31 जुलाई 2026
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बालाघाट में 1.25 लाख विद्यार्थियों ने एकसाथ ली नशामुक्ति शपथ, वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम

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बालाघाट में 1.25 लाख विद्यार्थियों ने एकसाथ ली नशामुक्ति शपथ, वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम

सारांश

बालाघाट में 1.25 लाख विद्यार्थियों की एकसाथ नशामुक्ति शपथ ने वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जगह बनाई — यह मध्यप्रदेश पुलिस के 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान की बड़ी उपलब्धि है, जिसमें इंदौर और बड़वानी के बाद अब बालाघाट ने भी अपना नाम दर्ज कराया।

मुख्य बातें

बालाघाट जिले के 1,204 विद्यालयों के 1 लाख 25 हजार विद्यार्थियों ने एकसाथ नशामुक्ति शपथ लेकर विश्व कीर्तिमान बनाया।
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन ने इस उपलब्धि को सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस से सम्मानित किया।
5 लाख से अधिक नागरिकों ने ऑनलाइन माध्यम से अभियान में सहभागिता दर्ज कराई।
इससे पूर्व इंदौर पुलिस ने 1,75,451 नागरिकों को ई-शपथ दिलाकर और बड़वानी पुलिस ने 16,700 ड्राइंग शीट्स पर संदेश अंकित कराकर विश्व रिकॉर्ड बनाए थे।
यह सब 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के अंतर्गत मध्यप्रदेश पुलिस की पहल का हिस्सा है।

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में 31 जुलाई 2026 को 1,204 विद्यालयों के लगभग 1 लाख 25 हजार विद्यार्थियों ने एक साथ नशामुक्ति की शपथ लेकर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन ने इस उपलब्धि को आधिकारिक मान्यता देते हुए सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस से सम्मानित किया। यह कार्यक्रम राज्य में चल रहे 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया।

मुख्य घटनाक्रम

बालाघाट पुलिस द्वारा आयोजित एक मिनट के इस नशामुक्ति शपथ कार्यक्रम में जिले के हजारों स्कूली बच्चों ने न केवल स्वयं नशे से दूर रहने का संकल्प लिया, बल्कि समाज को नशामुक्त बनाने की प्रतिज्ञा भी ली। इसके साथ ही 5 लाख से अधिक नागरिकों ने ऑनलाइन माध्यम से इस जनआंदोलन में सहभागिता दर्ज कराई।

अभियान का उद्देश्य और दायरा

'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के तहत मध्यप्रदेश पुलिस पूरे राज्य में नशामुक्ति शपथ, जनजागरूकता रैलियाँ, संवाद कार्यक्रम, खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ और शैक्षणिक संस्थाओं में विभिन्न प्रतियोगिताएँ निरंतर संचालित कर रही है। अभियान का मुख्य लक्ष्य युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करना और एक स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशामुक्त मध्यप्रदेश के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।

पहले भी बने हैं कीर्तिमान

यह बालाघाट का कीर्तिमान मध्यप्रदेश में इस तरह की पहली उपलब्धि नहीं है। इससे पूर्व इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने 1 लाख 75 हजार 451 नागरिकों को एकसाथ नशामुक्ति की ई-शपथ दिलाकर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया था। इसी क्रम में बड़वानी पुलिस ने जिले के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में 16,700 ड्राइंग शीट्स पर नशामुक्ति का संदेश अंकित कराया, जिसके लिए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन ने मेडल एवं प्रमाण-पत्र से सम्मानित किया। बुरहानपुर पुलिस ने भी संदेश लेखन का अपना कीर्तिमान दर्ज कराया था। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में नशे की समस्या से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासन एकजुट होकर काम कर रहे हैं।

आम जनता और युवाओं पर असर

इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसने स्कूली बच्चों को नशे के विरुद्ध एक सक्रिय भागीदार के रूप में खड़ा किया है। जब 1.25 लाख विद्यार्थी एकसाथ शपथ लेते हैं, तो यह संदेश उनके परिवारों और समुदायों तक स्वाभाविक रूप से पहुँचता है। ऑनलाइन माध्यम से जुड़े 5 लाख से अधिक नागरिक इस बात का प्रमाण हैं कि जागरूकता की यह लहर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी फैल रही है।

आगे की राह

मध्यप्रदेश पुलिस का यह अभियान राज्य के अन्य जिलों में भी विस्तारित होने की संभावना है। एक के बाद एक जिलों द्वारा स्थापित किए जा रहे कीर्तिमान यह दर्शाते हैं कि नशामुक्ति को लेकर प्रशासनिक प्रतिबद्धता केवल कागजों तक सीमित नहीं है। आने वाले समय में इस जनआंदोलन के दीर्घकालिक प्रभाव का मूल्यांकन ही इसकी वास्तविक सफलता का पैमाना होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बड़वानी, बुरहानपुर और अब बालाघाट — दिखाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस ने नशामुक्ति को एक प्रतिस्पर्धी जनआंदोलन का रूप दे दिया है, जो अपने आप में नवाचार है। हालाँकि असली सवाल यह है कि एक मिनट की शपथ और रिकॉर्ड प्रमाण-पत्र से ज़मीनी व्यवहार परिवर्तन कितना होता है — इसका कोई स्वतंत्र मूल्यांकन अभी तक सामने नहीं आया है। जब तक शपथ के बाद की निगरानी और फॉलो-अप तंत्र पारदर्शी नहीं होगा, ये कीर्तिमान प्रशासनिक उत्साह के प्रतीक तो बनेंगे, पर नशामुक्ति के ठोस संकेतक नहीं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बालाघाट में नशामुक्ति शपथ का विश्व रिकॉर्ड कैसे बना?
बालाघाट जिले के 1,204 विद्यालयों के लगभग 1 लाख 25 हजार विद्यार्थियों ने 31 जुलाई 2026 को एक मिनट के कार्यक्रम में एकसाथ नशामुक्ति की शपथ ली, जिसे वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन ने विश्व रिकॉर्ड के रूप में मान्यता दी और सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस प्रदान किया।
'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान क्या है?
यह मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाया जा रहा राज्यव्यापी नशामुक्ति अभियान है, जिसके तहत शपथ कार्यक्रम, जनजागरूकता रैलियाँ, खेल-सांस्कृतिक गतिविधियाँ और शैक्षणिक प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती हैं। इसका उद्देश्य विशेष रूप से युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से सचेत करना है।
क्या मध्यप्रदेश में इससे पहले भी ऐसे रिकॉर्ड बने हैं?
हाँ, इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने 1,75,451 नागरिकों को एकसाथ ई-शपथ दिलाकर, बड़वानी पुलिस ने 16,700 ड्राइंग शीट्स पर नशामुक्ति संदेश अंकित कराकर, और बुरहानपुर पुलिस ने संदेश लेखन का कीर्तिमान स्थापित किया था — सभी को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने मान्यता दी।
इस अभियान में ऑनलाइन कितने नागरिक जुड़े?
बालाघाट के इस कार्यक्रम में 5 लाख से अधिक नागरिकों ने ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर नशामुक्ति के जनआंदोलन में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
इस अभियान से किसे फायदा होगा?
इस अभियान का सर्वाधिक लाभ स्कूल-कॉलेज जाने वाली युवा पीढ़ी को मिलने की उम्मीद है, जो नशे के प्रति सबसे संवेदनशील आयु वर्ग है। साथ ही उनके परिवार और समुदाय भी इस जागरूकता से लाभान्वित होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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