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क्या भारतीय सेना ने 'कन्वर्ज कैप्सूल-2' का सफल आयोजन किया?

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क्या भारतीय सेना ने 'कन्वर्ज कैप्सूल-2' का सफल आयोजन किया?

सारांश

भारतीय सेना ने 'कन्वर्ज कैप्सूल-2' के सफल आयोजन के माध्यम से मिलिट्री और सिविल क्षेत्र के बीच एकजुटता को बढ़ावा दिया। इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले विभिन्न हितधारकों ने तकनीकी नवाचार और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा की। क्या यह पहल राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने में मदद करेगी?

मुख्य बातें

सशस्त्र बलों और नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय तकनीकी नवाचार पर चर्चा राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीतियों को मजबूत करना भविष्य की चुनौतियों का सामना संपूर्ण राष्ट्र दृष्टिकोण का महत्व

जोधपुर/जैसलमेर, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सेना ने 25 से 29 अगस्त 2025 तक राजस्थान के जोधपुर और जैसलमेर में 'कन्वर्ज कैप्सूल-2' का सफल आयोजन किया। यह कार्यक्रम 'मिलिट्री-सिविल फ्यूजन' की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल थी, जिसमें सिविल प्रशासनिक सेवाओं, शिक्षा जगत और प्रमुख औद्योगिक साझेदारों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

इस आयोजन का लक्ष्य सशस्त्र बलों और नागरिक भागीदारों के बीच समन्वय को अधिक मजबूत करना था, जिससे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए एक संयुक्त दृष्टिकोण विकसित किया जा सके। यह कार्यक्रम मुख्यालय साउदर्न कमांड द्वारा टेरिटोरियल आर्मी निदेशालय के सहयोग से आयोजित किया गया।

'संपूर्ण राष्ट्र दृष्टिकोण' की भावना को प्रदर्शित करते हुए, यह आयोजन भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीतियों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। भारतीय सेना ने यह संदेश दिया कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सैन्य बलों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें नागरिक तंत्र, शिक्षा संस्थान और उद्योग जगत की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।

'कन्वर्ज कैप्सूल-2' के दौरान विभिन्न कार्यशालाएं, तकनीकी सत्र और संवाद आयोजित किए गए, जिनमें रक्षा, टेक्नोलॉजी, आपदा प्रबंधन, रिसोर्स ऑप्टिमाइजेशन और भविष्य की रणनीतियों जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी स्टेकहोल्डर्स ने मिलकर नए विचार, तकनीकी नवाचार और रणनीतिक सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विमर्श किया।

इस कार्यक्रम ने सैन्य और नागरिक क्षेत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर तकनीकी विकास, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और सुरक्षा के एकीकृत दृष्टिकोण को बढ़ावा दिया। सेना की इस पहल को 'न्यू इंडिया' के लिए भविष्य की रणनीतियों को आकार देने के दिशा में एक सकारात्मक और दूरदर्शी कदम के रूप में देखा जा रहा है।

एडीजी पीआई-भारतीय सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा, "प्रादेशिक सेना निदेशालय के समन्वय में दक्षिणी कमान मुख्यालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में 'संपूर्ण राष्ट्र दृष्टिकोण' की भावना को मूर्त रूप दिया गया, जिससे सशस्त्र बलों और नागरिक हितधारकों के बीच मजबूत सहयोग को बढ़ावा मिला।"

उन्होंने आगे 'एक्स' पोस्ट में कहा, "इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा, तकनीकी उन्नति और संसाधन अनुकूलन के लिए एकीकृत दृष्टिकोण को बढ़ावा देना और साथ ही भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक तालमेल को मजबूत करना था।"

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं मानता हूँ कि 'कन्वर्ज कैप्सूल-2' जैसे आयोजन सशस्त्र बलों और नागरिक संगठनों के बीच सहयोग को बढ़ावा देते हैं। यह कार्यक्रम एक सकारात्मक पहल है, जो हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आवश्यक है। हमें ऐसे अभियानों का समर्थन करना चाहिए, जो हमारी सामूहिक सुरक्षा को सुदृढ़ करते हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कन्वर्ज कैप्सूल-2 का उद्देश्य क्या था?
इसका उद्देश्य सशस्त्र बलों और नागरिकों के बीच समन्वय को मजबूत करना था।
इस कार्यक्रम में किन क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया?
सिविल प्रशासन, शिक्षा और उद्योग के प्रमुख प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
यह आयोजन कब और कहाँ हुआ?
यह आयोजन 25 से 29 अगस्त 2025 तक जोधपुर और जैसलमेर में हुआ।
क्या यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है?
हाँ, यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सुरक्षा की रणनीतियों को मजबूत करने में मदद करता है।
इस कार्यक्रम में क्या गतिविधियाँ शामिल थीं?
इसमें कार्यशालाएं, तकनीकी सत्र और संवाद शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
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