बठिंडा में भाजपा नेता डॉ. तरसेम गर्ग के क्लीनिक पर पेट्रोल बम हमला, CM मान के दौरे से पहले दहशत
सारांश
मुख्य बातें
बठिंडा में 23 जून की रात अज्ञात हमलावरों ने कथित तौर पर भाजपा नेता और चिकित्सक डॉ. तरसेम गर्ग के हैनेमैन क्लीनिक पर पेट्रोल बम से हमला किया। यह घटना ऐसे समय हुई जब पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के बुधवार को बठिंडा दौरे के मद्देनज़र शहर में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे। इस हमले ने इलाके में भय का माहौल पैदा कर दिया और शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठा दिए।
मुख्य घटनाक्रम
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दो नकाबपोश व्यक्ति डॉ. गर्ग के क्लीनिक के बाहर पहुँचे। उनमें से एक ने पेट्रोल से भरी बोतल में आग लगाई, जबकि दूसरे ने पूरी घटना को मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड किया। इसके बाद जलती हुई बोतल क्लीनिक के भीतर फेंकी गई, जिससे वहाँ मौजूद स्टाफ और मरीज़ों में अफरातफरी मच गई। क्लीनिक के कर्मचारियों के शोर मचाने पर स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए।
डॉ. तरसेम गर्ग की प्रतिक्रिया
डॉ. तरसेम गर्ग ने बताया कि उनकी किसी से कोई निजी दुश्मनी नहीं है और उन्हें इससे पहले कभी कोई धमकी नहीं मिली। उन्होंने इस हमले पर गहरी हैरानी जताते हुए पुलिस से दोषियों की शीघ्र पहचान कर कार्रवाई करने की अपील की। गौरतलब है कि डॉ. गर्ग का यह क्लीनिक एक प्रमुख राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय के ठीक सामने स्थित है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
डॉ. गर्ग पहले आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े थे और पंजाब ट्रेड विंग के सचिव के पद पर कार्य कर चुके थे। बठिंडा नगर निगम चुनाव से पूर्व उन्होंने AAP छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ग्रहण की। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब पंजाब में सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही ऊँचा है। गौरतलब है कि इससे पहले भी पंजाब भाजपा कार्यालय के समक्ष बम हमले की घटनाएँ हो चुकी हैं, जिन पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी सियासत हुई थी।
पुलिस की कार्रवाई
एसपी सिटी नरेंद्र सिंह ने पुष्टि की कि इस हमले में दो अज्ञात व्यक्ति शामिल थे। उन्होंने बताया कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें तैनात की गई हैं और इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचकर जाँच में जुट गए।
आगे क्या होगा
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के बठिंडा दौरे से ठीक पहले हुई इस घटना ने प्रशासन की सतर्कता बढ़ा दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जाँच में हमले के पीछे की मंशा और संभावित साज़िश की परतें खोलने की कोशिश की जा रही है। राजनीतिक हलकों में यह घटना एक बड़े विमर्श का केंद्र बन सकती है, विशेषकर तब जब पंजाब में कानून-व्यवस्था पहले से ही चुनावी मुद्दा बनी हुई है।