28 अगस्त 2026
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असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने गुजरात के 'स्वागत' सिस्टम का अध्ययन किया, सोमनाथ मंदिर में की पूजा

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असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने गुजरात के 'स्वागत' सिस्टम का अध्ययन किया, सोमनाथ मंदिर में की पूजा

सारांश

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का गुजरात दौरा दो रंगों में रहा — एक तरफ 2003 से चली आ रही 'स्वागत' प्रणाली का शासन-पाठ, जो 90% से अधिक शिकायतें सुलझाती है; दूसरी तरफ सोमनाथ में आस्था और UCC पर राजनीतिक बयानबाजी।

मुख्य बातें

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 27 अगस्त 2026 को गुजरात का दौरा किया।
गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 'स्वागत' ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली की जानकारी दी।
यह प्रणाली 2003 में शुरू हुई थी और 90% से अधिक शिकायतों का समाधान करती है।
सरमा ने परिवार सहित सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए और 'भारतवर्ष की शांति और समृद्धि' के लिए प्रार्थना की।
सरमा ने यूनिफॉर्म सिविल कोड न लागू होने के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया और महिलाओं से पार्टी के बहिष्कार का आह्वान किया।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 27 अगस्त 2026 को गुजरात के दौरे के दौरान राज्य की चर्चित 'स्वागत' ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली का विस्तृत अध्ययन किया और सोमनाथ मंदिर में परिवार सहित पूजा-अर्चना की। यह दौरा शासन-सुधार और आस्था — दोनों दृष्टियों से उल्लेखनीय रहा।

स्वागत प्रणाली: क्या है और कैसे काम करती है

गांधीनगर में सरमा को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 'स्वागत' प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। यह प्रणाली 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में शुरू की गई थी और नागरिकों को अपनी शिकायतें ऑनलाइन दर्ज कराने व उनके समाधान को ट्रैक करने की सुविधा देती है।

पटेल और संघवी ने बताया कि यह एक तीन-स्तरीय प्रणाली है — गाँव, तालुका और जिला स्तर पर — जिसके माध्यम से प्राप्त 90 प्रतिशत से अधिक शिकायतों का समाधान किया जाता है। सरमा ने इस तकनीक-आधारित शासन मॉडल में गहरी रुचि दिखाई।

इस बैठक में असम के वित्त मंत्री, गांधीनगर के विधायक अल्पेश ठाकोर, गुजरात के मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. विक्रांत पांडे और विशेष ड्यूटी पर तैनात अधिकारी धीरज पारेख तथा राकेश व्यास भी उपस्थित रहे।

सोमनाथ में दर्शन और आस्था का संदेश

दौरे के पहले चरण में सरमा गिर सोमनाथ पहुँचे, जहाँ वे हेलीपैड पर उतरे और परिवार सहित सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए। उन्होंने कहा, 'आज मुझे अपने परिवार के साथ भगवान सोमनाथ के दिव्य दर्शन करने का सौभाग्य मिला।'

सरमा ने सोमनाथ ज्योतिर्लिंग को आस्था और भारत की प्राचीन सभ्यता का प्रतीक बताया और कहा कि इसका इतिहास सनातन परंपरा के अनुयायियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने 'भारतवर्ष की शांति और समृद्धि' के लिए प्रार्थना की। सावन माह के संदर्भ में उन्होंने इस यात्रा को विशेष रूप से पवित्र बताया।

UCC और महिला अधिकारों पर सरमा के बयान

गुजरात दौरे के दौरान सरमा ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (समान नागरिक संहिता) और महिला अधिकारों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में अब तक समान नागरिक संहिता लागू न हो पाने के लिए यही पार्टी जिम्मेदार है। उन्होंने महिलाओं से कांग्रेस का बहिष्कार करने का आह्वान किया।

सरमा ने 'जेन-जी' और 'जेन अल्फा' जैसी पीढ़ीगत अवधारणाओं को भारतीय संदर्भ में अप्रासंगिक बताते हुए कहा कि ये विचार अमेरिका और यूरोप में उपजे हैं और भारतीय पारिवारिक-सामाजिक ढाँचे से मेल नहीं खाते। उनके अनुसार भारतीय समाज बेटे-बेटी, माता-पिता और दादा-दादी/नाना-नानी जैसे रिश्तों के इर्द-गिर्द बना है।

आगे क्या

गौरतलब है कि यह दौरा ऐसे समय में आया है जब कई राज्य सरकारें शासन में डिजिटल तकनीक को अपनाने की दिशा में कदम उठा रही हैं। असम में 'स्वागत' जैसी किसी प्रणाली को लागू किया जाएगा या नहीं, इस पर सरमा ने अभी कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन उनकी रुचि इस संभावना को खुला रखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके राजनीतिक निहितार्थ स्पष्ट हैं — भाजपा शासित राज्यों के बीच 'सर्वश्रेष्ठ प्रशासन मॉडल' साझा करने की परंपरा को आगे बढ़ाना और गुजरात मॉडल की विरासत को जीवित रखना। 'स्वागत' प्रणाली की 90% समाधान दर प्रभावशाली है, लेकिन यह आँकड़ा सरकारी स्रोतों पर आधारित है — स्वतंत्र सत्यापन की कमी एक सवाल छोड़ती है। असम में इसे लागू करने की कोई घोषणा न होना यह भी दर्शाता है कि यह दौरा अभी इरादे की परीक्षा है, नीति की नहीं।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात की 'स्वागत' प्रणाली क्या है?
'स्वागत' गुजरात सरकार की ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली है, जो 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में शुरू हुई थी। यह गाँव, तालुका और जिला स्तर पर तीन-स्तरीय ढाँचे में काम करती है और 90% से अधिक शिकायतों का समाधान करती है।
हिमंत बिस्वा सरमा ने गुजरात दौरे में क्या देखा?
सरमा ने गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी से 'स्वागत' प्रणाली की विस्तृत जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने सोमनाथ मंदिर में परिवार सहित पूजा-अर्चना की।
सरमा ने UCC पर क्या कहा?
सरमा ने कहा कि देश में अब तक यूनिफॉर्म सिविल कोड (समान नागरिक संहिता) लागू न होने के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। उन्होंने महिलाओं से कांग्रेस का बहिष्कार करने का आह्वान किया।
क्या असम में 'स्वागत' जैसी प्रणाली लागू होगी?
अभी तक सरमा ने असम में इस प्रणाली को लागू करने की कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है। उनकी रुचि और अध्ययन-यात्रा इस संभावना को खुला रखती है, लेकिन कोई समयसीमा या नीतिगत निर्णय सामने नहीं आया है।
सरमा ने 'जेन-जी' और 'जेन अल्फा' पर क्या टिप्पणी की?
सरमा ने इन पीढ़ीगत लेबलों को भारतीय संदर्भ में अप्रासंगिक बताया। उनका कहना था कि ये अवधारणाएँ अमेरिका और यूरोप से आई हैं और भारतीय समाज की पारिवारिक संरचना से मेल नहीं खातीं।
राष्ट्र प्रेस
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