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क्या डीएम ने लंबित डीसी और उपयोगिता प्रमाण-पत्र के समायोजन के लिए बैठक की?

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क्या डीएम ने लंबित डीसी और उपयोगिता प्रमाण-पत्र के समायोजन के लिए बैठक की?

सारांश

भागलपुर में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में लंबित डीसी बिल और उपयोगिता प्रमाण-पत्र पर चर्चा की गई। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि सभी दस्तावेज जल्द से जल्द जमा किए जाएं। क्या यह बैठक लंबित कार्यों को समाप्त करने में सफल होगी?

मुख्य बातें

बैठक में लंबित कार्यों की समीक्षा की गई।
सभी अधिकारियों को समय सीमा के भीतर काम पूरा करने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
2 जनवरी 2026 से व्यापक निरीक्षण अभियान की योजना।

भागलपुर, 20 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भागलपुर के समीक्षा भवन में एसी-डीसी बिल और उपयोगिता प्रमाण-पत्र (यूसी) के संबंध में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (डीडीओ) के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले में लंबे समय से लंबित डीसी बिल और यूसी पर विस्तार से चर्चा की गई और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने लंबित डीसी बिल और उपयोगिता प्रमाण-पत्र की समीक्षा की और बताया कि जिले के 59 डीडीओ के स्तर पर लगभग 65 करोड़ रुपए के डीसी बिल लंबित हैं। वहीं, कुल 62 डीडीओ के स्तर पर करीब 293 करोड़ रुपए के उपयोगिता प्रमाण-पत्र अब तक विभाग और महालेखाकार कार्यालय को नहीं भेजे गए हैं।

जिलाधिकारी ने वित्त विभाग, बिहार सरकार के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि 1 अप्रैल 2019 के बाद की अवधि के डीसी बिल और उपयोगिता प्रमाण-पत्र ऑनलाइन सीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से जमा करने में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। ऐसे में अब इन्हें ऑफलाइन माध्यम से एसी-डीसी और यूसी संग्रहण केंद्र, वित्त विभाग, पटना के जरिए महालेखाकार कार्यालय को भेजा जाए। वहीं, 1 अप्रैल 2019 से पहले की अवधि के सभी दस्तावेज पहले की तरह ऑफलाइन ही जमा किए जाएं।

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि ऑनलाइन यूसी जमा करने में तकनीकी समस्या आ रही है, जिसके लिए संबंधित पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई है। इस पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अब सभी डीसी और यूसी बिल 48 घंटे के भीतर ऑफलाइन माध्यम से महालेखाकार कार्यालय को भेजे जाएं।

जिला कल्याण कार्यालय की ओर से बताया गया कि उनके यहां के अधिकांश अभिलेख सीबीआई के पास होने के कारण डीसी बिल बनाने में परेशानी हो रही है। जिलाधिकारी ने सीबीआई से समन्वय कर अभिलेख प्राप्त करने और जल्द डीसी बिल तैयार करने का निर्देश दिया।

जिला स्वास्थ्य समिति के प्रतिनिधि ने बताया कि पहले जमा किए गए डीसी बिल आपत्तियों के साथ वापस कर दिए गए हैं। इस पर जिलाधिकारी ने जरूरी फॉर्म संलग्न कर 24 घंटे के अंदर दोबारा डीसी बिल जमा करने को कहा।

बैठक में बताया गया कि जिले के केवल 13 डीडीओ के पास कुल लंबित डीसी बिल की 90 प्रतिशत राशि और उपयोगिता प्रमाण-पत्र की 95 प्रतिशत राशि लंबित है। इनमें जिला शिक्षा पदाधिकारी, मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, वन प्रमंडल, पंचायती राज विभाग सहित अन्य विभाग शामिल हैं।

अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि 2 जनवरी 2026 से जिले में व्यापक निरीक्षण अभियान शुरू किया जाएगा। इसमें स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, अस्पताल, पंचायत सरकार भवन, पैक्स, पीडीएस दुकानों और अन्य विभागों का निरीक्षण होगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कार्यालयों और संस्थानों की व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया और लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

संपादकीय दृष्टिकोण

ताकि विकास की गति को बनाए रखा जा सके।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीसी बिल और उपयोगिता प्रमाण-पत्र क्या होते हैं?
डीसी बिल वे बिल हैं जो विकास कार्यों के लिए भुगतान हेतु प्रस्तुत किए जाते हैं, जबकि उपयोगिता प्रमाण-पत्र यह प्रमाणित करते हैं कि निर्धारित कार्य पूरी तरह से किया गया है।
बैठक में किन समस्याओं पर चर्चा हुई?
बैठक में लंबित डीसी बिल और उपयोगिता प्रमाण-पत्रों की तकनीकी समस्याओं और समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?
जिलाधिकारी ने सभी लंबित दस्तावेजों को 48 घंटे के भीतर महालेखाकार कार्यालय को ऑफलाइन जमा करने का निर्देश दिया।
राष्ट्र प्रेस
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