22 सितंबर 2026
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जमुई केस: मुठभेड़ में मुख्य आरोपी नंदन यादव घायल, अब तक 5 गिरफ्तार; 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल पर कार्रवाई

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जमुई केस: मुठभेड़ में मुख्य आरोपी नंदन यादव घायल, अब तक 5 गिरफ्तार; 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल पर कार्रवाई

सारांश

बिहार के जमुई में नाबालिग से कथित बदसलूकी के मामले में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी नंदन यादव को घायल अवस्था में दबोचा। कुल 5 गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं। साथ ही पीड़ित की पहचान वायरल करने वाले 120 सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ केस दर्ज, 3 यूज़र हिरासत में।

मुख्य बातें

19 सितंबर 2026 को जमुई के मारवा-प्रतापपुर पहाड़ी क्षेत्र में नाबालिग छात्रा और उसके साथी के साथ कथित बदसलूकी की घटना हुई।
22 सितंबर को पुलिस मुठभेड़ में मुख्य आरोपी नंदन यादव घायल, दूसरे आरोपी हरे राम यादव को पकड़ा गया; मामले में अब तक कुल 5 गिरफ्तारियाँ ।
मामले में जमुई थाना कांड संख्या 428/26 दर्ज, पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धाराएँ लागू।
आरोपियों के अवैध बालू और शराब कारोबार से जुड़े होने की जानकारी, अलग जाँच जारी।
120 सोशल मीडिया प्रोफाइलों पर जमुई साइबर थाना कांड 45/2026 दर्ज, 3 यूज़र गिरफ्तार ।
एसपी विश्वजीत दयाल ने पीड़ित की पहचान वाली सामग्री साझा न करने की अपील की।

बिहार के जमुई जिले में नाबालिग छात्रा और उसके साथी के साथ 19 सितंबर 2026 की शाम को हुई कथित बदसलूकी के मामले में पुलिस ने मंगलवार, 22 सितंबर को दो मुख्य आरोपियों को दबोचा, जिनमें से एक मुठभेड़ के दौरान घायल हो गया। इस प्रकरण में अब तक कुल 5 व्यक्ति गिरफ्तार हो चुके हैं — दो वयस्क आरोपी और तीन नाबालिग जिन्हें पहले ही निरुद्ध किया जा चुका था। साथ ही, वायरल वीडियो के ज़रिए पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाले करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइलों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है।

मुठभेड़ और गिरफ्तारी का घटनाक्रम

जमुई पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने बताया कि मंगलवार सुबह लगभग पाँच बजे सूचना मिली कि दोनों मुख्य आरोपी प्रतापपुर गाँव के बाहर नदी के बहियार इलाके में छिपे हैं। एसआईटी की टीमों ने तत्काल घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस को देख भागने की कोशिश करने वाले एक व्यक्ति को पकड़ा गया, जिसकी पहचान हरे राम यादव के रूप में हुई।

हरे राम की पूछताछ के आधार पर अतिरिक्त बल बुलाकर दूसरे आरोपी को घेरा गया। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी नंदन यादव ने पुलिस टीम को देखकर फायरिंग की, जिसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इसमें नंदन यादव घायल हो गया और उसे हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

मामले की पृष्ठभूमि

पुलिस के अनुसार, यह घटना 19 सितंबर 2026 की शाम करीब 6:45 बजे जमुई थाना क्षेत्र के मारवा और प्रतापपुर के बीच स्थित पहाड़ी इलाके में हुई थी। इस घटना की जानकारी पुलिस को 21 सितंबर को सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से मिली। पुलिस ने तुरंत पीड़ितों की पहचान कर जमुई थाना कांड संख्या 428/26 दर्ज किया और भारतीय न्याय संहिता तथा पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की। उसी दिन तीन नाबालिग आरोपियों को निरुद्ध किया गया था।

आरोपियों का आपराधिक पृष्ठभूमि

एसपी दयाल ने बताया कि गिरफ्तार दोनों मुख्य आरोपी बालिग हैं और उनके अवैध बालू तथा शराब कारोबार से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। इस पहलू की अलग से जाँच की जा रही है। दोनों के आपराधिक इतिहास की भी पड़ताल जारी है।

सोशल मीडिया पर कार्रवाई

घटना से जुड़े वायरल वीडियो के ज़रिए नाबालिग पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाले उपयोगकर्ताओं के खिलाफ जमुई साइबर थाना कांड संख्या 45/2026 दर्ज किया गया है। इस मामले में करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइलों को चिन्हित किया गया है और अब तक तीन सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शेष चिन्हित प्रोफाइलों के खिलाफ भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

एसपी विश्वजीत दयाल ने लोगों से अपील की है कि नाबालिग पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाली किसी भी सामग्री को सोशल मीडिया पर प्रसारित न करें, क्योंकि इससे पीड़ितों को मानसिक और सामाजिक नुकसान होता है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस ने बताया कि मामले की जाँच जारी है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे के कदम उठाए जाएँगे। इसके अलावा, स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाने की भी योजना बनाई जा रही है। यह मामला बिहार में नाबालिगों की सुरक्षा और सोशल मीडिया पर पीड़ित-पहचान उजागर करने के खिलाफ कानूनी प्रावधानों को लेकर व्यापक बहस को फिर से केंद्र में ला रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि घटना 19 सितंबर को हुई और पुलिस को 21 सितंबर को सोशल मीडिया वीडियो से पता चला — यानी पीड़ित ने या किसी चश्मदीद ने सीधे पुलिस को सूचित नहीं किया। 120 सोशल मीडिया प्रोफाइलों पर कार्रवाई संदेश तो देती है, लेकिन पॉक्सो पीड़ितों की ऑनलाइन पहचान उजागर होने की बढ़ती प्रवृत्ति के लिए यह पर्याप्त नहीं है — इसके लिए प्लेटफॉर्म-स्तरीय जवाबदेही और सक्रिय कंटेंट मॉडरेशन की ज़रूरत है जो अब तक अनुपस्थित रही है।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जमुई नाबालिग केस में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
इस मामले में अब तक कुल 5 लोगों को गिरफ्तार या निरुद्ध किया गया है — दो वयस्क मुख्य आरोपी (नंदन यादव और हरे राम यादव) और तीन नाबालिग आरोपी जिन्हें 21 सितंबर को निरुद्ध किया गया था। इसके अलावा पीड़ित की पहचान उजागर करने वाले 3 सोशल मीडिया यूज़र भी हिरासत में हैं।
जमुई में यह घटना कब और कहाँ हुई थी?
यह घटना 19 सितंबर 2026 की शाम करीब 6:45 बजे जमुई थाना क्षेत्र में मारवा और प्रतापपुर के बीच स्थित पहाड़ी इलाके में हुई थी। पुलिस को इसकी सूचना 21 सितंबर को सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से मिली।
सोशल मीडिया पर पीड़ित की पहचान उजागर करने पर क्या कार्रवाई हुई है?
जमुई साइबर थाना में कांड संख्या 45/2026 दर्ज कर लगभग 120 सोशल मीडिया प्रोफाइलों के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है। अब तक तीन सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है और शेष चिन्हित प्रोफाइलों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी रहेगी।
मामले में कौन-से कानूनी प्रावधान लागू किए गए हैं?
मामले में जमुई थाना कांड संख्या 428/26 दर्ज किया गया है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। जाँच के लिए एक विशेष जाँच दल (एसआईटी) भी गठित किया गया है।
मुख्य आरोपी नंदन यादव की क्या स्थिति है?
पुलिस के अनुसार, नंदन यादव ने 22 सितंबर की सुबह पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया। उसे हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसके आपराधिक इतिहास तथा कथित अवैध बालू-शराब कारोबार की अलग से जाँच की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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