असम बाढ़: भूटान बांध गेट खोलने के दावे झूठे, मुख्य सचिव रवि कोटा ने किया खंडन
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्य सचिव रवि कोटा ने 6 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि राज्य में मौजूदा बाढ़ की स्थिति के लिए भूटान के बांधों के गेट खोले जाने को ज़िम्मेदार ठहराने वाले दावे पूरी तरह निराधार और तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। सरकार ने कहा कि नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी वर्षा का परिणाम है, न कि किसी बांध से पानी छोड़े जाने का।
क्या थे वायरल दावे
सोशल मीडिया पर 'भूटान नदी: 3 गेट खोले गए' जैसी एडवाइजरी तेज़ी से फैल रही थी, जिसे लेकर असम के निचले इलाकों में दहशत का माहौल बन गया था। मुख्य सचिव कोटा ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इस तरह की सूचनाओं का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है और ये भूटान के हाइड्रोलॉजी विभाग द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के विपरीत हैं।
कुरिच्छू जलविद्युत संयंत्र की वास्तविक स्थिति
भूटान के अधिकारियों ने असम सरकार को सूचित किया कि कुरिच्छू जलविद्युत संयंत्र ने 21 जुलाई को नियमित रखरखाव के तहत जलाशय की सफाई की प्रक्रिया पूरी की थी। यह कार्य स्थापित मानक प्रोटोकॉल के अनुसार किया गया और इसका वर्तमान बाढ़ की स्थिति से कोई संबंध नहीं है। भूटानी अधिकारियों ने यह भी पुष्टि की कि फिलहाल कोई आपातकालीन जल-निकासी प्रक्रिया नहीं चल रही है।
असम-भूटान समन्वय तंत्र
मुख्य सचिव ने बताया कि असम और भूटान के बाढ़ नियंत्रण अधिकारी वास्तविक समय में जानकारी का आदान-प्रदान कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच बारिश के पैटर्न, नदी के जलस्तर और निचले इलाकों पर असर डालने वाली हर घटना की निरंतर निगरानी की जा रही है। भूटानी पक्ष ने दोहराया कि किसी भी बड़े बांध संचालन की सूचना आधिकारिक चैनलों के माध्यम से पहले से दी जाती है।
सरकार की अपील
असम सरकार ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे बाढ़ से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल सरकारी एडवाइजरी पर भरोसा करें। बिना पुष्टि के सोशल मीडिया पोस्ट और अफवाहों से बचने की सख्त हिदायत दी गई है। गौरतलब है कि बाढ़ के मौसम में इस तरह की भ्रामक सूचनाएं घबराहट और अव्यवस्था फैला सकती हैं, जिससे राहत एवं बचाव कार्यों में बाधा आती है।