29 जुलाई 2026
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क्या आपातकाल में संविधान की हत्या और मौलिक अधिकारों का हनन हुआ?

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क्या आपातकाल में संविधान की हत्या और मौलिक अधिकारों का हनन हुआ?

सारांश

हरियाणा के पानीपत में आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर आयोजित एक प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री कंवर पाल गुज्जर ने आपातकाल के दौरान संविधान और मौलिक अधिकारों के हनन की बात की। जानिए इस महत्वपूर्ण विषय पर उनका क्या कहना था।

मुख्य बातें

आपातकाल के दौरान संविधान का उल्लंघन हुआ।
मौलिक अधिकारों का हनन किया गया।
इंदिरा गांधी की सरकार ने आपातकाल लागू किया।
विपक्षी नेताओं को यातनाएं दी गईं।
भाजपा ने हमेशा संविधान की रक्षा की है।

पानीपत, 25 जून (राष्ट्र प्रेस)। आपातकाल के 50 साल पूरे होने के अवसर पर हरियाणा के पानीपत में भारतीय जनता पार्टी द्वारा एक जिला स्तरीय प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री कंवर पाल गुज्जर ने कहा कि आपातकाल के दौरान संविधान की हत्या की गई और मौलिक अधिकारों का हनन हुआ।

पूर्व मंत्री कंवर पाल गुज्जर ने कहा, "ऐसी कोई परिस्थिति नहीं थी जिसके लिए आपातकाल लगाना आवश्यक था, इसे केवल स्वार्थ के लिए लगाया गया।" आपातकाल में न केवल भारतीय संविधान की हत्या हुई, बल्कि लोगों के मौलिक अधिकारों का भी हनन किया गया।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुज्जर ने कहा कि आज का दिन देशवासियों को याद दिलाता है कि आपातकाल के दौरान संविधान को किस तरह से नष्ट किया गया। उन्होंने बताया कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने चुनाव को निरस्त कर दिया और इंदिरा गांधी को छह वर्षों तक किसी भी पद पर रहने से रोक दिया। इस निर्णय से बचने के लिए उन्होंने आपातकाल की घोषणा की।

इस दौरान नागरिकों को आपातकाल के दौरान बहुत सारी पीड़ा झेलनी पड़ी। देश के इस दमनकारी कदम को भारतीय इतिहास के एक काले अध्याय के रूप में सदियों तक याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 की आधी रात को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार ने आपातकाल लागू किया और विपक्षी नेताओं को जेल में डालने का काम किया। जनसंघ के नेताओं को जेल में डालकर अनेक यातनाएं दी गईं। हरियाणा प्रदेश के भी कई नेताओं ने आपातकाल की पीड़ाओं का सामना किया है।

वहीं, कांग्रेस द्वारा भाजपा पर संविधान को समाप्त करने के आरोप लगाने पर पूर्व मंत्री ने कहा कि यदि किसी ने संविधान को समाप्त करने का कार्य किया है तो वह कांग्रेस पार्टी ने किया है। भाजपा ने हमेशा से संविधान की रक्षा की है और संविधान के अनुसार ही कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में देश विकास की ओर बढ़ रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आपातकाल क्यों लगाया गया था?
आपातकाल 25 जून 1975 को लगाया गया था, जिसका उद्देश्य राजनीतिक अस्थिरता को नियंत्रित करना बताया गया था।
आपातकाल के दौरान संविधान का क्या हुआ?
आपातकाल के दौरान संविधान का उल्लंघन हुआ, और मौलिक अधिकारों का हनन हुआ।
कौन से नेता आपातकाल के दौरान जेल में थे?
आपातकाल के दौरान कई विपक्षी नेता जेल में थे, जिनमें जनसंघ के नेता भी शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
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