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बिहार बाढ़ 2026: अशोक चौधरी बोले- सरकार पूरी तरह सतर्क, गंगा-सोन का जलस्तर बढ़ा

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बिहार बाढ़ 2026: अशोक चौधरी बोले- सरकार पूरी तरह सतर्क, गंगा-सोन का जलस्तर बढ़ा

सारांश

बिहार में बाढ़ का खतरा गहराया — गंगा और सोन का जलस्तर बढ़ा, नेपाल अलर्ट पर। जदयू नेता अशोक चौधरी ने सरकार की तैयारियों का बचाव किया, तेजस्वी यादव के आर्थिक बयानों को निराधार बताया और बाढ़ में बही मछलियाँ न खाने की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

जदयू नेता अशोक चौधरी ने 3 सितंबर को कहा कि बिहार सरकार बाढ़ को लेकर पूरी तरह सतर्क है और निचले इलाके खाली कराए जा रहे हैं।
गंगा और सोन नदी का जलस्तर बढ़ रहा है; नेपाल अलर्ट के मद्देनज़र जल संसाधन विभाग लगातार निगरानी में है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय जल संसाधन मंत्री से गाद प्रबंधन नीति पर चर्चा की थी।
हिमालयी क्षेत्र के 1,000-1,100 जलाशयों से बहकर आई मछलियाँ खाने से बचने की अपील।
तेजस्वी यादव के आर्थिक बयानों को चौधरी ने 'केवल विरोध के लिए' बताया।
आरक्षण पर चौधरी ने कहा — चर्चा का मंच संसद है, मीडिया नहीं।

बिहार के मंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के नेता अशोक चौधरी ने गुरुवार, 3 सितंबर को स्पष्ट किया कि राज्य में बाढ़ की स्थिति पर सरकार पूरी तरह सतर्क है और खतरे वाले निचले इलाकों को खाली कराने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं पर किसी का नियंत्रण नहीं होता, परंतु बिहार सरकार का पूरा तंत्र पूरी तत्परता के साथ मैदान में है।

गंगा और सोन नदी पर निगरानी

मीडिया से बातचीत में अशोक चौधरी ने बताया कि नेपाल में जारी अलर्ट को देखते हुए जल संसाधन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। कितने क्यूसेक पानी आ रहा है और रोकने की क्षमता कितनी है, इसकी समीक्षा निरंतर हो रही है। गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है और सोन नदी के जलस्तर पर भी नज़र रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में भारी बारिश के कारण सोन नदी में पानी बढ़ रहा है, हालाँकि फिलहाल घबराने की आवश्यकता नहीं है।

गाद प्रबंधन नीति की माँग

चौधरी ने रेखांकित किया कि बिहार में अपेक्षाकृत कम वर्षा होने के बावजूद नेपाल और मध्य प्रदेश की भारी बारिश का खामियाजा बिहार को भुगतना पड़ता है। इसी कारण राज्य सरकार लगातार केंद्र से गाद प्रबंधन नीति की माँग कर रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय जल संसाधन मंत्री से मुलाकात के दौरान भी यह मुद्दा उठाया था। गाद जमा होने के कारण गंगा का बेसिन कई स्थानों पर फैल गया है, जिससे यह नीति बिहार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है।

तेजस्वी यादव पर पलटवार

विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव द्वारा केंद्र की आर्थिक नीतियों पर उठाए गए सवालों पर चौधरी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि तेजस्वी कोई अर्थशास्त्री नहीं हैं और केवल विरोध के लिए बयान दे रहे हैं। चौधरी के अनुसार, मध्य पूर्व संकट के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था और जीडीपी वृद्धि दर मजबूत बनी हुई है और पेट्रोलियम व गैस की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच वित्तीय प्रबंधन मज़बूत रखना सरकार की उपलब्धि है।

विदेश नीति और आरक्षण पर रुख

विदेश नीति के मुद्दे पर चौधरी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देते हुए कहा कि वाजपेयी विपक्ष में रहते हुए भी देशहित में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार के साथ खड़े हुए थे। उन्होंने कहा कि आज के विपक्षी नेता विदेश जाकर प्रधानमंत्री और भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाते हैं, जो राजनीतिक समझ का अंतर दर्शाता है।

आरक्षण के प्रश्न पर चौधरी ने कहा कि यह संविधान प्रदत्त अधिकार है और इस पर किसी प्रकार का समझौता नहीं हो सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरक्षण से जुड़े किसी भी विषय पर समीक्षा या चर्चा का उचित मंच संसद है, मीडिया नहीं। जदयू अपने नेतृत्व की विचारधारा के साथ दृढ़ता से खड़ा है।

बाढ़ में बहकर आई मछलियाँ खाने से बचें

चौधरी ने लोगों को एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य चेतावनी भी दी। उन्होंने बताया कि हिमालयी क्षेत्र में करीब 1,000 से 1,100 जलाशय हैं और वहाँ से विषम परिस्थितियों में बहकर आने वाली मछलियाँ मानव उपभोग के लिए सुरक्षित नहीं मानी जा सकतीं। उन्होंने लोगों से अपील की कि बाढ़ में बहकर आई बड़ी मछलियाँ न खाएँ। आने वाले दिनों में नदियों के जलस्तर और नेपाल से आने वाले पानी पर निगरानी जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर नेपाल और मध्य प्रदेश की बाढ़ का बोझ हर साल बिहार पर आ पड़ता है। गाद प्रबंधन नीति की माँग वर्षों पुरानी है, लेकिन केंद्र स्तर पर ठोस कार्रवाई अब तक नहीं हुई। तेजस्वी पर पलटवार राजनीतिक रूप से अपेक्षित था, पर असली सवाल यह है कि बाढ़ राहत और पुनर्वास की ज़मीनी तैयारी कितनी वास्तविक है — सरकार की 'सजगता' का असल पैमाना प्रभावित परिवारों तक पहुँचने वाली मदद से तय होगा।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में बाढ़ की मौजूदा स्थिति क्या है?
3 सितंबर 2026 तक गंगा और सोन नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। नेपाल में अलर्ट और मध्य प्रदेश में भारी बारिश के कारण बिहार के निचले इलाकों पर दबाव बढ़ा है। सरकार ने निचले इलाकों को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बिहार सरकार गाद प्रबंधन नीति की माँग क्यों कर रही है?
गाद जमा होने के कारण गंगा का बेसिन कई स्थानों पर फैल गया है, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ता है। बिहार खुद कम बारिश वाला राज्य है, लेकिन नेपाल और मध्य प्रदेश की बारिश का पानी बिहार की नदियों में आता है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय जल संसाधन मंत्री से इस पर चर्चा की है।
बाढ़ में बहकर आई मछलियाँ क्यों नहीं खानी चाहिए?
अशोक चौधरी के अनुसार, हिमालयी क्षेत्र में करीब 1,000 से 1,100 जलाशय हैं और वहाँ से विषम परिस्थितियों में बहकर आने वाली मछलियाँ मानव उपभोग के लिए सुरक्षित नहीं मानी जा सकतीं। उन्होंने लोगों से ऐसी मछलियाँ न खाने की अपील की है।
तेजस्वी यादव के किस बयान पर अशोक चौधरी ने आपत्ति जताई?
तेजस्वी यादव ने केंद्र की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए थे। चौधरी ने इसे 'केवल विरोध के लिए बयान' बताते हुए कहा कि मध्य पूर्व संकट के बावजूद भारत की जीडीपी वृद्धि दर मजबूत है और वित्तीय प्रबंधन सरकार की उपलब्धि है।
आरक्षण पर जदयू का क्या रुख है?
जदयू नेता अशोक चौधरी ने स्पष्ट किया कि आरक्षण संविधान प्रदत्त अधिकार है और इस पर कोई समझौता नहीं होगा। उनके अनुसार, आरक्षण से जुड़े किसी भी विषय पर चर्चा का सही मंच संसद है, मीडिया नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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