असम राइफल्स की कार्रवाई: कछार में ₹3.49 करोड़ की मेथामफेटामाइन जब्त, एक तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
असम राइफल्स और असम पुलिस के संयुक्त अभियान में 3 नवंबर 2026 को कछार जिले की सिलचर बाईपास रोड पर एक संदिग्ध ड्रग तस्कर को गिरफ्तार किया गया और उसके पास से ₹3.49 करोड़ मूल्य की 1.363 किलोग्राम मेथामफेटामाइन गोलियाँ बरामद की गईं। रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता के अनुसार, यह कार्रवाई पूर्वोत्तर भारत में सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे निरंतर अभियान का हिस्सा है।
कार्रवाई का विवरण
अभियान के दौरान आरोपी के पास से मेथामफेटामाइन गोलियों के अलावा एक स्कूटी और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। गिरफ्तार व्यक्ति को बरामद नशीले पदार्थों और अन्य सामग्री सहित नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985 के तहत कानूनी कार्रवाई के लिए असम पुलिस को सौंप दिया गया।
याबा: क्या है यह 'क्रेजी ड्रग'
जब्त मेथामफेटामाइन गोलियों को आमतौर पर 'याबा' या 'पार्टी टैबलेट' कहा जाता है। इनमें मेथामफेटामाइन और कैफीन का मिश्रण होता है और इन्हें 'क्रेजी ड्रग' के नाम से भी जाना जाता है। भारत में पूरी तरह प्रतिबंधित ये सिंथेटिक ड्रग्स अत्यधिक नशे की लत लगाने वाली होती हैं।
दो दिन में दूसरी बड़ी बरामदगी
गौरतलब है कि इससे महज दो दिन पहले 1 नवंबर 2026 को असम राइफल्स ने कछार जिले के ढोलाई बाजार में सिलचर स्थित डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) के साथ संयुक्त अभियान चलाकर ₹40 करोड़ मूल्य की 20 किलोग्राम क्रिस्टल मेथामफेटामाइन जब्त की थी। इसे दक्षिणी असम में क्रिस्टल मेथामफेटामाइन की अब तक की सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक माना जा रहा है।
म्यांमार से जुड़ा तस्करी का जाल
विशेषज्ञों के अनुसार, मिजोरम और मणिपुर पूर्वोत्तर में ड्रग तस्करी के प्रमुख गलियारे बनकर उभरे हैं। इसका मुख्य कारण म्यांमार के साथ इन राज्यों की लंबी और दुर्गम अंतरराष्ट्रीय सीमाएँ हैं, और इनका 'गोल्डन ट्रायंगल' के निकट होना है — जो दुनिया में अवैध नशीले पदार्थों के उत्पादन के प्रमुख केंद्रों में से एक माना जाता है।
आगे की स्थिति
लगातार हुई इन बरामदगियों से स्पष्ट होता है कि सुरक्षा और कानून प्रवर्तन एजेंसियाँ पूर्वोत्तर क्षेत्र में सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी रोकने के प्रयासों को और तेज कर रही हैं। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है और जाँच एजेंसियाँ तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटी हैं।