टीएमसी पूर्व सांसद अपरूपा पोद्दार सेरामपुर थाने में पेश नहीं हुईं, पति की NIA गिरफ्तारी से जुड़ा है मामला
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की पूर्व सांसद अपरूपा पोद्दार बुधवार, 1 जुलाई 2026 को सेरामपुर पुलिस स्टेशन में तय समय दोपहर 12 बजे तक पेश नहीं हुईं। उन पर आरोप है कि जब राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) के अधिकारी उनके पति और हुगली जिले की रिशरा नगर पालिका के TMC पार्षद शाकिर अली को गिरफ्तार कर रहे थे, तब उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डाली। यह मामला 2023 के रामनवमी हिंसा से जुड़ा है, जिसमें NIA जाँच कर रही है।
मामले का पूरा घटनाक्रम
मंगलवार को NIA ने शाकिर अली को 2023 के रामनवमी हिंसा मामले में गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान करीब साढ़े चार घंटे तक NIA और केंद्रीय बलों की छापेमारी चली। जब एजेंसी के अधिकारी शाकिर को वाहन में ले जा रहे थे, उसी दौरान अपरूपा पोद्दार की एक महिला पुलिस अधिकारी से सड़क पर बहस हो गई और कथित तौर पर उन्होंने उस अधिकारी का हाथ झटक दिया।
इस घटना के बाद मंगलवार शाम को चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट ने पूर्व सांसद के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए ड्यूटी पर मौजूद सरकारी अधिकारियों के साथ बदसलूकी और उनके काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया। पुलिस ने उन्हें बुधवार दोपहर 12 बजे सेरामपुर थाने में पेश होने का समन भेजा।
समन की अनदेखी और कोर्ट में उपस्थिति
तय समय बीत जाने के बाद भी अपरूपा पोद्दार थाने में नहीं पहुँचीं। हालाँकि, उन्हें उसी दौरान कोलकाता की सिटी सेशंस कोर्ट परिसर में देखा गया, जब उनके पति शाकिर अली को NIA की स्पेशल कोर्ट — जिसे बैंकशाल कोर्ट भी कहा जाता है — में पेश किया गया। कोर्ट में पेशी के बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई।
गौरतलब है कि अपरूपा पोद्दार दो बार लोकसभा सांसद रह चुकी हैं। थाने न पहुँचने और कोर्ट में उपस्थित रहने के कारण के बारे में उनकी ओर से या उनके वकील की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
पुलिस की चेतावनी
चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया, "अगर वह थाने में पेश नहीं होती हैं तो कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।" हालाँकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि उन पर लगाया गया आरोप केवल महिला पुलिस अधिकारी से हुई बहस की उस एकल घटना के कारण है, या छापेमारी के दौरान हुई किसी अन्य घटना के सिलसिले में भी।
रामनवमी हिंसा और NIA जाँच की पृष्ठभूमि
2023 के रामनवमी हिंसा मामले में NIA पश्चिम बंगाल के कई जिलों में जाँच कर रही है। इस मामले में शाकिर अली की गिरफ्तारी उस जाँच की कड़ी में नवीनतम कदम है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्रीय एजेंसियों और राज्य की TMC सरकार के बीच टकराव की घटनाएँ बार-बार सामने आती रही हैं। अपरूपा पोद्दार के खिलाफ दर्ज मामला अब इस राजनीतिक तनाव में एक नया आयाम जोड़ता है।