तस्लीमा नसरीन के बयान पर दिलीप घोष का तीखा जवाब: 'भारत का बंटवारा नहीं होना चाहिए था'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने 3 अगस्त 2026 को बांग्लादेशी लेखिका व सामाजिक कार्यकर्ता तस्लीमा नसरीन के भारत-बांग्लादेश संबंधों पर दिए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत का बंटवारा कभी नहीं होना चाहिए था। घोष ने यह भी जोड़ा कि उस दौर के राजनीतिक फैसलों का खामियाजा आज भी तीनों देशों की जनता भुगत रही है। उल्लेखनीय है कि नसरीन लगभग दो दशकों के बाद कोलकाता लौटी हैं।
तस्लीमा नसरीन ने क्या कहा था
बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने रविवार को भारत-बांग्लादेश के द्विपक्षीय संबंधों पर बोलते हुए उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच आपसी रिश्ते भविष्य में भी मजबूत बने रहेंगे। उन्होंने 1971 की मुक्ति संग्राम का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने उस संघर्ष में निर्णायक भूमिका निभाई थी — शरणार्थियों को आश्रय दिया, हथियार मुहैया कराए और अंततः सीधे सैन्य हस्तक्षेप कर बांग्लादेश की आजादी सुनिश्चित की। नसरीन ने कहा कि बांग्लादेश की जनता आज भी इस सहयोग को नहीं भूलती, हालाँकि कुछ 'पाकिस्तानी जिहादी तत्व' भारत के विरुद्ध जहर फैलाते रहते हैं।
दिलीप घोष की प्रतिक्रिया
मंत्री दिलीप घोष ने नसरीन के बयान पर अपनी राय रखते हुए कहा, 'हम भी यही चाहते हैं कि भारत का बंटवारा कभी न हुआ होता, क्योंकि इससे किसी को कोई फायदा नहीं हुआ। आज तीनों देशों की हजारों किलोमीटर लंबी सीमाओं की सुरक्षा पर हजारों करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते हैं। क्यों? क्योंकि बार-बार झगड़े होते रहते हैं। इन देशों के आपस में लड़ने से जो नुकसान हुआ है, वैसा दुनिया में कहीं और नहीं देखा गया। इसलिए, हम आज भी उन फैसलों का नतीजा भुगत रहे हैं जो उस समय लोगों ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए लिए थे।'
राम मंदिर चढ़ावा विवाद और पप्पू यादव पर घोष का बयान
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव द्वारा भगवा वस्त्र पहनने पर मंत्री घोष ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, 'उन्होंने रामायण और भगवान राम का अपमान किया है। समाज ऐसे कामों को स्वीकार या मंजूर नहीं करेगा। जहाँ तक कानून की बात है, तो कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है।'
ममता बनर्जी के 'प्लान बी' पर कटाक्ष
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 'प्लान बी' वाले बयान पर मंत्री घोष ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'कौन सा प्लान ए, कौन सा प्लान बी, कौन सा प्लान सी... बस इंतजार कीजिए और देखिए कि प्लान क्या है। अगर पार्टी ही नहीं रहेगी, तो किसी प्लान का क्या फायदा?' यह टिप्पणी तृणमूल कांग्रेस (TMC) की आंतरिक स्थिति को लेकर BJP की बढ़ती आक्रामकता का संकेत देती है। यह ऐसे समय में आई है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव अपने चरम पर है।