जम्मू-कश्मीर: गवर्नमेंट हाई स्कूल घर माजूर में भारतीय सेना द्वारा प्रहार डॉक्ट्रिन पर जागरूकता अभियान
सारांश
Key Takeaways
- प्रहार डॉक्ट्रिन के महत्व पर जोर
- विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाना
- राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए त्वरित प्रतिक्रिया की आवश्यकता
- देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करना
- भारतीय सेना की भूमिका को समझना
अखनूर, १६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सेना ने गवर्नमेंट हाई स्कूल घर माजूर में प्रहार डॉक्ट्रिन के अंतर्गत एक जागरूकता अभियान का आयोजन किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को राष्ट्र की सुरक्षा में तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वित कार्रवाई के महत्व से अवगत कराना था।
इस इंटरैक्टिव सत्र में कुल ४५ विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिसमें सेना के जवानों ने प्रहार डॉक्ट्रिन के प्रमुख पहलुओं के बारे में जानकारी दी और राष्ट्रीय सुरक्षा में भारतीय सेना की भूमिका को स्पष्ट किया। विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम में गहरी रुचि दिखाई और सक्रिय रूप से भाग लिया।
सेना की इस पहल को विद्यार्थियों और स्कूल स्टाफ ने अत्यधिक सराहा। इस कार्यक्रम ने युवाओं में देशभक्ति की भावना को और मजबूत किया तथा भारतीय सेना और नई पीढ़ी के बीच संबंधों को और भी प्रगाढ़ बनाया।
विद्यालय के छात्र ग्रीशू शर्मा ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि आज भारतीय सेना ने हमारे स्कूल में जागरूकता अभियान चलाया। इस कार्यक्रम में आपातकाल के बारे में जानकारी दी गई। हमारे विरोधी देश कैसे हमले करते हैं, इस पर भी चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि ड्रोन के माध्यम से भारतीय सीमा में ड्रग्स भेजे जाते हैं और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को आकर्षित किया जाता है। इस संबंध में भारतीय सेना ने हमें जागरूक किया। सेना ने कहा कि यदि इस तरह की किसी गतिविधि की जानकारी मिले तो उसे घर के बड़ों या सेना तक पहुंचाना चाहिए।
छात्रा पीहू शर्मा ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि भारतीय सेना ने हमें सचेत किया है। हमें बताया गया कि हमारे पड़ोसी देश किस प्रकार हमले करते हैं। आज के डिजिटल युग में, सिर्फ हथियारों से नहीं बल्कि डिजिटल हमलों के जरिए भी हमला किया जाता है। यदि हमें ऐसा कोई संकेत मिलता है तो तुरंत बड़ों को सूचना देनी चाहिए। पीहू ने कहा कि हमारी भारतीय सेना दिन-रात हमारे लिए काम करती है। हमें उन पर गर्व है।