पश्चिम बंगाल में जबरन धर्मांतरण और लव जिहाद के खिलाफ सख्त कानून लाएगी अधिकारी सरकार, UCC विधेयक सोमवार को
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार, 26 जून को घोषणा की कि राज्य सरकार जल्द ही जबरन धर्मांतरण, लव जिहाद और भूमि जिहाद के विरुद्ध कठोर कानून लाएगी। इसके साथ ही समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में पेश किया जाएगा।
मुख्यमंत्री की घोषणा
मुख्यमंत्री अधिकारी ने ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की 189वीं जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों को मार्गदर्शक मानकर आगे बढ़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि समान नागरिक संहिता के साथ-साथ भूमि जिहाद, लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण के खिलाफ सख्त विधायी प्रावधान किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब से राज्य में राष्ट्रविरोधी ताकतों और गतिविधियों के लिए कोई स्थान नहीं होगा। उन्होंने कहा, 'पश्चिम बंगाल चैतन्य देव, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भूमि है — यहाँ राष्ट्रविरोधी गतिविधियाँ बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।'
अवैध घुसपैठ और शरणार्थी नीति
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अवैध घुसपैठियों को पहले हिरासत केंद्रों में भेजा जाएगा और फिर उनके मूल स्थान पर वापस भेजा जाएगा। हालाँकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत में शरण लेने वाले शरणार्थियों को नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत नागरिकता प्रदान की जाएगी।
विधानसभा में पाँच नए विधेयक
सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में पाँच नए विधेयक पेश किए जाएंगे। इनमें सबसे महत्त्वपूर्ण हैं — समान नागरिक संहिता विधेयक और असामाजिक गतिविधि निरोधक विधेयक। UCC विधेयक पारित होने के बाद पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद समान नागरिक संहिता अपनाने वाला चौथा भारतीय राज्य बन जाएगा।
यह संहिता धर्म, जाति या जनजाति की परवाह किए बिना सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होगी — जो धर्म-आधारित व्यक्तिगत कानूनों की जगह लेगी।
राजनीतिक संदर्भ
मुख्यमंत्री अधिकारी ने हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता ने मतदान के ज़रिए राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को रोकने का 'आधा काम' कर दिया है। उन्होंने कहा कि जो लोग ऑपरेशन सिंदूर का मज़ाक उड़ाते हैं, राष्ट्र का अपमान करते हैं या पहलगाम हमले के दौरान चुप रहे, उनके लिए पश्चिम बंगाल में कोई जगह नहीं होगी।
आगे क्या होगा
सोमवार को विधानसभा सत्र में पेश होने वाले विधेयकों पर सभी की निगाहें टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि UCC और धर्मांतरण-विरोधी विधेयकों को विधानसभा में किस स्वरूप में पारित किया जाता है और विपक्ष की क्या प्रतिक्रिया रहती है।