27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पश्चिम बंगाल में 'लव जिहाद' और 'लैंड जिहाद' के खिलाफ कड़ा कानून लाएगी सरकार: मंत्री दिलीप घोष

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पश्चिम बंगाल में 'लव जिहाद' और 'लैंड जिहाद' के खिलाफ कड़ा कानून लाएगी सरकार: मंत्री दिलीप घोष

सारांश

पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने राजरहाट में 'लव जिहाद' और 'लैंड जिहाद' के खिलाफ कड़े कानून का ऐलान किया। साथ ही 200 कर्मियों का स्थायी आपदा राहत बल गठित करने और अयोध्या चढ़ावा मामले में निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने 27 जून को राजरहाट में 'लव जिहाद', 'लैंड जिहाद' और जबरन मतांतरण के खिलाफ कड़ा कानून लाने का ऐलान किया।
मंत्री ने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे में लाया जाएगा।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में जांच शुरू हो चुकी है; पूरी पारदर्शिता का आश्वासन दिया गया।
मुख्यमंत्री ने 200 कर्मियों का स्थायी रिजर्व आपदा राहत बल बनाने की घोषणा की, जिसकी टीमें सुंदरबन , कोलकाता और तटीय क्षेत्रों में तैनात होंगी।
पूर्ववर्ती सरकार के 15 वर्षों के शासन में राज्य की अपनी एनडीआरएफ टीम नहीं थी, आपदा में ओडिशा से मदद लेनी पड़ती थी।

पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने 27 जून को राजरहाट में पत्रकारों से बात करते हुए ऐलान किया कि राज्य में 'लव जिहाद', 'लैंड जिहाद' और जबरन मतांतरण के खिलाफ शीघ्र ही सख्त कानूनी प्रावधान लागू किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामाजिक अपराधों पर किसी भी कीमत पर नरमी नहीं बरती जाएगी।

मंत्री का बयान: क्या कहा दिलीप घोष ने

मंत्री दिलीप घोष ने कहा, 'लंबे समय तक बंगाल में लव जिहाद, लैंड जिहाद गतिविधियों के लिए खुला मैदान बना रहा, लेकिन अब सरकार इन्हें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।' उन्होंने यह भी कहा कि दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। राज्य सरकार की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि बंगाल की धरती पर राष्ट्रविरोधी ताकतों के लिए कोई जगह नहीं होगी।

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले पर प्रतिक्रिया

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में दर्ज एफआईआर पर प्रतिक्रिया देते हुए घोष ने कहा कि जांच शुरू हो चुकी है और सरकार पूरे मामले पर बारीकी से नज़र रख रही है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए पवित्र चंदे में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं किया जाएगा और जांच पूरी निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ की जाएगी। यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।

आपदा प्रबंधन: 200 कर्मियों का स्थायी राहत बल

आपदा प्रबंधन के मोर्चे पर भी मंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार ने अपने 15 वर्षों के शासनकाल में राज्य के लिए एनडीआरएफ की अलग टीम तक नहीं बनाई थी, जिसके कारण आपदा के समय ओडिशा से टीम बुलानी पड़ती थी। अब मुख्यमंत्री ने 200 कर्मियों का स्थायी रिजर्व आपदा राहत बल तैयार करने की घोषणा की है।

इस बल की तीन टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात की जाएंगी — पहली टीम सुंदरबन में, जहां चक्रवात का खतरा सर्वाधिक रहता है; दूसरी टीम कोलकाता में; और तीसरी टीम तटीय क्षेत्रों में, ताकि किसी भी प्राकृतिक आपदा में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य संभव हो सके।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सामाजिक तनाव और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है। प्रस्तावित कानून लागू होने पर 'लव जिहाद' और 'लैंड जिहाद' से जुड़े आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुलेगा। गौरतलब है कि इस तरह के कानून उत्तर प्रदेश सहित कई अन्य राज्यों में पहले ही लागू किए जा चुके हैं और उनकी संवैधानिक वैधता को लेकर न्यायिक समीक्षा जारी है।

आगे क्या होगा

मंत्री दिलीप घोष के अनुसार, राज्य सरकार सामाजिक अपराधों पर सख्ती और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। प्रस्तावित कानून का मसौदा कब तक विधानसभा में पेश किया जाएगा, इसकी कोई निश्चित तिथि अभी घोषित नहीं की गई है। राज्य सरकार की इन घोषणाओं पर विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में राजनीतिक माहौल को और गर्म कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इन्हें आधार बनाकर बने कानूनों की संवैधानिक वैधता कई उच्च न्यायालयों में चुनौती का सामना कर चुकी है — यह तथ्य मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर अनदेखा रह जाता है। पश्चिम बंगाल में इस तरह का कानून लाना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन कानूनी ढांचे की स्पष्टता के बिना यह न्यायिक अड़चनों में फंस सकता है। आपदा राहत बल की घोषणा ज़मीनी ज़रूरत को पूरा करती है, लेकिन इसके क्रियान्वयन की समयसीमा और बजट का अभाव सवाल खड़े करता है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में 'लव जिहाद' और 'लैंड जिहाद' के खिलाफ कानून क्या होगा?
मंत्री दिलीप घोष के अनुसार, राज्य सरकार 'लव जिहाद', 'लैंड जिहाद' और जबरन मतांतरण के खिलाफ कड़े कानूनी प्रावधान लाने की तैयारी में है। हालांकि, कानून का विस्तृत मसौदा या विधानसभा में पेश करने की तिथि अभी घोषित नहीं की गई है।
दिलीप घोष कौन हैं और उन्होंने यह बयान कहाँ दिया?
दिलीप घोष पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री हैं। उन्होंने 27 जून को राजरहाट में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बयान दिया।
पश्चिम बंगाल का नया आपदा राहत बल कैसे काम करेगा?
मुख्यमंत्री ने 200 कर्मियों का स्थायी रिजर्व आपदा राहत बल बनाने की घोषणा की है। इसकी तीन टीमें क्रमशः सुंदरबन, कोलकाता और तटीय क्षेत्रों में तैनात रहेंगी ताकि प्राकृतिक आपदाओं में तत्काल राहत मिल सके।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में सरकार का क्या रुख है?
मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में दर्ज एफआईआर की जांच शुरू हो चुकी है और सरकार पूरी निष्पक्षता व पारदर्शिता के साथ जांच कराएगी। दोषी पाए जाने पर किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा।
क्या इस तरह के कानून अन्य राज्यों में भी लागू हैं?
हाँ, उत्तर प्रदेश सहित कुछ अन्य राज्यों में 'लव जिहाद' और जबरन मतांतरण के खिलाफ कानून पहले से मौजूद हैं। हालांकि, इन कानूनों की संवैधानिक वैधता को लेकर न्यायिक समीक्षा जारी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 13 घंटे पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले