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विधायकों की अनुपस्थिति पर मांझी का तंज: जब टिकट बिकेंगे, तो फोन भी बंद होंगे

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विधायकों की अनुपस्थिति पर मांझी का तंज: जब टिकट बिकेंगे, तो फोन भी बंद होंगे

सारांश

बिहार में राज्यसभा की सीटों के लिए मतदान के बाद, एनडीए की जीत की संभावना बढ़ी है। जीतन राम मांझी ने कांग्रेस और राजद को आड़े हाथ लिया, जबकि उप मुख्यमंत्री ने भी बंधुआ मजदूरी के आरोप लगाए। जानें इस राजनीतिक हलचल की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

एनडीए की जीत की संभावना बढ़ी है।
महागठबंधन में विधायकों की अनुपस्थिति से चिंताएं बढ़ी हैं।
जीतन राम मांझी ने राजद और कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
विजय कुमार सिन्हा ने राजद की पुरानी राजनीतिक संस्कृति की आलोचना की।
राजनीतिक बयानबाजी में तेजी आई है।

पटना, १६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए हुए मतदान के परिणाम अब लगभग स्पष्ट हैं। इस चुनाव में एनडीए ने सभी पांच सीटों पर जीत की संभावना जताई है।

सूत्रों के अनुसार, बस औपचारिक घोषणा बाकी है। बताया गया है कि एनडीए के सभी विधायकों ने मतदान किया, जबकि महागठबंधन के चार विधायक अनुपस्थित रहे। चुनाव के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी भी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राजद और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए लिखा कि जब पैसा लेकर टिकट बेचे जाएंगे, तो विधायक फोन ऑफ तो करेंगे ही।

उधर, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी राजद और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि राजद अपने ही विधायकों को होटल में बंधुआ मजदूर की तरह रखता है। उन्होंने कहा कि यह राजद और कांग्रेस की पुरानी राजनीतिक संस्कृति है। लोगों को मजदूरों की तरह बुलाकर होटल में रोककर रखना इनकी आदत बन चुकी है।

उन्होंने कहा कि इससे डर का माहौल पैदा किया जाता है। अपने ही साथियों को डराकर नियंत्रित रखना महागठबंधन की राजनीति का हिस्सा बन गया है। जदयू के नेता अशोक चौधरी ने कहा कि राजद और कांग्रेस का नेतृत्व कमजोर है। वे अपने विधायकों को भी संभाल नहीं सकते। वे लोग अपने विधायक को होटल में बंद करके रखने के बावजूद भाग गए।

उन्होंने कहा कि एनडीए का कोई विधायक भागा क्या, यहां के विधायक तो घूमते रहे। उन्होंने कहा कि नेतृत्व को ही अपने विधायक पर भरोसा नहीं है। ऐसे में तो विधायक चले ही जाएंगे। हाल ही में यह जानकारी मिली है कि महागठबंधन के चार विधायक मतदान के लिए विधानसभा नहीं पहुंचे, जिनमें राजद के एक विधायक और कांग्रेस के तीन विधायक शामिल थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि बिहार में एनडीए की स्थिति मजबूत हो रही है। जबकि महागठबंधन के अंदर की खीचतान उनके लिए चिंता का विषय बन गई है। यह स्थिति दर्शाती है कि राजनीतिक समीकरण कैसे बदलते हैं और नेताओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में राज्यसभा की सीटों के लिए मतदान का परिणाम क्या है?
राज्यसभा की पांच सीटों के लिए मतदान के नतीजे एनडीए के पक्ष में रहे हैं, जिसमें उनकी जीत की संभावना जताई जा रही है।
जीतन राम मांझी ने किस पार्टी पर आरोप लगाया?
जीतन राम मांझी ने कांग्रेस और राजद पर टिकट बेचने के आरोप लगाए हैं।
उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने क्या कहा?
उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राजद और कांग्रेस पर अपने विधायकों को बंधुआ मजदूर की तरह रखने का आरोप लगाया है।
महागठबंधन के कितने विधायक मतदान में अनुपस्थित रहे?
महागठबंधन के चार विधायक मतदान में अनुपस्थित रहे, जिनमें एक राजद और तीन कांग्रेस के विधायक शामिल हैं।
क्या एनडीए के विधायक मतदान में शामिल हुए?
हां, एनडीए के सभी विधायकों ने मतदान में भाग लिया।
राष्ट्र प्रेस
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