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तीस्ता परियोजना से सिंधु जल संधि तक: विदेश मंत्रालय ने 3 जुलाई को स्पष्ट किया भारत का रुख

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तीस्ता परियोजना से सिंधु जल संधि तक: विदेश मंत्रालय ने 3 जुलाई को स्पष्ट किया भारत का रुख

सारांश

विदेश मंत्रालय ने एक ही ब्रीफिंग में चार बड़े मोर्चों पर भारत की स्थिति रखी — तीस्ता पर रणनीतिक प्रतीक्षा, पाकिस्तान पर सिंधु जल संधि का निलंबन, कांसुलर सेवाओं पर कोर्ट का इंतजार और अफगानिस्तान पर पाक हमलों की निंदा। यह भारत की शर्त-आधारित कूटनीति का साफ संकेत है।

मुख्य बातें

तीस्ता नदी परियोजना पर भारत ने कहा — रुख बांग्लादेश को बताया जा चुका है; नए घटनाक्रमों के आधार पर आगे की रणनीति तय होगी।
सिंधु जल संधि (1960) तत्काल प्रभाव से स्थगित; पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद पूरी तरह बंद करने तक लागू नहीं होगी।
ऑस्ट्रेलिया, कुवैत और यूएई में भारतीय मिशन सीमित कांसुलर सेवाएँ दे रहे हैं; आउटसोर्सिंग एजेंसी का काम दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश तक रोका गया।
भारत ने पाकिस्तान के अफगानिस्तान पर हवाई हमलों की कड़ी निंदा की और अफगान संप्रभुता के प्रति समर्थन दोहराया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 3 जुलाई 2026 की साप्ताहिक ब्रीफिंग में ये सभी बातें कहीं।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने 3 जुलाई 2026 को एक साथ कई अहम विदेश नीति मुद्दों पर भारत की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट की — जिनमें बांग्लादेश की तीस्ता नदी परियोजना, पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि (IWT) का निलंबन, विदेशों में कांसुलर सेवाओं की स्थिति और अफगानिस्तान पर पाकिस्तान के हवाई हमलों की निंदा शामिल है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में ये बातें कहीं।

तीस्ता परियोजना पर भारत का रुख

प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि तीस्ता नदी परियोजना को लेकर भारत पहले ही बांग्लादेश को अपनी स्थिति से अवगत करा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश में विकास परियोजनाओं के लिए भारत की सहायता दोनों देशों के बीच तय रोडमैप के अनुसार दी जाती है और इसकी नियमित समीक्षा होती रहती है। जायसवाल ने कहा, 'अब इस मुद्दे से जुड़े सभी नए घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए भारत आगे अपनी रणनीति तय करेगा।' गौरतलब है कि तीस्ता जल-बँटवारे का मुद्दा वर्षों से भारत-बांग्लादेश संबंधों में एक संवेदनशील बिंदु रहा है।

सिंधु जल संधि: पाकिस्तान पर सख्त शर्त

1960 में हस्ताक्षरित सिंधु जल संधि को लेकर प्रवक्ता ने दोहराया कि यह संधि तत्काल प्रभाव से स्थगित रहेगी। उन्होंने कहा कि यह तब तक लागू नहीं होगी, जब तक पाकिस्तान भरोसेमंद और स्थायी तरीके से सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना पूरी तरह बंद नहीं कर देता। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान संबंध पहले से ही गहरे तनाव में हैं और सिंधु जल संधि का निलंबन नई दिल्ली की कड़ी कूटनीतिक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।

कांसुलर सेवाएँ: दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश का इंतजार

प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया, कुवैत और यूएई में भारतीय मिशन फिलहाल सीमित कांसुलर सेवाएँ दे रहे हैं। इन देशों में कांसुलर सेवाओं में सहयोग करने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी का काम रोक दिया गया है, क्योंकि यह मामला दिल्ली उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार न्यायालय के निर्देशों की प्रतीक्षा कर रही है।

अफगानिस्तान पर पाकिस्तानी हमलों की निंदा

जायसवाल ने पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान पर किए गए हवाई हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भारत ने अफगानिस्तान की अखंडता और संप्रभुता के प्रति अपना मजबूत समर्थन दोहराया है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत का मानवीय सहायता सहयोग जारी है और वह अफगानिस्तान में विकास परियोजनाएँ भी चला रहा है, जिनसे वहाँ के लोगों के जीवन में सुधार हो सके।

आगे क्या

भारत की ये स्पष्टवादी घोषणाएँ संकेत देती हैं कि नई दिल्ली अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंधों में शर्त-आधारित कूटनीति की नीति पर चल रही है। तीस्ता परियोजना पर नए घटनाक्रमों की समीक्षा और सिंधु जल संधि के निलंबन की समीक्षा आने वाले महीनों में भारत की विदेश नीति की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसके दीर्घकालिक कानूनी और कूटनीतिक जोखिमों पर अभी खुली बहस नहीं हुई है। तीस्ता पर 'नए घटनाक्रमों की समीक्षा' वाला अस्पष्ट बयान बताता है कि बांग्लादेश के साथ संबंध अभी भी नाजुक दौर में हैं। कांसुलर सेवाओं की बाधा लाखों प्रवासी भारतीयों को प्रभावित करती है — यह पहलू अक्सर बड़े कूटनीतिक बयानों की छाया में दब जाता है।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने तीस्ता नदी परियोजना पर क्या रुख अपनाया है?
भारत ने कहा है कि तीस्ता नदी परियोजना पर उसका रुख पहले ही बांग्लादेश को बताया जा चुका है। बांग्लादेश को दी जाने वाली विकास सहायता दोनों देशों के बीच तय रोडमैप के अनुसार होती है और नए घटनाक्रमों को देखते हुए आगे की रणनीति तय की जाएगी।
सिंधु जल संधि को भारत ने क्यों स्थगित किया है?
भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है। यह निलंबन तब तक जारी रहेगा जब तक पाकिस्तान भरोसेमंद और स्थायी तरीके से सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना पूरी तरह बंद नहीं कर देता।
ऑस्ट्रेलिया, कुवैत और यूएई में भारतीय कांसुलर सेवाएँ क्यों सीमित हैं?
इन देशों में कांसुलर सेवाओं में सहयोग करने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी का काम रोक दिया गया है, क्योंकि यह मामला दिल्ली उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। भारत सरकार न्यायालय के निर्देशों की प्रतीक्षा कर रही है।
अफगानिस्तान पर पाकिस्तानी हवाई हमलों पर भारत का क्या कहना है?
भारत ने पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान पर किए गए हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है। साथ ही भारत ने अफगानिस्तान की अखंडता और संप्रभुता के प्रति अपना मजबूत समर्थन दोहराया है और मानवीय सहायता तथा विकास परियोजनाएँ जारी रखने की बात कही है।
विदेश मंत्रालय की यह ब्रीफिंग कब और किसने दी?
यह साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग 3 जुलाई 2026 को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में दी। इसमें एक साथ बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और प्रवासी कांसुलर सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर भारत का आधिकारिक रुख स्पष्ट किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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