27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पश्चिम बंगाल में जबरन धर्मांतरण और लव जिहाद के खिलाफ सख्त कानून लाएगी अधिकारी सरकार, UCC विधेयक सोमवार को

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पश्चिम बंगाल में जबरन धर्मांतरण और लव जिहाद के खिलाफ सख्त कानून लाएगी अधिकारी सरकार, UCC विधेयक सोमवार को

सारांश

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बंकिम चंद्र जयंती पर बड़ा ऐलान किया — जबरन धर्मांतरण, लव जिहाद और भूमि जिहाद के खिलाफ सख्त कानून आएंगे। सोमवार को UCC विधेयक पेश होते ही बंगाल यह संहिता अपनाने वाला देश का चौथा राज्य बन जाएगा।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 26 जून 2026 को जबरन धर्मांतरण , लव जिहाद और भूमि जिहाद के खिलाफ सख्त कानून लाने की घोषणा की।
सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में पाँच नए विधेयक पेश होंगे, जिनमें UCC विधेयक प्रमुख है।
UCC पारित होने पर पश्चिम बंगाल उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद समान नागरिक संहिता अपनाने वाला चौथा राज्य बनेगा।
अवैध घुसपैठियों को हिरासत केंद्रों में भेजकर उनके मूल स्थान पर वापस भेजने की नीति की घोषणा।
धार्मिक उत्पीड़न के शरणार्थियों को CAA के तहत नागरिकता देने का आश्वासन।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार, 26 जून को घोषणा की कि राज्य सरकार जल्द ही जबरन धर्मांतरण, लव जिहाद और भूमि जिहाद के विरुद्ध कठोर कानून लाएगी। इसके साथ ही समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में पेश किया जाएगा।

मुख्यमंत्री की घोषणा

मुख्यमंत्री अधिकारी ने ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की 189वीं जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों को मार्गदर्शक मानकर आगे बढ़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि समान नागरिक संहिता के साथ-साथ भूमि जिहाद, लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण के खिलाफ सख्त विधायी प्रावधान किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब से राज्य में राष्ट्रविरोधी ताकतों और गतिविधियों के लिए कोई स्थान नहीं होगा। उन्होंने कहा, 'पश्चिम बंगाल चैतन्य देव, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भूमि है — यहाँ राष्ट्रविरोधी गतिविधियाँ बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।'

अवैध घुसपैठ और शरणार्थी नीति

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अवैध घुसपैठियों को पहले हिरासत केंद्रों में भेजा जाएगा और फिर उनके मूल स्थान पर वापस भेजा जाएगा। हालाँकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत में शरण लेने वाले शरणार्थियों को नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत नागरिकता प्रदान की जाएगी।

विधानसभा में पाँच नए विधेयक

सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में पाँच नए विधेयक पेश किए जाएंगे। इनमें सबसे महत्त्वपूर्ण हैं — समान नागरिक संहिता विधेयक और असामाजिक गतिविधि निरोधक विधेयक। UCC विधेयक पारित होने के बाद पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद समान नागरिक संहिता अपनाने वाला चौथा भारतीय राज्य बन जाएगा।

यह संहिता धर्म, जाति या जनजाति की परवाह किए बिना सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होगी — जो धर्म-आधारित व्यक्तिगत कानूनों की जगह लेगी।

राजनीतिक संदर्भ

मुख्यमंत्री अधिकारी ने हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता ने मतदान के ज़रिए राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को रोकने का 'आधा काम' कर दिया है। उन्होंने कहा कि जो लोग ऑपरेशन सिंदूर का मज़ाक उड़ाते हैं, राष्ट्र का अपमान करते हैं या पहलगाम हमले के दौरान चुप रहे, उनके लिए पश्चिम बंगाल में कोई जगह नहीं होगी।

आगे क्या होगा

सोमवार को विधानसभा सत्र में पेश होने वाले विधेयकों पर सभी की निगाहें टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि UCC और धर्मांतरण-विरोधी विधेयकों को विधानसभा में किस स्वरूप में पारित किया जाता है और विपक्ष की क्या प्रतिक्रिया रहती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब ये विधेयक अभी पेश भी नहीं हुए हैं। 'लव जिहाद' और 'भूमि जिहाद' जैसे पद भारतीय दंड संहिता में परिभाषित नहीं हैं, और इन पर आधारित कानूनों को अदालतों में चुनौती मिलती रही है। UCC के मामले में उत्तराखंड का अनुभव बताता है कि कानून बनना और उसका प्रभावी क्रियान्वयन दो अलग बातें हैं। असली परीक्षा यह होगी कि सोमवार को पेश होने वाले विधेयकों में इन अवधारणाओं को कानूनी रूप से कैसे परिभाषित किया जाता है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में जबरन धर्मांतरण विरोधी कानून क्या होगा?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के अनुसार, यह कानून राज्य में जबरन धर्मांतरण और लव जिहाद की घटनाओं को रोकने के लिए लाया जाएगा। विधेयक का विस्तृत स्वरूप सोमवार को विधानसभा सत्र में स्पष्ट होगा।
पश्चिम बंगाल UCC विधेयक कब पेश होगा और इसका असर क्या होगा?
समान नागरिक संहिता विधेयक सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा में पेश किया जाएगा। पारित होने पर यह धर्म, जाति या जनजाति की परवाह किए बिना सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होगी और बंगाल UCC अपनाने वाला देश का चौथा राज्य बन जाएगा।
UCC पहले किन राज्यों में लागू हो चुकी है?
उत्तराखंड, गुजरात और असम पहले ही समान नागरिक संहिता को अपना चुके हैं। पश्चिम बंगाल के UCC विधेयक पारित होने के बाद यह चौथा राज्य होगा।
अवैध घुसपैठियों के बारे में अधिकारी सरकार की क्या नीति है?
मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा है कि अवैध घुसपैठियों को पहले हिरासत केंद्रों में भेजा जाएगा और फिर उनके मूल स्थान पर वापस भेजा जाएगा। हालाँकि, धार्मिक उत्पीड़न के शिकार शरणार्थियों को CAA के तहत नागरिकता दी जाएगी।
बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जयंती पर यह घोषणा क्यों की गई?
मुख्यमंत्री अधिकारी ने राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के रचयिता ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की 189वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में यह घोषणाएँ कीं। इस मंच का चुनाव सांकेतिक था — राष्ट्रवादी विरासत के संदर्भ में नई नीतियों की घोषणा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. कल
  3. कल
  4. 6 दिन पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले