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इंडिया गठबंधन की बैठक 'फ्लॉप' रही — तेलंगाना BJP प्रवक्ता अशोक मुस्तापुरे का विपक्ष पर तीखा हमला

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इंडिया गठबंधन की बैठक 'फ्लॉप' रही — तेलंगाना BJP प्रवक्ता अशोक मुस्तापुरे का विपक्ष पर तीखा हमला

सारांश

तेलंगाना BJP प्रवक्ता अशोक मुस्तापुरे ने इंडिया गठबंधन की दिल्ली बैठक को 'फ्लॉप' करार देते हुए SIR प्रक्रिया पर विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बहानेबाज़ी बताया। उनके अनुसार, खड़गे का मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने का ऐलान चुनावी हार की आशंका से उपजा है।

मुख्य बातें

तेलंगाना BJP प्रवक्ता अशोक मुस्तापुरे ने 8 जून 2026 को इंडिया गठबंधन की दिल्ली बैठक को 'फ्लॉप' बताया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने के ऐलान को मुस्तापुरे ने राजनीतिक बहाना करार दिया।
मुस्तापुरे के अनुसार SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) एक नियमित प्रक्रिया है जो कांग्रेस शासन में भी लागू रही थी।
ममता बनर्जी और राहुल गांधी पर SIR मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया।
पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि जनता ने BJP के पक्ष में बदलाव का संकेत दिया है।

तेलंगाना भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता अशोक मुस्तापुरे ने 8 जून 2026 को हैदराबाद में कहा कि नई दिल्ली में सोमवार को हुई इंडिया गठबंधन की बैठक पूरी तरह 'फ्लॉप' रही और विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग (ECI) पर उठाए गए सवाल बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पूर्णतः पारदर्शी है और उसे बिना किसी हस्तक्षेप के स्वतंत्र रूप से काम करने देना चाहिए।

बैठक पर BJP का आकलन

मुस्तापुरे ने कहा कि बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का यह बयान कि वे मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखेंगे, यह दर्शाता है कि विपक्ष केवल एक राजनीतिक बहाना तलाश रहा है। उनके अनुसार, चुनावी हार अथवा संभावित हार की आशंका से बचने के लिए इस प्रकार के मुद्दे उछाले जा रहे हैं।

एसआईआर प्रक्रिया पर BJP का पक्ष

मुस्तापुरे ने स्पष्ट किया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कोई नई या विवादास्पद प्रक्रिया नहीं है — यह वर्षों से चली आ रही एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है, जो कांग्रेस शासन के दौरान भी लागू रही थी। उनके अनुसार, मतदाता सूची की शुद्धता और चुनावी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए।

विपक्ष पर राजनीतिक रंग देने का आरोप

मुस्तापुरे ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी मिलकर SIR मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ की जनता ने BJP को समर्थन देकर बदलाव का स्पष्ट संकेत दिया है।

चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर जोर

मुस्तापुरे ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे कार्य सही दिशा में हैं और उन पर किसी प्रकार का संदेह उचित नहीं है। उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे अपनी राजनीतिक असहजता को छिपाने के लिए इस तरह के निराधार आरोप लगा रहे हैं।

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब इंडिया गठबंधन के दलों ने SIR प्रक्रिया को लेकर संयुक्त मोर्चा बनाने की कोशिश की है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसदीय सत्र और राज्य विधानसभाओं में भी गूँजने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि मतदाता सूची की विश्वसनीयता का भी है। खड़गे का मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने का कदम संवैधानिक मार्ग है, न कि राजनीतिक चाल — इस अंतर को नज़रअंदाज़ करना बहस को सरलीकृत करता है। असली सवाल यह है कि SIR के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही के क्या मानक हैं — जिस पर दोनों पक्षों को ठोस जवाब देना होगा।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया गठबंधन की बैठक में क्या हुआ जिसे BJP ने 'फ्लॉप' बताया?
8 जून 2026 को नई दिल्ली में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने का ऐलान किया, जिसे तेलंगाना BJP प्रवक्ता अशोक मुस्तापुरे ने राजनीतिक बहानेबाज़ी करार दिया।
SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया क्या है और विवाद क्यों है?
SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन, चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों की समीक्षा और शुद्धि के लिए चलाई जाने वाली नियमित प्रक्रिया है। विपक्ष का आरोप है कि इससे मतदाताओं के नाम अनुचित तरीके से हटाए जा रहे हैं, जबकि BJP का कहना है कि यह पारदर्शी और पुरानी प्रक्रिया है जो कांग्रेस शासन में भी लागू रही।
अशोक मुस्तापुरे ने ममता बनर्जी और राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाया?
मुस्तापुरे ने कहा कि TMC प्रमुख ममता बनर्जी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी मिलकर SIR मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रहे हैं। उनके अनुसार, यह विपक्ष की चुनावी असहजता को छिपाने की कोशिश है।
BJP ने पश्चिम बंगाल का उदाहरण क्यों दिया?
मुस्तापुरे ने पश्चिम बंगाल का हवाला देते हुए कहा कि वहाँ की जनता ने BJP को समर्थन देकर बदलाव का संकेत दिया है। यह TMC की राजनीतिक पकड़ पर सवाल उठाने और इंडिया गठबंधन की एकजुटता को कमज़ोर दिखाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
क्या चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर BJP और विपक्ष के बीच टकराव नया है?
नहीं, चुनाव आयोग की भूमिका और SIR जैसी प्रक्रियाओं पर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच विवाद पहले भी उठते रहे हैं। इस बार इंडिया गठबंधन ने संयुक्त मोर्चा बनाकर मुख्य न्यायाधीश तक पहुँचने का रास्ता चुना है, जो इस विवाद को एक नया संवैधानिक आयाम देता है।
राष्ट्र प्रेस
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