जमुई केस: मुठभेड़ में मुख्य आरोपी नंदन यादव घायल, अब तक 5 गिरफ्तार; 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल पर कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के जमुई जिले में नाबालिग छात्रा और उसके साथी के साथ 19 सितंबर 2026 की शाम को हुई कथित बदसलूकी के मामले में पुलिस ने मंगलवार, 22 सितंबर को दो मुख्य आरोपियों को दबोचा, जिनमें से एक मुठभेड़ के दौरान घायल हो गया। इस प्रकरण में अब तक कुल 5 व्यक्ति गिरफ्तार हो चुके हैं — दो वयस्क आरोपी और तीन नाबालिग जिन्हें पहले ही निरुद्ध किया जा चुका था। साथ ही, वायरल वीडियो के ज़रिए पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाले करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइलों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुठभेड़ और गिरफ्तारी का घटनाक्रम
जमुई पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने बताया कि मंगलवार सुबह लगभग पाँच बजे सूचना मिली कि दोनों मुख्य आरोपी प्रतापपुर गाँव के बाहर नदी के बहियार इलाके में छिपे हैं। एसआईटी की टीमों ने तत्काल घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस को देख भागने की कोशिश करने वाले एक व्यक्ति को पकड़ा गया, जिसकी पहचान हरे राम यादव के रूप में हुई।
हरे राम की पूछताछ के आधार पर अतिरिक्त बल बुलाकर दूसरे आरोपी को घेरा गया। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी नंदन यादव ने पुलिस टीम को देखकर फायरिंग की, जिसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इसमें नंदन यादव घायल हो गया और उसे हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मामले की पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, यह घटना 19 सितंबर 2026 की शाम करीब 6:45 बजे जमुई थाना क्षेत्र के मारवा और प्रतापपुर के बीच स्थित पहाड़ी इलाके में हुई थी। इस घटना की जानकारी पुलिस को 21 सितंबर को सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से मिली। पुलिस ने तुरंत पीड़ितों की पहचान कर जमुई थाना कांड संख्या 428/26 दर्ज किया और भारतीय न्याय संहिता तथा पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की। उसी दिन तीन नाबालिग आरोपियों को निरुद्ध किया गया था।
आरोपियों का आपराधिक पृष्ठभूमि
एसपी दयाल ने बताया कि गिरफ्तार दोनों मुख्य आरोपी बालिग हैं और उनके अवैध बालू तथा शराब कारोबार से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। इस पहलू की अलग से जाँच की जा रही है। दोनों के आपराधिक इतिहास की भी पड़ताल जारी है।
सोशल मीडिया पर कार्रवाई
घटना से जुड़े वायरल वीडियो के ज़रिए नाबालिग पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाले उपयोगकर्ताओं के खिलाफ जमुई साइबर थाना कांड संख्या 45/2026 दर्ज किया गया है। इस मामले में करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइलों को चिन्हित किया गया है और अब तक तीन सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शेष चिन्हित प्रोफाइलों के खिलाफ भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
एसपी विश्वजीत दयाल ने लोगों से अपील की है कि नाबालिग पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाली किसी भी सामग्री को सोशल मीडिया पर प्रसारित न करें, क्योंकि इससे पीड़ितों को मानसिक और सामाजिक नुकसान होता है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि मामले की जाँच जारी है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे के कदम उठाए जाएँगे। इसके अलावा, स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाने की भी योजना बनाई जा रही है। यह मामला बिहार में नाबालिगों की सुरक्षा और सोशल मीडिया पर पीड़ित-पहचान उजागर करने के खिलाफ कानूनी प्रावधानों को लेकर व्यापक बहस को फिर से केंद्र में ला रहा है।