आर्यभट्ट विज्ञापन विवाद: अमेजन इंडिया को कानूनी नोटिस, 48 घंटे में माफी और विज्ञापन हटाने की मांग
सारांश
मुख्य बातें
अमेजन इंडिया अपनी 'अमेजन नाऊ' सेवा के एक प्रचार अभियान को लेकर गंभीर विवाद में घिर गई है, जिसमें प्राचीन भारत के महान गणितज्ञ और खगोलशास्त्री आर्यभट्ट का कथित तौर पर अपमानजनक चित्रण किया गया है। हिंदू जनजागृति समिति की शिकायत के आधार पर सर्वोच्च न्यायालय में कार्यरत अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने 12 जून 2026 को कंपनी को औपचारिक कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में 48 घंटे के भीतर सार्वजनिक माफी और विज्ञापन हटाने की माँग की गई है।
विवाद की जड़: विज्ञापन में क्या है आपत्तिजनक
हिंदू जनजागृति समिति का आरोप है कि अमेजन नाऊ के प्रचार अभियान में आर्यभट्ट की वेशभूषा में एक व्यक्ति को हास्य और व्यंग्य के अंदाज में प्रस्तुत किया गया है। समिति का कहना है कि आर्यभट्ट केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान, विज्ञान और गणित की महान परंपरा के जीवंत प्रतीक हैं।
समिति ने यह भी रेखांकित किया कि आर्यभट्ट ने गणित और खगोल विज्ञान में अतुलनीय योगदान दिया — विशेष रूप से 'शून्य' की अवधारणा को विश्व स्तर पर स्थापित करने में उनका नाम आदर के साथ लिया जाता है। ऐसे में उनका उपयोग व्यावसायिक प्रचार के लिए इस प्रकार करना भारतीय सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय सम्मान के विरुद्ध है।
कानूनी नोटिस में क्या माँगें रखी गई हैं
अधिवक्ता अमिता सचदेवा द्वारा भेजे गए नोटिस में अमेजन इंडिया से तीन प्रमुख माँगें की गई हैं। पहली — 48 घंटे के भीतर जनता से बिना शर्त सार्वजनिक माफी माँगी जाए। दूसरी — संबंधित विज्ञापन को यूट्यूब, इंस्टाग्राम, एक्स (पूर्व में ट्विटर), टेलीविजन और अन्य सभी डिजिटल माध्यमों से तत्काल हटाया जाए। तीसरी — कंपनी अपने आधिकारिक मंचों और प्रमुख समाचार पत्रों में माफीनामा प्रकाशित करे।
नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर उचित कदम न उठाए जाने पर कंपनी के विरुद्ध दीवानी और आपराधिक दोनों प्रकार की कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
सोशल मीडिया और जन-प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस विज्ञापन के विरुद्ध व्यापक विरोध देखा जा रहा है और कई उपयोगकर्ताओं ने अमेजन के खिलाफ ऑनलाइन अभियान छेड़ दिया है। गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब कंपनी पर इस तरह के आरोप लगे हों — हिंदू जनजागृति समिति का कहना है कि इससे पहले भी अमेजन पर हिंदू धार्मिक प्रतीकों और सांस्कृतिक भावनाओं के प्रति असंवेदनशीलता के आरोप लग चुके हैं।
आगे क्या होगा
अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने स्पष्ट किया है कि यदि 48 घंटे की समय-सीमा के भीतर अमेजन इंडिया की ओर से कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई, तो मामले को अदालत में ले जाया जाएगा। अभी तक अमेजन इंडिया की ओर से इस नोटिस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह मामला बड़े बहुराष्ट्रीय ब्रांडों द्वारा भारतीय सांस्कृतिक प्रतीकों के विज्ञापन-उपयोग की सीमाओं पर एक व्यापक बहस को जन्म दे सकता है।