उत्कल यूनिवर्सिटी पेपर लीक पर बीजेडी का हमला, BJP सरकार पर 25 परीक्षा अनियमितताओं का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
भुवनेश्वर में बीजू जनता दल (बीजेडी) ने शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 को उत्कल यूनिवर्सिटी की प्लस थ्री सेकेंड सेमेस्टर परीक्षा का प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक होने के मामले में भाजपा नीत राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की। विपक्षी दल ने इसे 'डबल इंजन सरकार' के कार्यकाल में ओडिशा के छात्रों और युवाओं के लिए एक और गंभीर झटका करार दिया।
आरोप: दो वर्षों में 25 परीक्षा नाकामियाँ
बीजेडी का आरोप है कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के महज दो वर्षों के कार्यकाल में राज्य के छात्रों और नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं को परीक्षा से जुड़ी 25 समस्याओं का सामना करना पड़ा है। पार्टी के अनुसार, इनमें परीक्षाओं का रद्द होना, स्थगित होना, प्रश्नपत्रों में गड़बड़ी और अन्य अनियमितताएँ शामिल हैं।
पार्टी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'उत्कल यूनिवर्सिटी की ताज़ा घटना ने एक बार फिर निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से परीक्षाएँ कराने की सरकार की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।'
छात्रों पर आर्थिक और मानसिक दबाव
बीजेडी ने रेखांकित किया कि छात्र परीक्षाओं की तैयारी में कई महीने लगाते हैं और उनके परिवार भी आर्थिक व व्यक्तिगत रूप से भारी त्याग करते हैं। पार्टी के अनुसार, हर बार परीक्षा रद्द या स्थगित होने अथवा प्रश्नपत्र लीक की घटना से हज़ारों छात्रों के सामने अनिश्चितता पैदा होती है, उनकी पढ़ाई की योजना प्रभावित होती है और उन पर अतिरिक्त आर्थिक व मानसिक बोझ पड़ता है।
बीजेडी प्रवक्ता की माँगें
बीजेडी प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने कहा कि प्रशासन और परीक्षा प्रबंधन की नाकामियों की कीमत छात्रों और युवाओं को बार-बार नहीं चुकानी चाहिए। उन्होंने सरकार से परीक्षा व्यवस्था पर छात्रों का भरोसा दोबारा कायम करने के लिए तत्काल कदम उठाने की माँग की।
मोहंती ने माँग की कि परीक्षा से जुड़ी हर गंभीर अनियमितता की तय समय-सीमा में पारदर्शी जाँच हो और जहाँ भी लापरवाही या प्रक्रिया में खामी उजागर हो, वहाँ जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्रश्नपत्रों की सुरक्षा व्यवस्था मज़बूत करने, परीक्षा केंद्रों का सुरक्षित प्रबंधन सुनिश्चित करने और निगरानी तंत्र को और सख्त बनाने की भी अपील की।
व्यापक सुधार की माँग
बीजेडी प्रवक्ता ने विश्वविद्यालयों, भर्ती बोर्डों और अन्य परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं की मौजूदा प्रक्रियाओं की व्यापक समीक्षा की माँग की। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में परीक्षा पारदर्शिता को लेकर सवाल उठते रहे हैं और छात्र संगठन जवाबदेही की माँग कर रहे हैं।
बीजेडी ने स्पष्ट किया कि ओडिशा के छात्रों और युवाओं के भविष्य को हल्के में नहीं लिया जा सकता। पार्टी ने सरकार से आग्रह किया कि वह केवल बयानबाज़ी के बजाय ठोस कार्रवाई करे और पूरे राज्य में निष्पक्ष, सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करे। आने वाले दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया और जाँच की दिशा यह तय करेगी कि इस विवाद का राजनीतिक और शैक्षणिक प्रभाव कितना गहरा होगा।