7 जुलाई 2026
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बच्चों में ब्रोंकियल अस्थमा नियंत्रण के लिए योग: पीएम ई-विद्या पर 7 जुलाई को विशेषज्ञों ने दिए अहम सुझाव

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बच्चों में ब्रोंकियल अस्थमा नियंत्रण के लिए योग: पीएम ई-विद्या पर 7 जुलाई को विशेषज्ञों ने दिए अहम सुझाव

सारांश

बच्चों में बढ़ती सांस की समस्याओं के बीच एनसीईआरटी ने पीएम ई-विद्या पर 'योगशक्ति' कार्यक्रम आयोजित किया। विशेषज्ञ कृष्ण कुमार गुप्ता ने प्राणायाम और आसन से ब्रोंकियल अस्थमा के योगिक प्रबंधन पर मार्गदर्शन दिया — यह पहल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के बाद स्कूली स्वास्थ्य शिक्षा को नई दिशा देने का प्रयास है।

मुख्य बातें

7 जुलाई 2026 को पीएम ई-विद्या चैनल 6-12 पर 'योगशक्ति' लाइव कार्यक्रम प्रसारित हुआ।
योग विशेषज्ञ कृष्ण कुमार गुप्ता और एमडीएनआईवाई के पूर्व छात्रों ने बच्चों के लिए उपयुक्त योग पद्धतियाँ प्रदर्शित कीं।
विशेषज्ञों के अनुसार प्राणायाम, आसन और ध्यान चिकित्सकीय उपचार के साथ पूरक रूप में अस्थमा लक्षणों में सुधार ला सकते हैं।
कार्यक्रम 21 जून 2026 को मनाए गए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की निरंतरता में आयोजित किया गया।
सत्र विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों — सभी के लिए खुला था और इसमें बच्चों को विशेषज्ञों से सीधे संवाद का अवसर मिला।

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के तत्वावधान में 7 जुलाई 2026 को पीएम ई-विद्या चैनलों पर एक विशेष लाइव कार्यक्रम 'योगशक्ति — बच्चों में ब्रोंकियल अस्थमा का योगिक प्रबंध' आयोजित किया गया, जिसमें योग विशेषज्ञों ने बच्चों की श्वसन क्षमता सुधारने के लिए व्यावहारिक योगाभ्यासों का प्रदर्शन किया। यह सत्र पीएम ई-विद्या चैनल 6 से 12 पर प्रसारित हुआ और विद्यार्थियों, अभिभावकों तथा शिक्षकों सभी के लिए खुला रखा गया।

कार्यक्रम का विवरण और प्रमुख विशेषज्ञ

इस लाइव सत्र में योग विशेषज्ञ कृष्ण कुमार गुप्ता तथा मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (एमडीएनआईवाई) के पूर्व छात्र एवं प्रशिक्षकों ने हिस्सा लिया। उन्होंने स्कूली बच्चों के लिए उपयुक्त योग पद्धतियों — विशेष रूप से प्राणायाम, आसन और ध्यान — के लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में बच्चों को विशेषज्ञों से सीधे संवाद का अवसर भी मिला, जिससे सत्र संवादात्मक और प्रभावी बना।

योग और ब्रोंकियल अस्थमा: क्या कहते हैं अध्ययन

विशेषज्ञों के अनुसार, चिकित्सकीय उपचार के साथ पूरक रूप में अपनाए जाने पर योग बच्चों में अस्थमा से जुड़े लक्षणों और फेफड़ों की कार्यक्षमता में सुधार लाने में सहायक हो सकता है। गौरतलब है कि विभिन्न अध्ययनों में यह संकेत मिला है कि नियमित योगाभ्यास तनाव कम करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक है — हालाँकि इसे किसी भी स्थिति में दवाइयों का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पृष्ठभूमि में यह पहल

यह कार्यक्रम ऐसे समय में आया है जब 21 जून 2026 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस देशभर में व्यापक रूप से मनाया गया था। उस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्रों के सामूहिक योग सत्र आयोजित हुए और लोगों ने स्वस्थ जीवनशैली के लिए योग अपनाने का संकल्प लिया। यह पहल उसी गति को आगे बढ़ाने का प्रयास है।

आम जनता और अभिभावकों पर असर

यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन अभिभावकों और शिक्षकों के लिए उपयोगी रहा जो बच्चों में बढ़ती सांस संबंधी समस्याओं को लेकर चिंतित हैं। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि नियमित योगाभ्यास बच्चों के समग्र स्वास्थ्य, श्वसन क्षमता और मानसिक संतुलन को बेहतर बनाने में सहायक भूमिका निभा सकता है। पीएम ई-विद्या जैसे डिजिटल मंच के माध्यम से यह जानकारी दूरदराज के क्षेत्रों तक भी पहुँचाई जा सकती है।

आगे की राह

एनसीईआरटी की इस पहल से यह उम्मीद जताई जा रही है कि स्कूली पाठ्यक्रम और स्वास्थ्य शिक्षा में योग को और अधिक व्यवस्थित रूप से शामिल किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि जितनी जल्दी बच्चों में योग की आदत विकसित होगी, उतना ही दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ संभव होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इस जागरूकता का स्कूली पाठ्यक्रम में ठोस एकीकरण कब होगा। विभिन्न अध्ययन योग को पूरक उपाय के रूप में मान्यता देते हैं, पर 'योग बनाम चिकित्सा उपचार' की रेखा को लेकर अभिभावकों में भ्रम बना रहता है — जिसे इस तरह के कार्यक्रमों में और स्पष्ट करने की आवश्यकता है। एक बार का लाइव सत्र जागरूकता तो फैला सकता है, लेकिन दीर्घकालिक व्यवहार परिवर्तन के लिए नियमित और संरचित कार्यक्रम अपरिहार्य हैं।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'योगशक्ति' कार्यक्रम क्या है और इसे किसने आयोजित किया?
'योगशक्ति — बच्चों में ब्रोंकियल अस्थमा का योगिक प्रबंध' एनसीईआरटी द्वारा 7 जुलाई 2026 को पीएम ई-विद्या चैनलों पर आयोजित एक लाइव शैक्षिक सत्र था। इसमें योग विशेषज्ञों ने बच्चों में अस्थमा के योगिक प्रबंधन पर व्यावहारिक प्रदर्शन और चर्चा की।
क्या योग वाकई बच्चों में ब्रोंकियल अस्थमा को नियंत्रित कर सकता है?
विभिन्न अध्ययनों के अनुसार, चिकित्सकीय उपचार के साथ पूरक रूप में अपनाए जाने पर योग बच्चों में अस्थमा के कुछ लक्षणों और फेफड़ों की कार्यक्षमता में सुधार लाने में सहायक हो सकता है। हालाँकि इसे दवाइयों का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
इस कार्यक्रम में कौन से योगाभ्यास बताए गए?
विशेषज्ञों ने प्राणायाम, आसन और ध्यान को बच्चों की श्वसन क्षमता और समग्र स्वास्थ्य के लिए विशेष रूप से उपयोगी बताया। ये अभ्यास स्कूली बच्चों की आयु और शारीरिक क्षमता के अनुरूप प्रस्तुत किए गए।
यह कार्यक्रम किन लोगों के लिए उपयोगी था?
यह सत्र विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक सभी लोगों के लिए खुला था। पीएम ई-विद्या के माध्यम से यह दूरदराज के क्षेत्रों तक भी पहुँचा।
यह पहल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से कैसे जुड़ी है?
यह कार्यक्रम 21 जून 2026 को मनाए गए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की निरंतरता में आयोजित किया गया, जब देशभर में बड़े पैमाने पर योग सत्र हुए थे। इस पहल का उद्देश्य उस संकल्प को व्यावहारिक स्वास्थ्य शिक्षा में बदलना है।
राष्ट्र प्रेस
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