AAI नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी: ईओडब्ल्यू कश्मीर ने चार आरोपियों के खिलाफ श्रीनगर अदालत में चार्जशीट दाखिल की
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) कश्मीर ने एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) में नौकरी दिलाने का झाँसा देकर कश्मीर घाटी के बेरोज़गार युवाओं से लाखों रुपये ठगने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। जाँच पूरी होने के बाद एजेंसी ने एफआईआर संख्या 36/2018 के तहत चार आरोपियों के विरुद्ध श्रीनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है।
मामले का पूरा घटनाक्रम
जाँच एजेंसी के अनुसार, कश्मीर घाटी के कई ज़िलों से शिकायतें प्राप्त हुई थीं कि एक गिरोह AAI में नौकरी दिलाने का वादा करके बेरोज़गार युवाओं को अपने जाल में फँसा रहा था। पीड़ितों से भरोसा जीतकर लाखों रुपये वसूले गए, परंतु न तो उन्हें कोई नौकरी मिली और न ही उनकी रकम वापस की गई। शिकायतों के आधार पर ईओडब्ल्यू ने गहन जाँच शुरू की और शिकायतकर्ताओं के आरोपों को सही पाए जाने तथा पर्याप्त साक्ष्य एकत्र होने के बाद अदालत में चार्जशीट पेश की।
कौन हैं चारों आरोपी
चार्जशीट में जिन चार लोगों को नामज़द किया गया है, वे हैं — मोहित शर्मा उर्फ भारद्वाज, निवासी सेक्टर-49, बरौला, नोएडा; मुकेश कुमार, निवासी सदर थाना रोड, बड़ा टूटी, नई दिल्ली; महमूद खान, निवासी हदू मोहल्ला, एच-ब्लॉक, मदनपुर खादर, सरिता विहार, नई दिल्ली; और रामलखन, निवासी सिंघरास नाश, करीम पहारंग, तहसील डुमरियागंज। यह गिरोह मुख्य रूप से दिल्ली-नोएडा क्षेत्र से संचालित हो रहा था और कश्मीर घाटी के युवाओं को निशाना बनाता था।
किन धाराओं के तहत दर्ज है मामला
यह मामला आरपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) और धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(डी) के तहत दर्ज किया गया था। आईटी अधिनियम की यह धारा डिजिटल माध्यमों से की गई ठगी पर लागू होती है, जो दर्शाता है कि गिरोह ने ऑनलाइन तरीकों का भी इस्तेमाल किया होगा।
आगे क्या होगा
चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब इस मामले की सुनवाई श्रीनगर के सीजेएम की अदालत में होगी। अदालत आरोपियों के विरुद्ध कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगी। यह मामला यह भी रेखांकित करता है कि रोज़गार की तलाश में जुटे युवाओं को फर्जी भर्ती गिरोहों से सतर्क रहने की ज़रूरत है, जो सरकारी संस्थाओं के नाम का दुरुपयोग करते हैं।