2 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

तसलीमा नसरीन की कोलकाता वापसी पर कीया घोष का दावा: BJP सरकार ने दिलाई अभिव्यक्ति की आज़ादी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तसलीमा नसरीन की कोलकाता वापसी पर कीया घोष का दावा: BJP सरकार ने दिलाई अभिव्यक्ति की आज़ादी

सारांश

तसलीमा नसरीन की कोलकाता वापसी BJP के लिए राजनीतिक संदेश बन गई है। कीया घोष ने ममता बनर्जी और वाम-कांग्रेस पर 'वोट बैंक की राजनीति' का आरोप लगाते हुए कहा कि केवल BJP सरकार में ही अभिव्यक्ति की आज़ादी का सम्मान है — एक दावा जो पश्चिम बंगाल की नई सत्ता की छवि-निर्माण रणनीति का हिस्सा दिखता है।

मुख्य बातें

बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन शुक्रवार को कोलकाता लौटीं और रवींद्र सदन में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुईं।
BJP प्रवक्ता कीया घोष ने कहा कि सीपीआईएम , कांग्रेस और ममता बनर्जी में तसलीमा को वापस लाने की न इच्छाशक्ति थी, न साहस।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने तसलीमा को सम्मानित लेखिका बताते हुए कहा वे जब चाहें पश्चिम बंगाल आ सकती हैं।
तसलीमा नसरीन ने कार्यक्रम में कहा कि इस्लाम की आलोचना मुसलमानों पर हमला नहीं है और मुस्लिम समुदाय में सुधार ज़रूरी है।
BJP इस वापसी को अभिव्यक्ति की आज़ादी और संवैधानिक अधिकारों की बहाली के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत कर रही है।

बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन के कोलकाता लौटने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता और प्रवक्ता कीया घोष ने 2 अगस्त को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पिछली वाम-कांग्रेस सरकारों पर तीखा हमला बोला। घोष ने कहा कि केवल मौजूदा BJP सरकार में ही तसलीमा को सम्मान के साथ वापस लाने की इच्छाशक्ति थी।

कीया घोष का बयान

कीया घोष ने कहा, 'सबसे पहले मैं तसलीमा नसरीन का पश्चिम बंगाल में स्वागत करती हूँ। न तो सीपीआईएम और न ही कांग्रेस ने तसलीमा नसरीन को रखने या वापस लाने का साहस दिखाया। न ही उन्होंने ऐसी इच्छाशक्ति दिखाई।' उन्होंने आगे कहा, 'वोट बैंक की वजह से ममता बनर्जी ने तसलीमा नसरीन को वापस लाने की इच्छा नहीं की। लेकिन जो अभी मौजूदा सरकार है, ये सरकार ही तसलीमा नसरीन को वापस लेकर आई है। भाजपा की सरकार अब फ्रीडम ऑफ स्पीच का सम्मान करती है।'

रवींद्र सदन में कार्यक्रम

तसलीमा नसरीन ने शुक्रवार को कोलकाता लौटने के बाद 'सेक्युलर मिशन, ह्यूमन राइट्स बियॉन्ड फ्रंटियर्स फाउंडेशन और पश्चिम बंगाल के लिए' द्वारा रवींद्र सदन में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस्लाम की आलोचना करना या इस्लाम के बारे में सच बोलना मुसलमानों पर हमला नहीं है, और मुस्लिम समुदाय में सुधार, विकास और आज़ादी लाना ज़रूरी है।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की प्रतिक्रिया

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने तसलीमा नसरीन की प्रशंसा करते हुए उन्हें सम्मानित लेखिका बताया। उन्होंने कहा, 'नसरीन जब चाहें और जितनी बार चाहें शहर आ सकती हैं। नई सरकार ने अभिव्यक्ति की आज़ादी सुनिश्चित की है और संवैधानिक एवं मौलिक अधिकारों को बहाल किया है, जिससे सभी को शहर और राज्य में आने-जाने की पूरी आज़ादी है।'

पृष्ठभूमि और राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि तसलीमा नसरीन को सीपीआईएम के कार्यकाल में धार्मिक विवादों के बीच भारत छोड़ने पर मजबूर किया गया था। तब से लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शासनकाल तक उनकी वापसी को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में BJP की नई सरकार अपनी उदारवादी और अभिव्यक्ति-समर्थक छवि बनाने में जुटी है। आलोचकों का कहना है कि यह कदम राजनीतिक रूप से प्रेरित भी हो सकता है, जबकि BJP इसे संवैधानिक मूल्यों की बहाली के रूप में प्रस्तुत कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या यह वास्तव में उदारवादी नीति है या विपक्ष को घेरने की चुनावी रणनीति। सीपीआईएम के दौर में तसलीमा को बाहर किया गया और ममता के कार्यकाल में वोट बैंक की राजनीति हावी रही — यह ऐतिहासिक तथ्य है। लेकिन BJP की 'फ्रीडम ऑफ स्पीच' की घोषणा तब और विश्वसनीय होगी जब यह चुनिंदा नहीं, बल्कि सार्वभौमिक हो। तसलीमा की वापसी एक सकारात्मक संकेत है, पर इसे दीर्घकालिक नीतिगत प्रतिबद्धता में बदलना अभी बाकी है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तसलीमा नसरीन कोलकाता क्यों लौटीं?
तसलीमा नसरीन शुक्रवार को कोलकाता लौटीं और रवींद्र सदन में 'सेक्युलर मिशन, ह्यूमन राइट्स बियॉन्ड फ्रंटियर्स फाउंडेशन' द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। पश्चिम बंगाल में BJP सरकार ने उनके स्वागत को अभिव्यक्ति की आज़ादी की बहाली के रूप में प्रस्तुत किया।
कीया घोष ने ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगाया?
BJP प्रवक्ता कीया घोष ने कहा कि ममता बनर्जी ने वोट बैंक की राजनीति के कारण तसलीमा नसरीन को वापस लाने की इच्छाशक्ति नहीं दिखाई। उन्होंने सीपीआईएम और कांग्रेस पर भी यही आरोप लगाया।
सुवेंदु अधिकारी ने तसलीमा नसरीन के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने तसलीमा नसरीन को सम्मानित लेखिका बताया और कहा कि वे जब चाहें और जितनी बार चाहें कोलकाता आ सकती हैं। उन्होंने कहा कि नई सरकार ने संवैधानिक और मौलिक अधिकारों को बहाल किया है।
तसलीमा नसरीन को पहले भारत क्यों छोड़ना पड़ा था?
सीपीआईएम के कार्यकाल में धार्मिक विवादों के बीच तसलीमा नसरीन को भारत छोड़ने पर मजबूर किया गया था। उसके बाद से न वाम, न कांग्रेस और न ही तृणमूल कांग्रेस सरकार ने उनकी वापसी के लिए कोई ठोस कदम उठाया।
तसलीमा नसरीन ने कार्यक्रम में क्या कहा?
तसलीमा नसरीन ने रवींद्र सदन के कार्यक्रम में कहा कि इस्लाम की आलोचना करना या इस्लाम के बारे में सच बोलना मुसलमानों पर हमला नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम समुदाय में सुधार, विकास और आज़ादी लाना ज़रूरी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 20 घंटे पहले
  2. 23 घंटे पहले
  3. 23 घंटे पहले
  4. कल
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 2 सप्ताह पहले
  7. 2 सप्ताह पहले
  8. 1 महीना पहले