16 सितंबर 2026
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UPI पर MDR टैक्स: इमरान प्रतापगढ़ी का BJP पर हमला — 'सांस लेने पर भी टैक्स लगाएगी सरकार'

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UPI पर MDR टैक्स: इमरान प्रतापगढ़ी का BJP पर हमला — 'सांस लेने पर भी टैक्स लगाएगी सरकार'

सारांश

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने UPI पर MDR लागू करने की संभावना को 'गरीबों को लूटने का नया तरीका' बताया और BJP पर तीखा हमला बोला। उनका बयान — 'सांस लेने पर भी टैक्स लगाएगी सरकार' — पाँच राज्यों के चुनावी माहौल में सियासी तापमान बढ़ा रहा है।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने 16 सितंबर 2026 को UPI पर MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) लागू करने की संभावना पर BJP सरकार की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि ₹2,000 से अधिक के UPI लेन-देन पर शुल्क लगाना 'देश के गरीबों को लूटने का एक और तरीका' है।
प्रतापगढ़ी ने सरकारी बैंकों की स्थिति पर भी सवाल उठाए और SBI का हवाला दिया।
उन्होंने पाँच राज्यों के आगामी चुनावों के संदर्भ में BJP पर UCC को असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
अनुच्छेद 14, 25 और 29 का हवाला देते हुए संवैधानिक अधिकारों पर खतरे की चेतावनी दी।

कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने 16 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में यूपीआई पेमेंट्स पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने की संभावना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम देश के गरीब और मध्यम वर्ग के नागरिकों की जेब पर सीधा बोझ डालेगा।

इमरान प्रतापगढ़ी के मुख्य आरोप

कांग्रेस सांसद ने कहा, 'यूपीआई से होने वाले छोटे-मोटे लेन-देन में भी, अगर आप ₹2,000 से ज़्यादा का ट्रांजेक्शन करते हैं — ऐसे लाखों-करोड़ों ट्रांजेक्शन होते हैं — तो सरकार डेटा के मामले में बहुत चालाकी कर रही है। यह देश के गरीबों को लूटने का एक और तरीका है।' उन्होंने आगे कहा, 'आने वाले दिनों में BJP सरकार सांस लेने पर भी टैक्स लगाएगी।'

प्रतापगढ़ी ने सरकारी बैंकों की स्थिति पर भी निशाना साधा। उनका कहना था, 'अब यूपीआई पर भी टैक्स देना होगा। अगर आप भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के सामने से गुजरेंगे, तो आपके पैसे कट जाएंगे। उन्होंने सरकारी बैंकों को बर्बाद कर दिया है।'

महंगाई और चुनावी राजनीति पर निशाना

कांग्रेस सांसद ने BJP के पुराने चुनावी नारे का हवाला देते हुए कहा, 'देश के लोगों को समझना होगा कि उन्होंने नारा दिया था — 'बहुत हो गई महंगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार।' देश का कोई भी अर्थशास्त्री हमें बताए कि महंगाई के अलावा उन्होंने अब तक क्या सस्ता किया है?'

यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाँच राज्यों में विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ चल रही हैं। प्रतापगढ़ी ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के पास मतदाताओं को देने के लिए कोई ठोस नीतिगत उपलब्धि नहीं है और वह समान नागरिक संहिता (UCC) के मुद्दे को असली समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए इस्तेमाल कर रही है।

संवैधानिक अधिकारों पर चिंता

प्रतापगढ़ी ने अनुच्छेद 14, 25 और 29 का उल्लेख करते हुए कहा कि ये वे संवैधानिक अधिकार हैं जो डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने इस देश के नागरिकों को दिए थे। उनका आरोप था कि सरकार इन अधिकारों को कमज़ोर करने की दिशा में बढ़ रही है। गौरतलब है कि अनुच्छेद 14 समानता का अधिकार, अनुच्छेद 25 धार्मिक स्वतंत्रता और अनुच्छेद 29 अल्पसंख्यक सांस्कृतिक अधिकारों से संबंधित है।

UPI-MDR विवाद की पृष्ठभूमि

वर्तमान में ₹2,000 से अधिक के UPI लेन-देन पर MDR शुल्क लागू करने को लेकर नीतिगत चर्चा चल रही है। आलोचकों का कहना है कि इससे छोटे व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा, जबकि UPI को मूलतः डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए शुल्क-मुक्त रखा गया था।

आगे क्या

BJP सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। UPI-MDR पर अंतिम नीतिगत निर्णय अभी लंबित बताया जा रहा है। इस विषय पर संसद और सार्वजनिक मंचों पर बहस जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसी पर शुल्क लगाना उस उपलब्धि को राजनीतिक रूप से महँगा साबित हो सकता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर बयान की नाटकीयता पर रुक जाती है — असली सवाल यह है कि MDR का अंतिम बोझ किस पर पड़ेगा: व्यापारी पर, उपभोक्ता पर, या दोनों पर।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UPI पर MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) क्या है और यह विवाद क्यों है?
MDR वह शुल्क है जो डिजिटल लेन-देन पर व्यापारी या उपभोक्ता से लिया जाता है। वर्तमान में UPI लेन-देन शुल्क-मुक्त हैं, लेकिन ₹2,000 से अधिक के लेन-देन पर MDR लागू करने की संभावना को लेकर नीतिगत चर्चा चल रही है, जिसे विपक्ष गरीब-विरोधी बता रहा है।
इमरान प्रतापगढ़ी ने BJP सरकार पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने आरोप लगाया कि UPI पर MDR लगाना देश के गरीबों को लूटने का एक और तरीका है। उन्होंने कहा कि सरकार डेटा के मामले में 'चालाकी' कर रही है और सरकारी बैंकों को बर्बाद किया गया है।
क्या UPI पर MDR टैक्स लागू हो गया है?
अभी तक UPI पर MDR को लेकर कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है। यह मुद्दा नीतिगत चर्चा के स्तर पर है और सरकार की ओर से अंतिम निर्णय लंबित बताया जा रहा है।
इस बयान का चुनावी संदर्भ क्या है?
प्रतापगढ़ी ने यह बयान पाँच राज्यों के आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP के पास मतदाताओं को देने के लिए कोई ठोस उपलब्धि नहीं है और वह UCC जैसे मुद्दों से असली समस्याओं से ध्यान भटका रही है।
प्रतापगढ़ी ने किन संवैधानिक अनुच्छेदों का ज़िक्र किया?
उन्होंने अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 25 (धार्मिक स्वतंत्रता) और अनुच्छेद 29 (अल्पसंख्यक सांस्कृतिक अधिकार) का उल्लेख किया और कहा कि ये डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा दिए गए अधिकार हैं जिन्हें सरकार कमज़ोर करना चाहती है।
राष्ट्र प्रेस
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