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अमित शाह ने नाफेड का NAFEX पोर्टल लॉन्च किया, बोले — दलहन का एक दाना भी व्यापारियों से नहीं, सीधे किसानों से आएगा

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अमित शाह ने नाफेड का NAFEX पोर्टल लॉन्च किया, बोले — दलहन का एक दाना भी व्यापारियों से नहीं, सीधे किसानों से आएगा

सारांश

अमित शाह ने नाफेड का NAFEX.in पोर्टल लॉन्च कर दलहन खरीद से बिचौलियों को हटाने का ऐलान किया। जो नाफेड 2014 में बंद होने की कगार पर था, वह आज ₹500 करोड़ मुनाफे और ₹30,000 करोड़ टर्नओवर के साथ 74 लाख किसानों की ताकत बन चुका है।

मुख्य बातें

अमित शाह ने 23 जून 2026 को नई दिल्ली में नाफेड का ऑक्शन पोर्टल NAFEX.in लॉन्च किया।
नाफेड ने एक साथ चार पहलें शुरू कीं — NAFEX.in , NEFICS.in , दृष्टि , ERP और नाफेड कल्याण ।
नाफेड अब ₹500 करोड़ मुनाफे और ₹30,000 करोड़ टर्नओवर के साथ देश के 74 लाख किसानों की सहायता कर रहा है।
शाह ने कहा — अगले दो वर्षों में दलहन की खरीद सीधे किसानों से होगी, व्यापारियों की भूमिका खत्म होगी।
2014 में आर्थिक संकट में डूबे नाफेड को PM मोदी सरकार ने केंद्रीय सहायता से पुनर्जीवित किया था।

केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 23 जून 2026 को नई दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नाफेड) का ऑक्शन पोर्टल NAFEX.in लॉन्च किया। इस अवसर पर शाह ने कहा कि इस पहल का सीधा लक्ष्य किसानों को बिचौलियों से मुक्त कर उन्हें उनकी उपज का उचित मुनाफा दिलाना है।

चार नई पहलें एक साथ

नाफेड ने इस अवसर पर एक साथ चार डिजिटल और प्रशासनिक पहलें शुरू कीं — NAFEX.in (ऑक्शन पोर्टल), NEFICS.in, दृष्टि (निगरानी प्रणाली), ERP (एंटरप्राइज़ रिसोर्स प्लानिंग) और नाफेड कल्याण। शाह ने कहा कि यह ढाँचा किसानों से सीधी खरीद के लिए ज़मीनी स्तर तक इन्फ्रास्ट्रक्चर पहुँचाने की दिशा में निर्णायक कदम है।

2014 से 2026 तक का सफर

शाह ने याद दिलाया कि 2014 में नाफेड गहरे आर्थिक संकट में था और बंद होने की कगार पर आ गया था। उस समय नाफेड अधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक की, जिसके बाद केंद्र सरकार ने आर्थिक सहायता देकर संस्था को पुनर्जीवित किया। आज नाफेड ₹500 करोड़ के मुनाफे और ₹30,000 करोड़ के टर्नओवर के साथ देश के 74 लाख किसानों की सहायता कर रहा है।

दलहन में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य

सहकारिता मंत्री ने स्पष्ट किया कि आने वाले दो वर्षों में सहकारिता मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि दलहन का एक दाना भी व्यापारियों के माध्यम से न आए, बल्कि सीधे किसानों से खरीदा जाए। उन्होंने कहा, 'जैसे ही दलहन का उचित दाम किसानों तक पहुँचेगा, अपने आप दलहन का रकबा बढ़ेगा और देश दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो जाएगा।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत दलहन आयात पर बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च करता है।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि

शाह ने कार्यक्रम में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि 23 जून का दिन भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन मुखर्जी ने 'एक विधान, एक निशान और एक प्रधान' के सूत्र को साकार करने और देश की अखंडता के लिए अपना बलिदान दिया था। शाह ने कहा कि मुखर्जी ने प्रसिद्धि के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकता के लिए संघर्ष किया और उनके कार्यों के दूरगामी परिणाम रहे।

आगे की राह

शाह ने स्पष्ट किया कि किसानों से सीधी खरीद के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लिया गया है, अब इसे ज़मीनी स्तर तक पहुँचाना है। उन्होंने नाफेड अधिकारियों से दृढ़ता और पारदर्शिता के साथ काम करने का आह्वान किया, यह कहते हुए कि बिना शुद्ध नीयत और कठोर क्रियान्वयन के परिणाम नहीं मिलेंगे। NAFEX.in पोर्टल के माध्यम से किसान सीधे ऑनलाइन नीलामी में भाग ले सकेंगे, जिससे मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता आएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा NAFEX.in के क्रियान्वयन में है — क्या यह पोर्टल छोटे और सीमांत किसानों तक वास्तव में पहुँच पाएगा, जिनके पास डिजिटल साक्षरता और इंटरनेट की पहुँच सीमित है? दलहन खरीद से बिचौलियों को हटाने का वादा दशकों पुराना है; इस बार फर्क तब पड़ेगा जब ज़मीनी इन्फ्रास्ट्रक्चर — जिसका शाह ने स्वयं उल्लेख किया — नीचे तक पहुँचे। ₹30,000 करोड़ का टर्नओवर उत्साहजनक है, पर यह भी देखना होगा कि इसमें किसानों को मिलने वाला मूल्य बाज़ार दर से कितना ऊपर है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नाफेड का NAFEX.in पोर्टल क्या है?
NAFEX.in नाफेड (भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ) का ऑनलाइन ऑक्शन पोर्टल है, जिसे 23 जून 2026 को केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लॉन्च किया। इस पोर्टल के ज़रिए किसान अपनी उपज सीधे ऑनलाइन नीलामी में बेच सकेंगे, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी।
नाफेड 2014 के संकट से कैसे उबरा?
2014 में नाफेड गहरे आर्थिक संकट में था और बंद होने की कगार पर था। नाफेड अधिकारियों ने PM मोदी के साथ बैठक की, जिसके बाद केंद्र सरकार ने आर्थिक सहायता देकर संस्था को पुनर्जीवित किया। आज नाफेड ₹500 करोड़ मुनाफे और ₹30,000 करोड़ टर्नओवर के साथ 74 लाख किसानों की सेवा कर रहा है।
दलहन में आत्मनिर्भरता की योजना क्या है?
अमित शाह ने कहा कि अगले दो वर्षों में सहकारिता मंत्रालय सुनिश्चित करेगा कि दलहन की खरीद सीधे किसानों से हो, न कि व्यापारियों के माध्यम से। उनका मानना है कि उचित मूल्य मिलने पर किसान स्वतः दलहन का रकबा बढ़ाएंगे और भारत दलहन क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो जाएगा।
नाफेड की नई चार पहलें कौन-सी हैं?
नाफेड ने इस अवसर पर NAFEX.in (ऑक्शन पोर्टल), NEFICS.in, दृष्टि (निगरानी प्रणाली), ERP (एंटरप्राइज़ रिसोर्स प्लानिंग) और नाफेड कल्याण — ये पाँच डिजिटल व प्रशासनिक पहलें एक साथ शुरू कीं। ये सभी मिलकर किसानों से सीधी खरीद और संस्था की पारदर्शिता को मज़बूत करने के लिए बनाई गई हैं।
23 जून को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी से क्या संबंध है?
23 जून वह दिन है जब डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 'एक विधान, एक निशान और एक प्रधान' के सिद्धांत के लिए अपना बलिदान दिया था। अमित शाह ने इस कार्यक्रम में उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके राष्ट्रीय एकता के संघर्ष को याद किया।
राष्ट्र प्रेस
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