अमित शाह ने नाफेड का NAFEX पोर्टल लॉन्च किया, बोले — दलहन का एक दाना भी व्यापारियों से नहीं, सीधे किसानों से आएगा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 23 जून 2026 को नई दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नाफेड) का ऑक्शन पोर्टल NAFEX.in लॉन्च किया। इस अवसर पर शाह ने कहा कि इस पहल का सीधा लक्ष्य किसानों को बिचौलियों से मुक्त कर उन्हें उनकी उपज का उचित मुनाफा दिलाना है।
चार नई पहलें एक साथ
नाफेड ने इस अवसर पर एक साथ चार डिजिटल और प्रशासनिक पहलें शुरू कीं — NAFEX.in (ऑक्शन पोर्टल), NEFICS.in, दृष्टि (निगरानी प्रणाली), ERP (एंटरप्राइज़ रिसोर्स प्लानिंग) और नाफेड कल्याण। शाह ने कहा कि यह ढाँचा किसानों से सीधी खरीद के लिए ज़मीनी स्तर तक इन्फ्रास्ट्रक्चर पहुँचाने की दिशा में निर्णायक कदम है।
2014 से 2026 तक का सफर
शाह ने याद दिलाया कि 2014 में नाफेड गहरे आर्थिक संकट में था और बंद होने की कगार पर आ गया था। उस समय नाफेड अधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक की, जिसके बाद केंद्र सरकार ने आर्थिक सहायता देकर संस्था को पुनर्जीवित किया। आज नाफेड ₹500 करोड़ के मुनाफे और ₹30,000 करोड़ के टर्नओवर के साथ देश के 74 लाख किसानों की सहायता कर रहा है।
दलहन में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य
सहकारिता मंत्री ने स्पष्ट किया कि आने वाले दो वर्षों में सहकारिता मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि दलहन का एक दाना भी व्यापारियों के माध्यम से न आए, बल्कि सीधे किसानों से खरीदा जाए। उन्होंने कहा, 'जैसे ही दलहन का उचित दाम किसानों तक पहुँचेगा, अपने आप दलहन का रकबा बढ़ेगा और देश दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो जाएगा।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत दलहन आयात पर बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च करता है।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि
शाह ने कार्यक्रम में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि 23 जून का दिन भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन मुखर्जी ने 'एक विधान, एक निशान और एक प्रधान' के सूत्र को साकार करने और देश की अखंडता के लिए अपना बलिदान दिया था। शाह ने कहा कि मुखर्जी ने प्रसिद्धि के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकता के लिए संघर्ष किया और उनके कार्यों के दूरगामी परिणाम रहे।
आगे की राह
शाह ने स्पष्ट किया कि किसानों से सीधी खरीद के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लिया गया है, अब इसे ज़मीनी स्तर तक पहुँचाना है। उन्होंने नाफेड अधिकारियों से दृढ़ता और पारदर्शिता के साथ काम करने का आह्वान किया, यह कहते हुए कि बिना शुद्ध नीयत और कठोर क्रियान्वयन के परिणाम नहीं मिलेंगे। NAFEX.in पोर्टल के माध्यम से किसान सीधे ऑनलाइन नीलामी में भाग ले सकेंगे, जिससे मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता आएगी।