पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन: पूर्व डीजीपी एसपी वैद बोले — कानून-व्यवस्था सुधार और उद्योग वापसी हो पहली प्राथमिकता
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) एसपी वैद ने 5 मई 2026 को जम्मू में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों का स्वागत करते हुए राज्य में सत्ता परिवर्तन को जनता की इच्छाशक्ति की जीत बताया। उन्होंने कहा कि 9 मई तक नई सरकार के गठन के बाद कानून-व्यवस्था की बहाली और उद्योगों की वापसी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
जनादेश का स्वागत
वैद ने सबसे पहले पश्चिम बंगाल की जनता को बधाई दी, जिन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के ज़रिए सरकार बदलने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि यह जनादेश इस बात का प्रमाण है कि भारत की चुनाव प्रक्रिया स्वतंत्र और निष्पक्ष है। उन्होंने चुनाव आयोग (ECI) की सराहना करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में इस बार पहले से बेहतर चुनावी प्रबंध देखने को मिले और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई।
कानून-व्यवस्था: सबसे बड़ी चुनौती
वैद ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में लंबे समय से कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद कमज़ोर रही है। उनके अनुसार, राज्य में अपराध की घटनाएँ लगातार बढ़ती रही हैं और आम नागरिकों में असुरक्षा का माहौल बना हुआ था। उन्होंने कहा कि कई मामलों में कठोर कार्रवाई न होने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद रहे।
वैद ने सुझाव दिया कि ऐसे मामलों में फास्ट-ट्रैक अदालतों के माध्यम से त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि दोषियों को जल्द सज़ा मिले और कानून का भय स्थापित हो। उन्होंने कहा कि यह केवल पुलिस सुधार का नहीं, बल्कि न्यायिक तंत्र को सक्रिय करने का भी मामला है।
घुसपैठ पर सख्त रुख
वैद ने अवैध घुसपैठ के मुद्दे को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर ख़तरा बताया। उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें राज्य से बाहर किया जाना चाहिए, क्योंकि इस तरह की गतिविधियाँ देश के लिए स्वीकार्य नहीं हैं। उनके अनुसार, इस पर नई सरकार को प्राथमिकता के आधार पर सख्त कार्रवाई करनी होगी।
उद्योग वापसी और आर्थिक पुनरुद्धार
पूर्व डीजीपी ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जो उद्योग पश्चिम बंगाल से पलायन कर गए हैं, उन्हें वापस लाने के ठोस प्रयास किए जाने चाहिए। इससे न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था मज़बूत होगी, बल्कि युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर भी पैदा होंगे।
वैद ने कोलकाता के ऐतिहासिक गौरव का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय में यह शहर देश के सबसे समृद्ध क्षेत्रों में गिना जाता था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर उस स्थिति को फिर से हासिल किया जा सकता है।
चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर विश्वास
चुनाव प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों के जवाब में वैद ने तर्क दिया कि यदि चुनाव निष्पक्ष नहीं होते, तो तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में अलग-अलग राजनीतिक दलों को जनादेश कैसे मिलता। उन्होंने इन उदाहरणों को भारतीय लोकतंत्र की मज़बूती का प्रमाण बताया। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों ने बंगाल चुनाव प्रक्रिया पर कई सवाल उठाए हैं।