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अभिनेता ऐश्वर्य ठाकरे साइबर ठगी के शिकार, रात में खाते से ₹19,638 उड़ाए

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अभिनेता ऐश्वर्य ठाकरे साइबर ठगी के शिकार, रात में खाते से ₹19,638 उड़ाए

सारांश

बालासाहेब ठाकरे के पोते और अभिनेता ऐश्वर्य ठाकरे के बैंक खाते से 30 अक्टूबर की रात महज दस मिनट में ₹19,638 उड़ा लिए गए। विदेशी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के ज़रिए हुई इस ठगी में ओशिवारा पुलिस ने FIR दर्ज कर साइबर सेल को जाँच सौंपी है।

मुख्य बातें

अभिनेता ऐश्वर्य ठाकरे के बैंक खाते से 30 अक्टूबर 2026 की रात ₹19,638 अनधिकृत ट्रांजैक्शन से निकाले गए।
सबसे पहले ₹307 कटे, फिर रात 1:30 से 1:40 बजे के बीच कई ट्रांजैक्शन हुए; एक ट्रांजैक्शन अकेले ₹15,511 का था।
रकम पापा जॉन्स और जॉलीबी जैसे विदेशी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के ज़रिए ट्रांसफर की गई।
ओशिवारा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और IT अधिनियम के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की।
साइबर सेल IP एड्रेस और डिजिटल साक्ष्यों की जाँच कर रही है; अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं।

मुंबई के अंधेरी पश्चिम में रहने वाले अभिनेता ऐश्वर्य ठाकरे साइबर फ्रॉड का शिकार हो गए हैं। स्वर्गीय बालासाहेब ठाकरे के पोते और स्मिता ठाकरे के बेटे ऐश्वर्य के बैंक खाते से 30 अक्टूबर 2026 की रात ₹19,638 अनधिकृत ट्रांजैक्शन के ज़रिए निकाल लिए गए। ओशिवारा पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

घटनाक्रम: कैसे हुई ठगी

30 अक्टूबर की रात जब ऐश्वर्य ठाकरे अपने घर पर थे, तब रात करीब 1:30 बजे उनके मोबाइल पर बैंक से पैसे कटने के संदेश आने लगे। पहले ₹307 की कटौती हुई और फिर 1:30 से 1:40 बजे के बीच महज दस मिनट में कई ट्रांजैक्शन के ज़रिए खाते से कुल ₹19,638 निकल गए। इनमें एक अकेले ट्रांजैक्शन की राशि ₹15,511 थी।

ट्रांजैक्शन के विश्लेषण से पता चला कि यह रकम पापा जॉन्स और जॉलीबी जैसे विदेशी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से ट्रांसफर की गई थी। पुलिस के अनुसार, पीड़ित ने पैसे कटने की जानकारी होते ही तत्काल संपर्क किया।

पुलिस की कार्रवाई

ओशिवारा पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अज्ञात साइबर अपराधियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली है। फिलहाल साइबर सेल बैंक ट्रांजैक्शन के आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल कर रही है।

जाँच अधिकारी आरोपियों की पहचान और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए बैंक और डिजिटल फुटप्रिंट को खँगाल रहे हैं। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

पीड़ित का पारिवारिक परिचय

पुलिस के अनुसार, ऐश्वर्य ठाकरे अंधेरी पश्चिम में अपनी माँ स्मिता ठाकरे (66) और दादी कुंदा चित्रे (90) के साथ रहते हैं। वह अभिनय को अपनी आजीविका का साधन बताते हैं और परिवार का भरण-पोषण इसी से करते हैं। ऐश्वर्य दिवंगत बालासाहेब ठाकरे के पोते हैं।

आम जनता पर असर

यह मामला मुंबई में बढ़ते साइबर अपराधों की एक और कड़ी है। गौरतलब है कि रात के समय बिना किसी OTP या सहमति के खाते से रकम निकालने की यह पद्धति साइबर अपराधियों द्वारा कार्ड-डेटा क्लोनिंग या क्रेडेंशियल चोरी से जोड़ी जा सकती है, हालाँकि पुलिस ने अभी तक ठगी के तरीके की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

विशेषज्ञ आम नागरिकों को सलाह देते हैं कि रात के समय भी बैंक नोटिफिकेशन सक्रिय रखें और संदिग्ध ट्रांजैक्शन की स्थिति में तुरंत बैंक के हेल्पलाइन नंबर या राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

क्या होगा आगे

ओशिवारा पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त जाँच जारी है। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुँचने का प्रयास किया जा रहा है। यदि पैसा विदेशी प्लेटफॉर्म पर खर्च हुआ है, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सहयोग की आवश्यकता पड़ सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें आम नागरिक तो पहले से शिकार हो रहे हैं। सवाल यह है कि बैंक के धोखाधड़ी-रोधी तंत्र ने दस मिनट में एकाधिक संदिग्ध विदेशी ट्रांजैक्शन को क्यों नहीं रोका। विदेशी प्लेटफॉर्म के ज़रिए रकम निकालने का तरीका बताता है कि अपराधी अंतरराष्ट्रीय गेटवे का उपयोग करके ट्रेसिंग से बचने की कोशिश करते हैं, जो भारत की साइबर जाँच एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती है।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऐश्वर्य ठाकरे के खाते से कितनी रकम चुराई गई और कैसे?
ऐश्वर्य ठाकरे के बैंक खाते से 30 अक्टूबर 2026 की रात 1:30 से 1:40 बजे के बीच कुल ₹19,638 निकाले गए। यह रकम पापा जॉन्स और जॉलीबी जैसे विदेशी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कई ट्रांजैक्शन के ज़रिए ट्रांसफर की गई।
ऐश्वर्य ठाकरे कौन हैं?
ऐश्वर्य ठाकरे दिवंगत शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के पोते और स्मिता ठाकरे के बेटे हैं। वह मुंबई के अंधेरी पश्चिम में रहते हैं और अभिनय से अपना जीवन-यापन करते हैं।
इस साइबर ठगी में पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
ओशिवारा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और IT अधिनियम की धाराओं के तहत अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। साइबर सेल बैंक ट्रांजैक्शन के IP एड्रेस और डिजिटल साक्ष्यों की जाँच कर रही है।
क्या इस मामले में कोई गिरफ्तारी हुई है?
अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस आरोपियों की पहचान के लिए डिजिटल फुटप्रिंट और बैंक रिकॉर्ड खँगाल रही है।
साइबर फ्रॉड होने पर क्या करें?
साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत बैंक के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें और खाता ब्लॉक कराएँ। इसके बाद राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें या नज़दीकी पुलिस थाने में FIR कराएँ।
राष्ट्र प्रेस
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