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चिनाब में बाढ़ भारी बारिश का नतीजा, पाकिस्तानी मीडिया के आरोप बेबुनियाद : भारत

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चिनाब में बाढ़ भारी बारिश का नतीजा, पाकिस्तानी मीडिया के आरोप बेबुनियाद : भारत

सारांश

पाकिस्तानी मीडिया के आरोपों का जवाब देते हुए भारत ने कहा कि चिनाब में बाढ़ प्रकृति की देन है, साजिश नहीं — और पाकिस्तान के अपने बाढ़ विभाग की 22 जुलाई की एडवाइजरी इसकी पुष्टि करती है। साथ ही सिंधु जल संधि के निलंबन पर भारत का रुख अटल बना हुआ है।

मुख्य बातें

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 24 जुलाई को पाकिस्तानी मीडिया के बाढ़ संबंधी आरोपों को 'बेबुनियाद और तकनीकी रूप से गलत' बताया।
चिनाब नदी में जलस्तर वृद्धि का कारण 20 से 23 जुलाई के बीच जम्मू व ऊपरी इलाकों में हुई भारी मानसूनी बारिश है।
पाकिस्तान के फ्लड फोरकास्टिंग डिवीजन ने 22 जुलाई को खुद अपनी एडवाइजरी में भारी बारिश को बाढ़ का कारण बताया था।
भारत ने कहा कि वह मानवीय आधार पर पाकिस्तान के साथ अधिक जलप्रवाह की जानकारी साझा करता रहेगा।
सिंधु जल संधि ( 19 सितंबर 1960 ) तब तक स्थगित रहेगी जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह और विश्वसनीय रूप से बंद नहीं करता।

विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 24 जुलाई को नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि चिनाब नदी में हाल में आई बाढ़ 20 से 23 जुलाई के बीच जम्मू और आसपास के ऊपरी इलाकों में हुई भारी मानसूनी बारिश का सीधा परिणाम है। भारत ने पाकिस्तानी मीडिया के उन दावों को पूरी तरह खारिज किया, जिनमें आरोप लगाया गया था कि नई दिल्ली जानबूझकर पाकिस्तान में बाढ़ की स्थिति पैदा कर रहा है।

भारत का आधिकारिक खंडन

जायसवाल ने कहा, 'हम पाकिस्तानी मीडिया की ऐसी खबरें देख रहे हैं जिनमें आरोप लगाया जा रहा है कि भारत जानबूझकर पाकिस्तान में बाढ़ ला रहा है। ये आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और हकीकत के उलट हैं।' उन्होंने इन दावों को तथ्यों के विरुद्ध और तकनीकी रूप से गलत बताया।

प्रवक्ता ने यह भी बताया कि नदी का बहाव इस दौरान इतने असामान्य स्तर तक नहीं पहुँचा था कि कोई विशेष बाढ़ चेतावनी जारी करनी पड़े — पानी का स्तर सामान्य मानसूनी परिस्थितियों के अनुरूप था।

पाकिस्तान के अपने बाढ़ विभाग ने दी थी चेतावनी

जायसवाल ने एक महत्वपूर्ण तथ्य की ओर ध्यान दिलाया — लाहौर स्थित पाकिस्तान के फ्लड फोरकास्टिंग डिवीजन ने 22 जुलाई को शाम 5:18 बजे (स्थानीय समय) जारी एडवाइजरी में स्वयं स्वीकार किया था कि चिनाब नदी में जलस्तर वृद्धि का कारण ऊपरी इलाकों में हुई भारी बारिश है।

उस एडवाइजरी में यह भी कहा गया था कि मराला इलाके में पानी का बहाव कुछ समय तक अधिक रह सकता है और बारिश कम होने के बाद धीरे-धीरे घटेगा। जायसवाल ने कहा कि मौसम से जुड़ी बाढ़ को भारत की किसी कार्रवाई से जोड़ना पाकिस्तान की अपनी आधिकारिक बाढ़ रिपोर्ट के भी विपरीत है।

सूचना साझाकरण पर भारत का रुख

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि भारत पर बाढ़ से जुड़ी जानकारी रोकने के आरोपों का कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत पिछले वर्ष की भाँति इस बार भी मानवीय आधार पर, जरूरत पड़ने पर राजनयिक माध्यमों से पाकिस्तान को अधिक जलप्रवाह से संबंधित जानकारी साझा करता रहेगा।

सिंधु जल संधि पर भारत का दृढ़ रुख

मीडिया ब्रीफिंग के दौरान जायसवाल ने सिंधु जल संधि पर भारत का रुख भी दोहराया। उन्होंने कहा, 'हमारा रुख बिल्कुल साफ है। सिंधु जल संधि तब तक स्थगित रहेगी, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के लिए अपना समर्थन पूरी तरह और विश्वसनीय तरीके से छोड़ नहीं देता।'

गौरतलब है कि सिंधु जल संधि पर 19 सितंबर 1960 को भारत और पाकिस्तान के बीच हस्ताक्षर हुए थे, जो सिंधु नदी प्रणाली के जल उपयोग को नियंत्रित करती है। पिछले वर्ष हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए इस संधि को स्थगित कर दिया था।

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब भारत-पाकिस्तान संबंध पहले से ही अत्यंत तनावपूर्ण हैं और सिंधु जल संधि के भविष्य को लेकर दोनों देशों के बीच गहरे मतभेद बने हुए हैं। आने वाले मानसून सत्र में इस तरह के जल-विवाद और तीखे हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक परिचित पैटर्न है — जल को भू-राजनीतिक हथियार के रूप में चित्रित करने की कोशिश। लेकिन इस बार पाकिस्तान के अपने फ्लड फोरकास्टिंग डिवीजन की एडवाइजरी ने उन्हीं के आरोपों की हवा निकाल दी। असली सवाल यह है कि सिंधु जल संधि के निलंबन के बाद दोनों देशों के बीच जल-सूचना साझाकरण का कोई औपचारिक तंत्र नहीं बचा — और मानसून के मौसम में यह खाई खतरनाक साबित हो सकती है, चाहे जिम्मेदारी किसी की भी हो।
RashtraPress
8 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने चिनाब नदी में बाढ़ के लिए पाकिस्तानी आरोपों को क्यों खारिज किया?
भारत ने कहा कि चिनाब में बाढ़ 20 से 23 जुलाई के बीच जम्मू और ऊपरी इलाकों में हुई भारी मानसूनी बारिश का परिणाम है, न कि किसी जानबूझकर की गई कार्रवाई का। MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इन आरोपों को तथ्यों के विरुद्ध और तकनीकी रूप से गलत बताया।
पाकिस्तान के फ्लड फोरकास्टिंग डिवीजन ने क्या कहा था?
लाहौर स्थित पाकिस्तान के फ्लड फोरकास्टिंग डिवीजन ने 22 जुलाई को शाम 5:18 बजे जारी एडवाइजरी में खुद बताया था कि चिनाब में जलस्तर वृद्धि का कारण ऊपरी इलाकों में भारी बारिश है। एडवाइजरी में यह भी कहा गया कि मराला इलाके में बहाव बारिश कम होने के बाद घटेगा।
क्या भारत पाकिस्तान को बाढ़ से जुड़ी जानकारी देता है?
भारत ने स्पष्ट किया कि वह मानवीय आधार पर और जरूरत पड़ने पर राजनयिक माध्यमों से पाकिस्तान को अधिक जलप्रवाह की जानकारी साझा करता रहेगा, जैसा पिछले वर्ष भी किया गया था।
सिंधु जल संधि अभी किस स्थिति में है?
19 सितंबर 1960 को हस्ताक्षरित सिंधु जल संधि को भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद स्थगित कर दिया था। भारत का कहना है कि यह निलंबन तब तक जारी रहेगा जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह और स्थायी रूप से बंद नहीं करता।
चिनाब नदी विवाद भारत-पाकिस्तान संबंधों को कैसे प्रभावित करता है?
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब दोनों देशों के बीच सिंधु जल संधि के निलंबन को लेकर पहले से तनाव है। जल को लेकर इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप द्विपक्षीय संबंधों में और कड़वाहट जोड़ते हैं, विशेषकर मानसून सत्र में जब नदियों का जलस्तर स्वाभाविक रूप से बढ़ता है।
राष्ट्र प्रेस
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