अयोध्या राम मंदिर धन हेराफेरी: एसआईटी की तीसरे दिन भी जांच, आईटी टीम ने खंगाले सीसीटीवी और डिजिटल रिकॉर्ड
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या के राम जन्मभूमि परिसर में कथित धन हेराफेरी की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 17 जून को लगातार तीसरे दिन अपनी कार्रवाई जारी रखी। एसआईटी की निगरानी में आईटी विशेषज्ञों की एक विशेष टीम ने परिसर में मौजूद सीसीटीवी फुटेज, डेटा संग्रहण और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की बारीकी से पड़ताल की, ताकि कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े तथ्य सामने लाए जा सकें।
मुख्य घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार, आईटी विशेषज्ञों की टीम पिछले कई घंटों से तकनीकी साक्ष्यों को सुरक्षित करने में जुटी रही। एसआईटी ने रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू से भी कई घंटों तक पूछताछ की। जांच एजेंसी मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों, लेन-देन और डिजिटल रिकॉर्ड की व्यापक समीक्षा कर रही है।
एसआईटी का गठन और जनादेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित इस एसआईटी का नेतृत्व लखनऊ संभागीय आयुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन कर रहे हैं। एसआईटी को सात दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों के भीतर अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। जांच टीम का फोकस वित्तीय रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों के माध्यम से मामले की सच्चाई उजागर करने पर है।
सीएम योगी का प्रस्तावित अयोध्या दौरा
जांच के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 19 जून को अयोध्या दौरा भी चर्चा में है। उनकी यह यात्रा श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की जयंती समारोह की तैयारियों के संदर्भ में है, जो 27 जून को आयोजित होना है। 19 जून को ही अयोध्या में श्री राम कथा का शुभारंभ भी होगा।
विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्र किए गए चंदे में कथित गबन को लेकर विवाद चल रहा है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब राम मंदिर राष्ट्रीय आस्था का प्रतीक बन चुका है और इससे जुड़ी किसी भी अनियमितता की खबर व्यापक सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया उत्पन्न करती है।
आगे क्या होगा
एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद मामले की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है। डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों की जांच पूरी होने के बाद जांच दल अपने निष्कर्ष सरकार को सौंपेगा, जिससे यह तय होगा कि आगे की कार्रवाई क्या होगी।