28 अक्टूबर 2026
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दिवाली से पहले अहमदाबाद में 40,500 किलो मावा की बिक्री पर रोक, ₹60.75 लाख का स्टॉक सील

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दिवाली से पहले अहमदाबाद में 40,500 किलो मावा की बिक्री पर रोक, ₹60.75 लाख का स्टॉक सील

सारांश

दिवाली से ऐन पहले अहमदाबाद नगर निगम ने गोमतीपुर के एक कोल्ड स्टोरेज पर छापा मारकर ₹60.75 लाख मूल्य का 40,500 किलो मावा सील किया — वजह: बैच नंबर और एक्सपायरी तिथि का न होना। त्योहारी मौसम में मिलावट रोकने की यह कार्रवाई उपभोक्ता सुरक्षा के लिहाज़ से अहम संकेत है।

मुख्य बातें

अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने 28 अक्टूबर 2026 को गोमतीपुर कोल्ड स्टोरेज में 40,500 किलो मावा की बिक्री निलंबित की।
जब्त स्टॉक का अनुमानित बाज़ार मूल्य ₹60.75 लाख ; बैच नंबर और समाप्ति तिथि अनुपस्थित।
कोल्ड स्टोरेज में 60 विक्रेताओं का कुल 1,02,000 किलोग्राम मावा था; 80% स्टॉक 15 प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं का।
राधिका फूड प्रोडक्ट्स के पास सर्वाधिक 1,380 बोरे (30 किलो प्रति बोरा) पाए गए।
6 फर्मों से नमूने लेकर जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजे गए; रिपोर्ट के बाद विधिक कार्रवाई संभव।
त्योहारी मौसम खत्म होने तक निरीक्षण अभियान जारी रहेगा; उल्लंघन पर जुर्माना या सील का प्रावधान।

अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने 28 अक्टूबर 2026 को दिवाली से पहले चलाए जा रहे खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत शहर के गोमतीपुर क्षेत्र स्थित एक कोल्ड स्टोरेज में रखे 40,500 किलोग्राम मावा की बिक्री निलंबित कर दी है। इस स्टॉक का अनुमानित बाज़ार मूल्य ₹60.75 लाख बताया गया है। बिक्री पर रोक की वजह यह है कि इस मावे पर बैच नंबर और समाप्ति तिथि अंकित नहीं थी, जो खाद्य सुरक्षा मानकों का सीधा उल्लंघन है।

निरीक्षण में क्या मिला

AMC के स्वास्थ्य एवं खाद्य विभाग ने त्योहारी मौसम में मिठाइयों की माँग बढ़ने के मद्देनजर यह विशेष जाँच अभियान शुरू किया था। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि उक्त कोल्ड स्टोरेज में लगभग 60 विक्रेताओं का कुल 1,02,000 किलोग्राम मावा भंडारित था। इसमें से लगभग 80 प्रतिशत स्टॉक केवल 15 प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं का था।

सबसे अधिक मावा राधिका फूड प्रोडक्ट्स के नाम दर्ज पाया गया, जिसने राजवाड़ी स्वीट (बजरंगी) और इंडियन डेजर्ट (नीलकंठ) ब्रांड नामों के तहत 30 किलो के 1,380 बोरे — यानी कुल 41,400 किलोग्राम — भंडारित किए थे।

नमूने एकत्र, जाँच प्रयोगशाला भेजे

विभाग ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत छह फर्मों — हसमुखभाई मावावाला, तुलसी मावा सेंटर, राजवाड़ी स्वीट (बजरंगी), इंडियन डेजर्ट (नीलकंठ), पुरोहित मावावाला और एस के मावावाला — से मावे के छह नमूने एकत्र किए हैं। इन्हें जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला में जाँच के लिए भेजा गया है। नगर निगम के अनुसार, शेष विक्रेताओं से भी नमूने उनकी उपस्थिति में एकत्र किए जाएँगे।

उपभोक्ताओं के लिए क्या खतरा

AMC ने स्पष्ट किया कि पेड़े या अन्य मिठाइयाँ बनाने में मावे की जगह अन्य सामग्री का उपयोग करने से उत्पाद की संरचना, मिठास और स्वाद बदल जाता है। यदि मावा-रहित मिठाई को मावा-आधारित बताकर बेचा जाए, तो यह उपभोक्ताओं को उत्पाद की गुणवत्ता के बारे में गुमराह करना है — जो कानूनन दंडनीय है। गौरतलब है कि दिवाली के दौरान मिठाइयों में मिलावट की शिकायतें हर वर्ष सामने आती हैं, और इस बार AMC ने त्योहार से पहले ही सक्रिय कदम उठाया है।

कानूनी प्रावधान और आगे की कार्रवाई

अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की उन धाराओं का हवाला दिया जो खाद्य व्यवसाय संचालकों की जिम्मेदारियाँ, ग्राहक की माँग से भिन्न खाद्य बिक्री और गलत लेबल वाले उत्पादों से संबंधित हैं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी प्रतिष्ठान पर कार्रवाई केवल संदेह के आधार पर नहीं, बल्कि प्रासंगिक जानकारी और आवश्यक जाँच के बाद की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना या सील लगाई जा सकती है।

AMC के अनुसार, त्योहारी मौसम समाप्त होने तक निरीक्षण और नमूना संग्रह का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाई गई फर्मों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि निरीक्षण दिवाली के ऐन पहले ही क्यों होता है — जबकि कोल्ड स्टोरेज में माल महीनों पहले से जमा होता है। बैच नंबर और एक्सपायरी तिथि का अभाव एक बुनियादी लेबलिंग चूक है जो नियमित ऑडिट में भी पकड़ी जा सकती थी। असली परीक्षण प्रयोगशाला रिपोर्ट के बाद होगा — यदि मावा मिलावटी निकला और फिर भी कार्रवाई केवल जुर्माने तक सीमित रही, तो यह अभियान महज़ त्योहारी औपचारिकता बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद में मावा की बिक्री पर रोक क्यों लगाई गई?
AMC ने 40,500 किलो मावा की बिक्री इसलिए निलंबित की क्योंकि उस पर बैच नंबर और समाप्ति तिथि अंकित नहीं थी, जो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 का उल्लंघन है। यह कार्रवाई दिवाली से पहले चलाए जा रहे खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत की गई।
कितने मूल्य का मावा जब्त किया गया और कहाँ से?
अहमदाबाद के गोमतीपुर क्षेत्र स्थित एक कोल्ड स्टोरेज से ₹60.75 लाख अनुमानित मूल्य का 40,500 किलोग्राम मावा बिक्री से रोका गया। उसी कोल्ड स्टोरेज में कुल 60 विक्रेताओं का 1,02,000 किलोग्राम मावा भंडारित था।
किन फर्मों के नमूने लिए गए हैं और जाँच कहाँ होगी?
हसमुखभाई मावावाला, तुलसी मावा सेंटर, राजवाड़ी स्वीट (बजरंगी), इंडियन डेजर्ट (नीलकंठ), पुरोहित मावावाला और एस के मावावाला — इन छह फर्मों से नमूने एकत्र किए गए हैं। इन्हें जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला में जाँच के लिए भेजा गया है।
मिलावटी या गलत लेबल वाले मावे से उपभोक्ताओं को क्या नुकसान हो सकता है?
मावे की जगह अन्य सामग्री इस्तेमाल होने पर मिठाई की संरचना, मिठास और स्वाद बदल जाता है। यदि ऐसी मिठाई को मावा-आधारित बताकर बेचा जाए, तो यह उपभोक्ताओं को गुमराह करना है और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत दंडनीय है।
क्या यह अभियान दिवाली के बाद भी जारी रहेगा?
AMC के अनुसार त्योहारी मौसम समाप्त होने तक निरीक्षण और नमूना संग्रह का अभियान निरंतर चलता रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर जुर्माना लगाया जा सकता है या उन्हें सील किया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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