकाल दोपहर 2:10 बजे से 3:54 बजे तक, गुलिक काल सुबह 8:41 बजे से 10:23 बजे तक और यमगंड काल सुबह 5:34 बजे से 7:18 बजे तक रहेगा।

दिशाशूल और यात्रा सावधानी

16 जुलाई 2026 को दक्षिण दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु परंपरा के अनुसार इस दिशा में यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। यदि दक्षिण दिशा में यात्रा अनिवार्य हो, तो विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है।

इस प्रकार 16 जुलाई 2026 का दिन जगन्नाथ रथयात्रा के शुभ अवसर के साथ-साथ सूर्य देव की उपासना और अभिजित मुहूर्त के संयोग से धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि धार्मिक अनुष्ठान और दैनिक निर्णय अक्सर तिथि-मुहूर्त पर निर्भर होते हैं। 16 जुलाई 2026 का संयोग विशेष है — जगन्नाथ रथयात्रा, सूर्य का कर्क राशि में प्रवेश और अभिजित मुहूर्त एक साथ आ रहे हैं। हालाँकि ज्योतिषीय मान्यताएँ आस्था पर आधारित हैं और इनका वैज्ञानिक सत्यापन नहीं होता, फिर भी सांस्कृतिक और सामाजिक जीवन में पंचांग की भूमिका अपरिहार्य बनी हुई है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

16 जुलाई 2026 को कौन-सी तिथि है?
16 जुलाई 2026 को आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि सुबह 8:53 बजे तक है, उसके बाद तृतीया तिथि प्रारंभ होगी।
16 जुलाई 2026 को अभिजित मुहूर्त कब है?
गुरुवार 16 जुलाई 2026 को अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:06 बजे से 12:59 बजे तक है। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है, जिसमें बिना किसी अशुभ काल की चिंता किए महत्वपूर्ण कार्य आरंभ किए जा सकते हैं।
16 जुलाई 2026 को राहुकाल कितने बजे से कितने बजे तक है?
16 जुलाई 2026 को राहुकाल दोपहर 2:10 बजे से 3:54 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यता के अनुसार इस समय में नए कार्य प्रारंभ करने से बचना चाहिए।
16 जुलाई 2026 को कौन-से योग बन रहे हैं?
16 जुलाई 2026 को वज्र योग और सिद्धि योग का संयोग है। इस दिन हर्षण योग प्रभावी नहीं रहेगा।
16 जुलाई 2026 को जगन्नाथ रथयात्रा का क्या महत्व है?
16 जुलाई 2026 को भगवान जगन्नाथ की विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा का शुभारंभ होगा। पारंपरिक मान्यता के अनुसार, इस दिन जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।
राष्ट्र प्रेस
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