तसलीमा नसरीन की कोलकाता वापसी पर कीया घोष का दावा: BJP सरकार ने दिलाई अभिव्यक्ति की आज़ादी
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन के कोलकाता लौटने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता और प्रवक्ता कीया घोष ने 2 अगस्त को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पिछली वाम-कांग्रेस सरकारों पर तीखा हमला बोला। घोष ने कहा कि केवल मौजूदा BJP सरकार में ही तसलीमा को सम्मान के साथ वापस लाने की इच्छाशक्ति थी।
कीया घोष का बयान
कीया घोष ने कहा, 'सबसे पहले मैं तसलीमा नसरीन का पश्चिम बंगाल में स्वागत करती हूँ। न तो सीपीआईएम और न ही कांग्रेस ने तसलीमा नसरीन को रखने या वापस लाने का साहस दिखाया। न ही उन्होंने ऐसी इच्छाशक्ति दिखाई।' उन्होंने आगे कहा, 'वोट बैंक की वजह से ममता बनर्जी ने तसलीमा नसरीन को वापस लाने की इच्छा नहीं की। लेकिन जो अभी मौजूदा सरकार है, ये सरकार ही तसलीमा नसरीन को वापस लेकर आई है। भाजपा की सरकार अब फ्रीडम ऑफ स्पीच का सम्मान करती है।'
रवींद्र सदन में कार्यक्रम
तसलीमा नसरीन ने शुक्रवार को कोलकाता लौटने के बाद 'सेक्युलर मिशन, ह्यूमन राइट्स बियॉन्ड फ्रंटियर्स फाउंडेशन और पश्चिम बंगाल के लिए' द्वारा रवींद्र सदन में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस्लाम की आलोचना करना या इस्लाम के बारे में सच बोलना मुसलमानों पर हमला नहीं है, और मुस्लिम समुदाय में सुधार, विकास और आज़ादी लाना ज़रूरी है।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की प्रतिक्रिया
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने तसलीमा नसरीन की प्रशंसा करते हुए उन्हें सम्मानित लेखिका बताया। उन्होंने कहा, 'नसरीन जब चाहें और जितनी बार चाहें शहर आ सकती हैं। नई सरकार ने अभिव्यक्ति की आज़ादी सुनिश्चित की है और संवैधानिक एवं मौलिक अधिकारों को बहाल किया है, जिससे सभी को शहर और राज्य में आने-जाने की पूरी आज़ादी है।'
पृष्ठभूमि और राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि तसलीमा नसरीन को सीपीआईएम के कार्यकाल में धार्मिक विवादों के बीच भारत छोड़ने पर मजबूर किया गया था। तब से लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शासनकाल तक उनकी वापसी को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में BJP की नई सरकार अपनी उदारवादी और अभिव्यक्ति-समर्थक छवि बनाने में जुटी है। आलोचकों का कहना है कि यह कदम राजनीतिक रूप से प्रेरित भी हो सकता है, जबकि BJP इसे संवैधानिक मूल्यों की बहाली के रूप में प्रस्तुत कर रही है।