सेबाश्रय स्वास्थ्य शिविर: अभिषेक बनर्जी समेत 10 के खिलाफ नई शिकायत, महिला की टांग काटने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और डायमंड हार्बर से तीन बार के सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ 10 जुलाई 2026 को एक और पुलिस शिकायत दर्ज की गई है। यह शिकायत दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर में उनके द्वारा संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य अभियान 'सेबाश्रय' से जुड़ी है, जिसमें आरोप है कि शिविर में गलत इलाज के कारण एक महिला की दाहिनी टांग काटनी पड़ी। अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे भी हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप
महेशतला इलाके की निवासी मालती बिस्वास ने रवींद्रनगर थाने (डायमंड हार्बर पुलिस जिला) में यह शिकायत दर्ज कराई। उनके अनुसार, वे घुटने के दर्द की शिकायत लेकर 'सेबाश्रय' के मुफ्त स्वास्थ्य शिविर में गई थीं, जहाँ डॉक्टर ने कुछ दवाएँ लिखकर दीं। शिकायत के अनुसार, दवाएँ लेने के बाद दर्द सुधरने के बजाय और बढ़ गया।
जब वे दोबारा शिविर पहुँचीं, तो डॉक्टरों ने उन्हें कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके स्थित एम. आर. बांगुर अस्पताल रेफर कर दिया। वहाँ के डॉक्टरों ने कथित तौर पर बताया कि गलत दवाएँ दिए जाने के कारण घुटने की स्थिति बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें मध्य कोलकाता के पार्क सर्कस स्थित नेशनल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ अंततः उनकी दाहिनी टांग काटनी पड़ी।
अधिकारियों की कथित अनदेखी
शिकायत के अनुसार, मालती बिस्वास ने गलत दवा दिए जाने पर स्पष्टीकरण माँगने के लिए 'सेबाश्रय' के अधिकारियों से बार-बार संपर्क किया, लेकिन उनकी बातों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। अभिषेक बनर्जी से सीधे संपर्क करने की उनकी कोशिशें भी कथित तौर पर बेनतीजा रहीं।
सेबाश्रय के खिलाफ शिकायतों का सिलसिला
यह ताज़ा शिकायत अकेली नहीं है। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद से 'सेबाश्रय' के खिलाफ अब तक कुल 17 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। पुलिस ने इस मामले में दो अलग-अलग प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। शिकायतों की प्रकृति विविध है — अधिकांश चिकित्सकीय लापरवाही और गलत उपचार से संबंधित हैं, जबकि कुछ में राज्य स्वास्थ्य विभाग की अनुमति के बिना शिविर चलाने, कथित रूप से अयोग्य डॉक्टरों की नियुक्ति और कथित तौर पर एक्सपायर्ड दवाओं के वितरण के आरोप भी शामिल हैं।
भाजपा नेता का खुलासा
हाल ही में स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता अभिजीत दास उर्फ बॉबी ने एक ऐसा प्रिस्क्रिप्शन सार्वजनिक किया, जिसमें दवा लिखने वाले डॉक्टर का मेडिकल रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज नहीं था। दास ने यह भी आरोप लगाया कि इन स्वास्थ्य शिविरों में बिना उचित अनुमति के अल्ट्रासोनोग्राफी मशीनों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा था।
आगे क्या होगा
पुलिस जाँच जारी है और यह मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील बनता जा रहा है, क्योंकि अभिषेक बनर्जी TMC के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक हैं। आलोचकों का कहना है कि 'सेबाश्रय' जैसे अभियान, जो जनसेवा के नाम पर चलाए गए, उनकी जवाबदेही सुनिश्चित करने की माँग अब और तेज़ होगी।