5 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

टीएमसी पूर्व सांसद अपरूपा पोद्दार को जमानत, NIA अधिकारियों के काम में बाधा का मामला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
टीएमसी पूर्व सांसद अपरूपा पोद्दार को जमानत, NIA अधिकारियों के काम में बाधा का मामला

सारांश

टीएमसी पूर्व सांसद अपरूपा पोद्दार ने सेरामपुर कोर्ट में सरेंडर किया और NIA अधिकारियों के काम में बाधा डालने के मामले में अंतरिम जमानत पाई। उनके पति और TMC पार्षद शाकिर अली को भी एक दिन पहले NIA कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। दोनों को 30 सितंबर को विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश होना होगा।

मुख्य बातें

टीएमसी पूर्व सांसद अपरूपा पोद्दार ने 4 जुलाई को सेरामपुर सब-डिविजन कोर्ट में सरेंडर किया और अंतरिम जमानत मिली।
मामला रामनवमी हिंसा जाँच के दौरान NIA अधिकारियों के काम में बाधा डालने से जुड़ा है।
पति व TMC पार्षद शाकिर अली को NIA कोर्ट ने एक दिन पहले सशर्त जमानत दी।
तय दिन पुलिस स्टेशन न पहुँचने पर अपरूपा पर गैर-जमानती धारा जोड़ी गई थी।
दोनों को 30 सितंबर को साल्ट लेक, कोलकाता स्थित मयूख भवन के विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश होना होगा।
चंदननगर पुलिस ने संकेत दिया कि अपरूपा को दोबारा नोटिस भेजा जा सकता है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की पूर्व सांसद अपरूपा पोद्दार ने शनिवार, 4 जुलाई को सेरामपुर सब-डिविजन कोर्ट में सरेंडर किया और राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) अधिकारियों के कार्य में बाधा डालने के मामले में उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई। आरामबाग से दो बार सांसद रहीं अपरूपा को अब 30 सितंबर को साल्ट लेक, कोलकाता स्थित मयूख भवन में विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश होना होगा।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला रामनवमी हिंसा से जुड़ा है, जिसमें NIA अधिकारी अपरूपा के पति और तृणमूल पार्षद शाकिर अली को गिरफ्तार करने पहुँचे थे। आरोप है कि उस दौरान अपरूपा ने अधिकारियों के काम में बाधा डाली, जिसके बाद चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए उनके विरुद्ध मामला दर्ज किया।

पुलिस के अनुसार, अपरूपा को सेरामपुर पुलिस स्टेशन में तय दिन पर पेश होना था, लेकिन वे नहीं आईं। इस कारण उनके खिलाफ गैर-जमानती धारा जोड़ी गई, जिसके चलते जमानत के लिए कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा।

शाकिर अली को भी मिली जमानत

उल्लेखनीय है कि NIA कोर्ट ने एक दिन पहले शुक्रवार को शाकिर अली को सशर्त जमानत दे दी थी। शनिवार को अपरूपा अपने पति के साथ सेरामपुर कोर्ट में पेश हुईं और दोनों को राहत मिली।

वकील और पुलिस के बयान

अपरूपा के अधिवक्ता जॉयदीप मुखर्जी ने कहा, "हम 30 सितंबर को कोलकाता के साल्ट लेक स्थित मयूख भवन में एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश होंगे।" पुलिस मामले पर उन्होंने कहा, "पुलिस अपना काम करेगी। हम अपना काम करेंगे। कोर्ट ने हमारी बात मान ली है। जबकि 'हत्या के प्रयास' की कोई घटना ही नहीं हुई क्योंकि किसी पर 'हमला' नहीं किया गया। पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया। हम कानूनी तौर पर इसका सामना करेंगे।"

वहीं, चंदननगर पुलिस कमिश्नर सुनील कुमार यादव ने कहा, "हमने उन्हें जानकारी लेने के लिए बुलाया था। हमें यह पता लगाने के लिए कहा गया है कि उस दिन कौन-कौन वहाँ मौजूद था। ज़रूरत पड़ने पर हम फिर बुलाएंगे और एक और नोटिस भेजेंगे।"

आगे क्या होगा

जमानत मिलने के बाद पूर्व सांसद ने मीडिया से कोई बयान नहीं दिया। चंदननगर पुलिस ने संकेत दिया है कि जाँच जारी है और अपरूपा को दोबारा नोटिस भेजा जा सकता है। 30 सितंबर को विशेष अदालत में पेशी के बाद मामले की अगली दिशा स्पष्ट होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अपरूपा पोद्दार पर क्या आरोप है?
अपरूपा पोद्दार पर आरोप है कि उन्होंने रामनवमी हिंसा मामले में अपने पति TMC पार्षद शाकिर अली की गिरफ्तारी के दौरान NIA अधिकारियों के काम में बाधा डाली। इसके आधार पर चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट ने स्वतः संज्ञान लेकर उनके विरुद्ध मामला दर्ज किया।
अपरूपा पोद्दार को जमानत कैसे मिली?
4 जुलाई को अपरूपा ने सेरामपुर सब-डिविजन कोर्ट में सरेंडर किया, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी। इससे पहले तय दिन पुलिस स्टेशन न जाने पर उनके खिलाफ गैर-जमानती धारा जोड़ी गई थी, जिसके चलते कोर्ट जाना ज़रूरी हो गया।
शाकिर अली कौन हैं और उनका इस मामले से क्या संबंध है?
शाकिर अली TMC पार्षद और अपरूपा पोद्दार के पति हैं। उन्हें रामनवमी हिंसा मामले में NIA ने गिरफ्तार किया था। NIA कोर्ट ने शुक्रवार को उन्हें सशर्त जमानत दी।
अपरूपा पोद्दार को अगली पेशी कब और कहाँ करनी है?
उन्हें 30 सितंबर को कोलकाता के साल्ट लेक स्थित मयूख भवन में विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश होना होगा। यह आदेश सेरामपुर सब-डिविजन कोर्ट ने जमानत देते समय दिया।
क्या पुलिस आगे भी अपरूपा पोद्दार को बुला सकती है?
हाँ, चंदननगर पुलिस कमिश्नर सुनील कुमार यादव ने कहा है कि जाँच जारी है और अपरूपा को दोबारा नोटिस भेजा जा सकता है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के दिन वहाँ कौन-कौन मौजूद था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 3 दिन पहले
  3. 4 दिन पहले
  4. 5 दिन पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 4 सप्ताह पहले
  7. 4 सप्ताह पहले
  8. 1 महीना पहले