11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

धोलाई विधानसभा 2026: भाजपा के अमिया कांति दास ने कांग्रेस को 44,462 वोटों से हराया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
धोलाई विधानसभा 2026: भाजपा के अमिया कांति दास ने कांग्रेस को 44,462 वोटों से हराया

सारांश

धोलाई में भाजपा की जीत महज़ एक सीट का नतीजा नहीं — यह 1991 से चले आ रहे वर्चस्व की ताज़ा कड़ी है। 44,462 वोटों का अंतर बताता है कि अनुसूचित जाति आरक्षित इस सीट पर कांग्रेस अभी भी भाजपा की काट नहीं खोज पाई है।

मुख्य बातें

भाजपा के अमिया कांति दास ने धोलाई विधानसभा सीट पर 1,00,634 मत हासिल किए।
कांग्रेस के ध्रुबज्योति पुरकायस्थ को 56,172 वोट मिले; जीत का अंतर 44,462 मत रहा।
धोलाई सीट 1967 में गठित हुई; भाजपा ने 1991 में पहली जीत के बाद अब तक छह बार यह सीट जीती है।
2026 की मतदाता सूची में 1,96,571 मतदाता पंजीकृत थे, जो 2024 के 1,92,938 से अधिक हैं।
धोलाई, कछार जिले की अनुसूचित जाति आरक्षित सीट है और सिलचर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है।

असम की धोलाई विधानसभा सीट पर 4 मई 2026 को आए चुनाव परिणाम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एकतरफा जीत दर्ज की। भाजपा उम्मीदवार अमिया कांति दास ने कांग्रेस प्रत्याशी ध्रुबज्योति पुरकायस्थ को 44,462 मतों के विशाल अंतर से पराजित किया। यह जीत कछार जिले की इस अनुसूचित जाति आरक्षित सीट पर भाजपा के मज़बूत जनाधार को एक बार फिर रेखांकित करती है।

मतगणना के प्रमुख आँकड़े

अमिया कांति दास को कुल 1,00,634 मत प्राप्त हुए, जबकि कांग्रेस के ध्रुबज्योति पुरकायस्थ को 56,172 वोट मिले। जीत का अंतर 44,462 मत रहा, जो इस सीट के चुनावी इतिहास में उल्लेखनीय माना जा रहा है। 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची में धोलाई में कुल 1,96,571 मतदाता पंजीकृत थे — जो 2024 के 1,92,938 मतदाताओं की तुलना में अधिक हैं।

धोलाई सीट का राजनीतिक इतिहास

धोलाई विधानसभा सीट का गठन 1967 में हुआ था। तब से अब तक यहाँ 13 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं, जिनमें 1970 और 2024 के उपचुनाव भी शामिल हैं। भाजपा ने इस सीट पर पहली जीत 1991 में दर्ज की थी और तब से इसे अपना मज़बूत गढ़ बनाए रखा है।

आँकड़ों के अनुसार, भाजपा ने धोलाई सीट से अब तक छह बार जीत हासिल की है, जबकि कांग्रेस ने पाँच बार इस सीट पर कब्ज़ा किया। प्रारंभिक दो चुनावों — 1967 और 1970 के उपचुनाव — में नेशनलिस्ट जनता कांग्रेस और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने एक-एक बार जीत दर्ज की थी।

धोलाई क्षेत्र की भौगोलिक पहचान

धोलाई, असम के कछार जिले की नरसिंहपुर तहसील में स्थित एक प्रमुख गाँव है। यह सीट सिलचर लोकसभा क्षेत्र के सात विधानसभा खंडों में से एक है और अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है। जिला मुख्यालय सिलचर से धोलाई लगभग 25-30 किलोमीटर की दूरी पर है। निकटतम रेलवे स्टेशन सिलचर रेलवे स्टेशन है, जो यहाँ से करीब 35 किलोमीटर दूर है।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब असम में भारतीय जनता पार्टी अपनी राजनीतिक पकड़ और मज़बूत करने में जुटी है। धोलाई जैसी आरक्षित सीटों पर भारी जीत का अंतर पार्टी के लिए रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। आने वाले दिनों में राज्य में सरकार गठन की प्रक्रिया और नवनिर्वाचित विधायकों की भूमिका पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

462 वोटों की जीत सतह पर एक स्थानीय नतीजा लगती है, लेकिन गहराई से देखें तो यह अनुसूचित जाति आरक्षित सीटों पर कांग्रेस की लगातार कमज़ोर होती पकड़ को उजागर करती है। 1991 से भाजपा का यहाँ एकछत्र वर्चस्व रहा है, जबकि कांग्रेस अपनी पाँच जीतें दशकों पुरानी हैं। सवाल यह है कि असम में विपक्ष के पास ऐसी आरक्षित सीटों पर भाजपा को चुनौती देने की कोई ठोस रणनीति है या नहीं — और यदि नहीं, तो राज्य की राजनीति में प्रतिस्पर्धा का भविष्य क्या होगा।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धोलाई विधानसभा सीट 2026 का चुनाव परिणाम क्या रहा?
भाजपा के अमिया कांति दास ने 1,00,634 मत पाकर कांग्रेस के ध्रुबज्योति पुरकायस्थ को 44,462 वोटों के अंतर से हराया। पुरकायस्थ को 56,172 मत मिले।
धोलाई सीट किस जिले और लोकसभा क्षेत्र में आती है?
धोलाई विधानसभा सीट असम के कछार जिले की नरसिंहपुर तहसील में स्थित है और सिलचर लोकसभा क्षेत्र के सात विधानसभा खंडों में से एक है। यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है।
धोलाई सीट पर भाजपा ने पहली बार कब जीत दर्ज की थी?
भाजपा ने धोलाई विधानसभा सीट पर पहली जीत 1991 में हासिल की थी। तब से पार्टी ने यह सीट कुल छह बार जीती है।
2026 में धोलाई सीट पर कुल कितने मतदाता थे?
2026 के विधानसभा चुनाव की अंतिम मतदाता सूची के अनुसार धोलाई सीट पर 1,96,571 मतदाता पंजीकृत थे, जो 2024 के 1,92,938 मतदाताओं से अधिक हैं।
धोलाई में कांग्रेस और भाजपा ने कितनी-कितनी बार जीत दर्ज की है?
1967 में सीट गठन के बाद से हुए 13 चुनावों में भाजपा ने छह बार और कांग्रेस ने पाँच बार जीत हासिल की है। शुरुआती दो चुनावों में नेशनलिस्ट जनता कांग्रेस और एक निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले