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रामनवमी हिंसा: एनआईए कोर्ट ने TMC पार्षद शाकिर अली को स्वास्थ्य आधार पर दी सशर्त अंतरिम जमानत

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रामनवमी हिंसा: एनआईए कोर्ट ने TMC पार्षद शाकिर अली को स्वास्थ्य आधार पर दी सशर्त अंतरिम जमानत

सारांश

एनआईए की विशेष अदालत ने TMC पार्षद शाकिर अली को 2023 के रामनवमी हिंसा मामले में स्वास्थ्य आधार पर सशर्त अंतरिम जमानत दी — कैंसर की आशंका और ऑक्सीजन संचार की समस्या का हवाला दिया गया। हर 15 दिन में एनआईए के समक्ष उपस्थिति और राज्य न छोड़ने की शर्त लागू।

मुख्य बातें

एनआईए की विशेष अदालत, कोलकाता ने 3 जुलाई को TMC पार्षद शाकिर अली को सशर्त अंतरिम जमानत प्रदान की।
अली को 30 जून को 2023 के रामनवमी हिंसा मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
जमानत का आधार: कैंसर की आशंका और शरीर में ऑक्सीजन संचार की समस्या ।
शर्त: हर 15 दिन में एनआईए कार्यालय में उपस्थिति; अदालत की अनुमति के बिना राज्य से बाहर जाना वर्जित।
शाकिर अली पूर्व TMC सांसद अपरूपा पोद्दार के पति हैं।
2023 में हुगली जिले के रिषड़ा में रामनवमी शोभायात्रा के दौरान बमबाजी, तोड़फोड़ और आगजनी हुई थी।

कोलकाता स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने शुक्रवार, 3 जुलाई को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पार्षद शाकिर अली को सशर्त अंतरिम जमानत प्रदान की। अली को 2023 के रामनवमी हिंसा मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में 30 जून को गिरफ्तार किया गया था। वे पूर्व तृणमूल कांग्रेस सांसद अपरूपा पोद्दार के पति हैं।

मामले का घटनाक्रम

एनआईए की विशेष अदालत ने गिरफ्तारी के दिन यानी 30 जून को ही शाकिर अली को दो दिन की एनआईए हिरासत में भेज दिया था। इसी अवधि के दौरान उनके अधिवक्ता ने अदालत में जमानत याचिका दायर की, जिस पर 3 जुलाई को बंद कमरे में सुनवाई संपन्न हुई। शुरुआत में याचिका खारिज कर दी गई थी, किंतु बाद में अदालत ने स्वास्थ्य आधारों को ध्यान में रखते हुए सशर्त अंतरिम जमानत स्वीकृत की।

स्वास्थ्य आधार पर मांगी गई जमानत

शाकिर अली के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल को कैंसर होने की आशंका है और उनका उपचार जारी है। अधिवक्ता ने मीडिया से कहा, 'उन्हें नियमित रूप से कई चिकित्सकीय जांच करानी पड़ती हैं। उनके शरीर में ऑक्सीजन संचार से जुड़ी समस्या भी है। वह जांच में एनआईए का पूरा सहयोग कर रहे हैं। इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए विशेष एनआईए अदालत ने अंतरिम और सशर्त जमानत प्रदान की है।'

जमानत की शर्तें

अदालत ने जमानत के साथ कड़ी शर्तें भी अधिरोपित की हैं। जांच प्रक्रिया के हित में शाकिर अली को हर 15 दिन में एनआईए कार्यालय में उपस्थित होना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, अदालत की पूर्व अनुमति के बिना वे राज्य से बाहर नहीं जा सकेंगे।

2023 का रामनवमी हिंसा प्रकरण

गौरतलब है कि वर्ष 2023 में हुगली जिले के रिषड़ा इलाके में रामनवमी शोभायात्रा के दौरान व्यापक हिंसा भड़क उठी थी। बमबाजी, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया था, और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ था। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई दिनों तक कर्फ्यू जैसी स्थिति लागू करनी पड़ी थी।

उस दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तत्कालीन नेता दिलीप घोष एक कार्यक्रम में शामिल होकर वहां से निकले थे। आरोप है कि उनके जाने के कुछ समय बाद ही हिंसा भड़क गई थी, हालांकि इस संबंध में जांच अभी जारी है।

आगे क्या होगा

एनआईए इस मामले की जांच जारी रखेगी और शाकिर अली को तय शर्तों का पालन करते हुए नियमित रूप से एजेंसी के समक्ष उपस्थित होना होगा। यह मामला पश्चिम बंगाल में सांप्रदायिक हिंसा की जांच के व्यापक परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण है, और आने वाले हफ्तों में अदालती कार्यवाही की दिशा पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और एनआईए की सक्रियता को विपक्ष केंद्र-राज्य टकराव के नजरिए से देखता है। असली सवाल यह है कि क्या जांच एजेंसी इस मामले में ठोस साक्ष्य-आधारित आरोप-पत्र दाखिल कर पाएगी, या यह मामला लंबी कानूनी प्रक्रिया में उलझकर रह जाएगा।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शाकिर अली को किस मामले में गिरफ्तार किया गया था?
शाकिर अली को 2023 के रामनवमी हिंसा मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में 30 जून को एनआईए ने गिरफ्तार किया था। यह हिंसा हुगली जिले के रिषड़ा इलाके में रामनवमी शोभायात्रा के दौरान भड़की थी, जिसमें बमबाजी, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुई थीं।
एनआईए कोर्ट ने शाकिर अली को जमानत क्यों दी?
अदालत ने स्वास्थ्य कारणों के आधार पर सशर्त अंतरिम जमानत दी। उनके अधिवक्ता ने बताया कि अली को कैंसर होने की आशंका है, उनका उपचार जारी है, और उनके शरीर में ऑक्सीजन संचार से जुड़ी समस्या भी है।
जमानत पर क्या शर्तें लगाई गई हैं?
शाकिर अली को हर 15 दिन में एनआईए कार्यालय में उपस्थित होना होगा और अदालत की अनुमति के बिना राज्य से बाहर नहीं जा सकेंगे। जांच में एनआईए का पूर्ण सहयोग करना भी अनिवार्य है।
2023 की रामनवमी हिंसा कहां और कैसे हुई थी?
वर्ष 2023 में हुगली जिले के रिषड़ा इलाके में रामनवमी शोभायात्रा के दौरान हिंसा भड़की थी। बमबाजी, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं के बाद प्रशासन को कई दिनों तक कर्फ्यू जैसी स्थिति लागू करनी पड़ी थी।
राष्ट्र प्रेस
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