भाजपा ने असम आंदोलन के शहीदों को दिया ऐतिहासिक सम्मान: मुख्यमंत्री सरमा

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भाजपा ने असम आंदोलन के शहीदों को दिया ऐतिहासिक सम्मान: मुख्यमंत्री सरमा

सारांश

गुवाहाटी में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि सही वोट की ताकत पीढ़ियों को प्रभावित करती है। भाजपा सरकार ने असम आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, जो हमारी विरासत का सम्मान करते हैं।

Key Takeaways

  • सही वोट का महत्व
  • असम आंदोलन के शहीदों का सम्मान
  • भाजपा सरकार के ऐतिहासिक कदम
  • वोटिंग की जिम्मेदारी
  • भविष्य की दिशा का निर्धारण

गुवाहाटी, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि सही दिशा में डाला गया एक वोट कई पीढ़ियों के भविष्य को संवारने की क्षमता रखता है। उन्होंने बताया कि असम में भाजपा सरकार ने असम आंदोलन के दौरान हुए बलिदानों को सम्मानित करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में जिम्मेदारी से वोट देने के महत्व पर जोर दिया और असम आंदोलन के शहीदों को सम्मान देने के लिए सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने लिखा, "एक सही वोट की शक्ति पीढ़ियों तक आपके साथ रहती है।"

उन्होंने बताया कि इतिहास में पहली बार, असम आंदोलन के शहीदों को ऐसी श्रद्धांजलि दी गई है जो उनके बलिदान की महानता को सच्चे अर्थों में दर्शाती है। भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने उस ऐतिहासिक आंदोलन के दौरान अपनी जान गंवाने वालों की विरासत को सम्मानित करने के लिए निर्णायक कदम उठाए हैं।

१९७९ से १९८५ तक चला असम आंदोलन एक जन-आंदोलन था, जिसका नेतृत्व मुख्य रूप से छात्रों और नागरिक समूहों ने किया। इस आंदोलन की मांग थी कि अवैध प्रवासियों की पहचान करके उन्हें देश से बाहर निकाला जाए और साथ ही राज्य के लोगों की पहचान, संस्कृति और राजनीतिक अधिकारों की रक्षा की जाए।

सरमा ने कहा कि सरकारों द्वारा लिए गए निर्णय केवल प्रशासनिक कदम नहीं होते, बल्कि यह भी तय करते हैं कि कोई समाज अपने अतीत को किस प्रकार याद रखता है और अपने भविष्य का मार्ग किस तरह निर्धारित करता है।

उन्होंने जोर दिया कि इस आंदोलन के शहीदों का सम्मान करना वर्तमान पीढ़ी के लिए गर्व और दायित्व का विषय है।

मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में कहा, “कुछ निर्णय न केवल आज को आकार देते हैं, बल्कि यह भी कि हम अपने अतीत का सम्मान कैसे करते हैं और अपने भविष्य का निर्माण कैसे करते हैं।”

चुनाव के दौरान लोगों से सोच-समझकर निर्णय लेने की अपील करते हुए सीएम सरमा ने मतदाताओं से भारतीय जनता पार्टी का समर्थन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “समझदारी से चुनें, भाजपा को चुनें।”

मुख्यमंत्री सरमा ने बार-बार यह बात दोहराई है कि असम में भाजपा सरकार राज्य की विरासत की सुरक्षा करने, मूल निवासियों के समुदायों को संरक्षण देने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि ऐतिहासिक आंदोलनों के दौरान दिए गए बलिदानों को पूरी गरिमा और सम्मान के साथ याद किया जाए।

Point of View

जो न केवल वर्तमान पीढ़ी को प्रेरित करता है, बल्कि भविष्य के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश देता है।
NationPress
14/03/2026

Frequently Asked Questions

असम आंदोलन क्या था?
असम आंदोलन १९७९ से १९८५ तक चला एक जन-आंदोलन था, जिसमें अवैध प्रवासियों की पहचान और राज्य के लोगों के अधिकारों की रक्षा की मांग की गई थी।
मुख्यमंत्री सरमा ने किस विषय पर जोर दिया?
मुख्यमंत्री सरमा ने जिम्मेदार वोटिंग और असम आंदोलन के शहीदों को सम्मान देने के महत्व पर जोर दिया।
भाजपा सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
भाजपा सरकार ने असम आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।
सरमा ने चुनावों में किस बात की अपील की?
सरमा ने लोगों से सोच-समझकर मतदान करने और भाजपा का समर्थन करने की अपील की।
सरमा का संदेश क्या था?
सरमा का संदेश था कि सही वोट की शक्ति पीढ़ियों तक प्रभावित करती है।
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