बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार की एयर एम्बुलेंस सेवा में उठाए गंभीर सवाल
सारांश
Key Takeaways
- बाबूलाल मरांडी ने एयर एम्बुलेंस सेवा में अनियमितताओं का आरोप लगाया है।
- सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
- 30 प्रतिशत बर्न इंजरी पर सब्सिडी देने के निर्णय पर सवाल उठाए गए हैं।
- सेवा का लाभ सीमित लोगों तक ही सीमित है।
- कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है।
रांची, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे चार्टर्ड एयर एम्बुलेंस सेवा पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बहुप्रचारित योजना में कई गंभीर अनियमितताएं पाई जा रही हैं और इसके लिए निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है।
मरांडी ने कहा कि हाल के हवाई हादसे के पश्चात इस सेवा की कार्यप्रणाली पर संदेह उत्पन्न हो गया है। उनका कहना है कि सेवा प्रदाता कंपनी ने एक मरीज को 30 प्रतिशत से अधिक बर्न इंजरी के आधार पर सरकारी सब्सिडी देने से इनकार कर दिया, लेकिन बाद में अधिक किराए पर उसी मरीज को दिल्ली ले जाने की अनुमति दे दी।
उन्होंने बताया कि इस तरह की शर्तों के द्वारा जरूरतमंदों से अधिक राशि वसूली जा रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार से यह स्पष्ट करने का अनुरोध किया कि 30 प्रतिशत तक की बर्न इंजरी पर सब्सिडी देने का निर्णय किस आधार पर लिया गया। उन्होंने यह पूछने का भी दावा किया कि क्या इस मामले में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह ली गई थी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि 30 प्रतिशत से अधिक बर्न इंजरी के मामले में हवाई यात्रा असुरक्षित है, तो अधिक शुल्क लेकर इसकी अनुमति कैसे दी गई।
मरांडी ने यह भी कहा कि 28 अप्रैल 2023 से शुरू हुई इस सेवा का लाभ अभी तक केवल कुछ ही लोगों को मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के बजट में 10 करोड़ रुपए का प्रावधान होने के बावजूद योजना का लाभ व्यापक स्तर पर नहीं पहुंच सका है।
उन्होंने मांग की कि एयर एम्बुलेंस सेवा देने वाली कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि कोई अनियमितता पाई जाती है, तो कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाए और अब तक वसूले गए किराए की पारदर्शी समीक्षा की जाए।