बीजापुर में नक्सली विरोधी अभियान के दौरान आईईडी ब्लास्ट? एक जवान शहीद, तीन घायल

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बीजापुर में नक्सली विरोधी अभियान के दौरान आईईडी ब्लास्ट? एक जवान शहीद, तीन घायल

सारांश

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में एक नक्सली विरोधी अभियान के दौरान आईईडी ब्लास्ट हुआ, जिसमें एक जवान शहीद हो गया और तीन घायल हुए। यह घटना सुरक्षा बलों के सर्च ऑपरेशन के दौरान हुई। जानें इस घटना के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्य बातें

बीजापुर में नक्सली विरोधी अभियान के दौरान आईईडी ब्लास्ट हुआ।
एक जवान शहीद, तीन जवान घायल हुए हैं।
घायलों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति सामान्य है।
सुरक्षा बलों ने हाल ही में नक्सलियों के खिलाफ कई सफलताएँ हासिल की हैं।
सरकार नक्सलवाद के खिलाफ ठोस कदम उठा रही है।

बीजापुर, १८ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सली विरोधी अभियान के दौरान एक आईईडी ब्लास्ट हुआ है। नेशनल पार्क क्षेत्र में माओवादियों के खिलाफ चल रहे अभियान के दौरान सोमवार को डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व ग्रुप) के एक जवान दिनेश नाग शहीद हो गए, जबकि तीन अन्य जवान घायल हुए हैं।

यह घटना सोमवार सुबह उस समय हुई, जब डीआरजी की टीम रविवार को शुरू हुए सर्च ऑपरेशन के तहत इलाके की घेराबंदी कर रही थी। अचानक हुए ब्लास्ट से जवानों में अफरातफरी मच गई। घटना के तुरंत बाद घायल जवानों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।

जानकारी के अनुसार, तीनों जवानों की स्थिति सामान्य है और वे खतरे से बाहर हैं। बेहतर इलाज के लिए उन्हें इवैक्यूएट कर उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इससे पहले, बीजापुर जिले के गंगालूर क्षेत्र में माओवादी विरोधी अभियान के दौरान १२ अगस्त को डीआरजी के दो जवान घायल हुए थे। दोनों जवानों को प्राथमिक उपचार देने के बाद बेहतर इलाज के लिए हेलिकॉप्टर से रायपुर भेजा गया था।

इससे पहले, छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में ७ अगस्त को नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली थी। यहां २४ लाख रुपए के इनामी सहित ९ माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके अलावा, सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ के दौरान एक माओवादी को मार गिराया था। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आधिकारिक एक्स हैंडल पर यह जानकारी साझा की थी।

जानकारी के अनुसार, दिसंबर २०२३ से अब तक राज्य में करीब ४५० माओवादी मारे जा चुके हैं। इसके अलावा, १,५०० से ज्यादा माओवादियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, १,५०० से ज्यादा माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ३१ मार्च २०२६ तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करने की बात कही है। उन्होंने नक्सलियों से भी अपील की कि वे मोदी सरकार की आत्मसमर्पण नीति को अपनाकर यथाशीघ्र हथियार डालें और मुख्यधारा में शामिल हों।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अपनी जान जोखिम में डालकर देश की सुरक्षा में जुटे हैं। ऐसे समय में, हमें एकजुट होकर इस चुनौती का सामना करना चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईईडी ब्लास्ट कब हुआ?
आईईडी ब्लास्ट 18 अगस्त को बीजापुर जिले में हुआ।
घायल जवानों की स्थिति क्या है?
घायल जवानों की स्थिति सामान्य है और वे खतरे से बाहर हैं।
क्या इस अभियान में कोई जवान शहीद हुआ?
जी हां, इस अभियान में एक जवान दिनेश नाग शहीद हो गए।
क्या सरकार नक्सलवाद के खिलाफ कदम उठा रही है?
जी हां, सरकार नक्सलवाद के खिलाफ ठोस कदम उठा रही है और केंद्रीय गृह मंत्री ने देश को नक्सलवाद से मुक्त करने की बात कही है।
राष्ट्र प्रेस
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