बद्रीनाथ धाम थाली भेंट घोटाला: SIT ने राजेंद्र चौहान को ज्योतिर्मठ से किया गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
श्री बद्रीनाथ धाम में थाली भेंट की धनराशि और दान सामग्री में कथित वित्तीय अनियमितता की जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) ने 17 जुलाई 2026 को एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए बदरी-केदार मंदिर समिति के स्थायी कर्मचारी राजेंद्र चौहान को ज्योतिर्मठ से गिरफ्तार किया। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, दस्तावेजों और गवाहों के बयानों के आधार पर की गई यह गिरफ्तारी इस मामले में दूसरी बड़ी कार्रवाई है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने बताया कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले में निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच के निर्देश दिए गए हैं। SIT ने थाली भेंट गणना कक्ष में लगे निगरानी कैमरों की 22, 25 और 29 जून 2026 की रिकॉर्डिंग का बारीकी से अध्ययन किया, जिसमें राजेंद्र चौहान कई बार ₹500 के नोटों की गड्डियाँ, दान सामग्री और आभूषण अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दिए।
इन साक्ष्यों के आधार पर मामले में भारतीय न्याय संहिता की एक अतिरिक्त धारा जोड़ी गई और राजेंद्र चौहान को सह-आरोपी बनाया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें श्री बद्रीनाथ थाने लाया गया, जहाँ फिलहाल विस्तृत पूछताछ जारी है।
पहली गिरफ्तारी और मामले की पृष्ठभूमि
इस मामले में शुरुआती शिकायत मिलने के बाद श्री बद्रीनाथ कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्रारंभिक जांच के बाद 12 जुलाई 2026 को नामजद आरोपी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार किया गया था, जो अभी न्यायिक हिरासत में हैं।
जांच में कथित तौर पर सामने आया कि राजेंद्र चौहान, जो उस समय थाली भेंट गणना के प्रभारी थे, ने प्रमोद नौटियाल के साथ मिलकर थाली भेंट में मिली धनराशि और अन्य दान सामग्री का कुछ हिस्सा अपने कब्जे में लिया। गौरतलब है कि बद्रीनाथ धाम देश के सबसे प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है, जहाँ हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं और करोड़ों रुपए का दान चढ़ाते हैं।
साक्ष्य और जांच की स्थिति
SIT ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के अलावा संबंधित व्यक्तियों के बयान भी दर्ज किए हैं। पुलिस के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है और नियमानुसार आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब तीर्थस्थलों में दान प्रबंधन की पारदर्शिता पर व्यापक सवाल उठ रहे हैं।
आम श्रद्धालुओं पर असर
बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित थाली भेंट की धनराशि और दान सामग्री मंदिर समिति के माध्यम से धार्मिक और सामाजिक कार्यों में उपयोग होती है। कथित अनियमितता ने न केवल मंदिर प्रशासन की साख पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था को भी आहत किया है।
आगे क्या होगा
पुलिस ने संकेत दिए हैं कि जांच में और भी नाम सामने आ सकते हैं। राजेंद्र चौहान से पूछताछ के बाद प्राप्त जानकारी के आधार पर SIT अगले कदम तय करेगी। दोनों आरोपियों को शीघ्र न्यायालय में पेश किया जाएगा।