21 सितंबर 2026
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यूपी विभाजन पर राजभर के बयान को बृजभूषण ने बताया चुनावी जुमला, कहा — 'UP की स्थिति नहीं जानते'

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यूपी विभाजन पर राजभर के बयान को बृजभूषण ने बताया चुनावी जुमला, कहा — 'UP की स्थिति नहीं जानते'

सारांश

सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर ही दरार दिखने लगी है — मंत्री ओपी राजभर के यूपी को चार टुकड़ों में बाँटने के बयान पर सहयोगी दल के पूर्व सांसद बृजभूषण ने सीधा हमला बोला। विधानसभा चुनाव से पहले यह टकराव बताता है कि पिछड़े वर्गों की राजनीति अब गठबंधन के अंदर भी तनाव पैदा कर रही है।

मुख्य बातें

बृज भूषण शरण सिंह ने 21 सितंबर 2026 को अयोध्या में मंत्री ओपी राजभर के यूपी विभाजन वाले बयान को 'चुनावी जुमला' करार दिया।
राजभर ने देवरिया रैली में कहा था कि यूपी चार हिस्सों में बँटेगा और पूर्वांचल में राजभर समाज का मुख्यमंत्री बनेगा।
बृजभूषण का तर्क — उत्तर प्रदेश संसद में 80 सांसद भेजता है, यही इसकी ताकत है, जिसे राजभर नहीं समझते।
न केंद्र सरकार का, न योगी सरकार का ऐसा कोई प्रस्ताव है — बृजभूषण।
यूपी विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 के बीच होने की संभावना, सभी दलों की रैलियाँ शुरू।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने 21 सितंबर 2026 को अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी का दौरा किया और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री तथा सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर के यूपी को चार हिस्सों में बाँटने और राजभर समुदाय से मुख्यमंत्री बनाने के बयान को सीधे तौर पर 'चुनावी जुमला' करार दिया। बृजभूषण ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राजभर को उत्तर प्रदेश की वास्तविक परिस्थितियों का कोई ज्ञान नहीं है।

बृजभूषण ने क्या कहा

मीडिया से मुखातिब होते हुए बृज भूषण शरण सिंह ने कहा, 'यह चुनावी जुमला और बिना सोचे-समझे दिया गया बयान है। आज उत्तर प्रदेश की पहचान पूरे देश में है, मुख्य रूप से इसलिए क्योंकि यह एकमात्र ऐसा राज्य है, जो संसद में 80 सांसद भेजता है। यही उत्तर प्रदेश की ताकत और अनूठी विशेषता है। भारत सरकार की ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है, न ही योगी जी की सरकार की ओर से।'

उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के निराधार बयान केवल 'सस्ती लोकप्रियता' हासिल करने की कोशिश हैं और इन्हें गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है।

राजभर ने क्या कहा था

दरअसल, मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कुछ दिनों पूर्व देवरिया में आयोजित एक सामाजिक समरसता रैली में यह दावा किया था कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश चार हिस्सों में बँट जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि पूर्वांचल एक अलग राज्य बनता है, तो वहाँ राजभर समाज का बेटा मुख्यमंत्री बनेगा। इसके अलावा उन्होंने आरक्षण में हिस्सेदारी और जातिगत जनगणना का मुद्दा भी उठाया।

चुनावी पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च के बीच होने की संभावना जताई जा रही है। चुनाव नजदीक आते देख राज्य के सभी प्रमुख राजनीतिक दल अभी से जनसंपर्क अभियान और रैलियों में जुट गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर ही अलग-अलग स्वर उभरने लगे हैं, जिससे सियासी समीकरणों पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों की भी दिलचस्पी बढ़ गई है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य के विभाजन का प्रस्ताव संवैधानिक दृष्टि से अत्यंत जटिल प्रक्रिया है और केंद्र सरकार की मंजूरी के बिना यह संभव नहीं है। ऐसे में राजभर का यह बयान व्यावहारिक नीतिगत मसले से अधिक एक चुनावी संदेश के रूप में देखा जा रहा है। वहीं बृजभूषण की तीखी प्रतिक्रिया भी यह संकेत देती है कि सत्ताधारी खेमे में इस मुद्दे पर एकता नहीं है। आने वाले महीनों में जातिगत जनगणना और पिछड़े वर्गों के आरक्षण जैसे मुद्दे यूपी की चुनावी बहस के केंद्र में बने रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे केवल 'जुमला' कहकर खारिज करना उस जमीनी बेचैनी को नजरअंदाज करना है जिसे वे भुनाने की कोशिश कर रहे हैं — पूर्वांचल में पिछड़े समुदायों की राजनीतिक प्रतिनिधित्व की माँग दशकों पुरानी है। बृजभूषण की प्रतिक्रिया यह भी बताती है कि सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर पिछड़े वर्गों की राजनीति पर एकराय नहीं है — और यह विरोधाभास चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आएगा, और तीखा होता जाएगा। जातिगत जनगणना और आरक्षण की हिस्सेदारी का मुद्दा अब केवल विपक्ष का हथियार नहीं रहा — यह गठबंधन के अंदर भी असुविधाजनक सवाल खड़े कर रहा है।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओपी राजभर ने यूपी विभाजन पर क्या कहा था?
सुभासपा प्रमुख और यूपी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने देवरिया में सामाजिक समरसता रैली में कहा था कि उत्तर प्रदेश आने वाले समय में चार हिस्सों में बँटेगा। उन्होंने दावा किया कि अगर पूर्वांचल अलग राज्य बना तो वहाँ राजभर समाज का बेटा मुख्यमंत्री बनेगा।
बृजभूषण शरण सिंह ने राजभर के बयान को चुनावी जुमला क्यों बताया?
बृजभूषण का कहना है कि न केंद्र सरकार का, न योगी सरकार का यूपी को विभाजित करने का कोई प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि राजभर यूपी की वास्तविक परिस्थितियों से अनजान हैं और सस्ती लोकप्रियता के लिए निराधार बयान दे रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के 80 सांसदों का क्या महत्व है जो बृजभूषण ने बताया?
बृजभूषण ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जो संसद में 80 सांसद भेजता है, जो इसे राष्ट्रीय राजनीति में असाधारण महत्व और ताकत देता है। उनका तर्क था कि यह ताकत विभाजन से खंडित हो जाएगी।
यूपी विधानसभा चुनाव कब होने की उम्मीद है?
रिपोर्टों के अनुसार उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 के बीच होने की संभावना है। चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दल जनसंपर्क अभियान और रैलियाँ तेज कर चुके हैं।
क्या यूपी को विभाजित करना कानूनी रूप से संभव है?
भारतीय संविधान के तहत किसी राज्य का विभाजन संसद के दोनों सदनों की मंजूरी और केंद्र सरकार की सिफारिश के बाद ही संभव है। फिलहाल न केंद्र सरकार और न ही राज्य सरकार ने ऐसे किसी प्रस्ताव की पुष्टि की है।
राष्ट्र प्रेस
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