30 जुलाई 2026
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पुलवामा के बादाम बागानों में बंपर हार्वेस्टिंग शुरू, किसानों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

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पुलवामा के बादाम बागानों में बंपर हार्वेस्टिंग शुरू, किसानों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

सारांश

पुलवामा के बागानों में इस साल बंपर बादाम हार्वेस्टिंग शुरू हो गई है — अनुकूल मौसम, सटीक कृषि सलाह और 100 कनाल के विशेष प्रदर्शन बाग की बदौलत। कई वर्षों की कम पैदावार के बाद किसानों को मिली यह राहत कश्मीर के बादाम उद्योग के पुनरुद्धार का संकेत है।

मुख्य बातें

पुलवामा के बादाम बागानों में 30 जुलाई 2026 से बंपर हार्वेस्टिंग शुरू हुई।
मुख्य बागवानी अधिकारी रियाज अहमद शाह के अनुसार अनुकूल मौसम और विभागीय सलाह से पैदावार में जबरदस्त उछाल आया।
जिला प्रशासन ने 100 कनाल भूमि पर विशेष बाग और 5 हेक्टेयर नर्सरी में विदेशी उच्च-गुणवत्ता पौधे लगाए।
कागजी बादाम और कश्मीरी मामरा अपनी अनूठी विशेषताओं के कारण प्रीमियम बाज़ार में ऊँचे दाम पाते हैं।
पारंपरिक हार्वेस्टिंग विधि — लकड़ी से शाखाएँ थपथपाना, तिरपाल बिछाना, धूप में सुखाना — आज भी प्रचलित है।

पुलवामा के सुरम्य बादाम बागानों में इस वर्ष बंपर हार्वेस्टिंग का मौसम शुरू हो चुका है, और पिछले कई वर्षों से लगातार कम पैदावार की मार झेल रहे कश्मीर के किसानों के चेहरों पर राहत साफ दिखाई दे रही है। 30 जुलाई को पुलवामा घाटी के बागानों में हार्वेस्टिंग पूरे जोरों पर थी, जहाँ किसान पारंपरिक तरीकों से बादाम उतारने में जुटे हुए थे।

मुख्य घटनाक्रम

पुलवामा के मुख्य बागवानी अधिकारी रियाज अहमद शाह ने बताया, 'इस साल मौसम ने हमारा भरपूर साथ दिया है। किसानों की दिन-रात की मेहनत, सही समय पर दी गई विभागीय कृषि सलाह और उन्नत कीटनाशकों एवं उर्वरकों के सटीक इस्तेमाल से पैदावार में यह जबरदस्त उछाल आया है।' उनके अनुसार यह उछाल बहुवर्षीय कम उत्पादन के दौर के बाद आया है, जो क्षेत्र के बागवानों के लिए विशेष रूप से उत्साहजनक है।

प्रशासन की विशेष पहल

गिरते उत्पादन की समस्या से निपटने के लिए जिला प्रशासन और बागवानी निदेशालय ने मिलकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 100 कनाल भूमि पर एक विशेष प्रदर्शन बाग स्थापित किया गया है। इसके साथ ही 5 हेक्टेयर नर्सरी भूमि पर विदेशों से उच्च गुणवत्ता वाले पौधे मँगाकर लगाए गए हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि यह दीर्घकालिक निवेश कश्मीर के बादाम उद्योग को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगा।

पारंपरिक हार्वेस्टिंग की अनूठी विधि

आधुनिकता के दौर में भी पुलवामा के किसान बादाम तोड़ने की अपनी पारंपरिक जनजातीय पद्धतियों से जुड़े हुए हैं। किसान स्वयं पेड़ों पर चढ़कर लंबी और लचीली लकड़ियों से शाखाओं को सावधानी से थपथपाते हैं, जिससे बादाम नीचे गिरते हैं। पेड़ों के नीचे बड़े-बड़े तिरपाल बिछाए जाते हैं ताकि गिरे हुए बादाम मिट्टी में खराब न हों।

इसके बाद बादामों का हरा छिलका अलग किया जाता है — एक समय यह काम पूरा परिवार आँगन में बैठकर हाथों से करता था, हालाँकि अब कई बागान मालिक समय की बचत के लिए आधुनिक मशीनों का उपयोग करने लगे हैं। अंत में छिले हुए बादामों को खुली धूप में सुखाया जाता है, जिससे उनकी गिरी कुरकुरी और स्वादिष्ट बनती है।

कश्मीरी बादाम की खासियत

कागजी बादाम अपनी कागज जैसी पतली परत के लिए विख्यात है — इसे बिना किसी औज़ार के केवल हाथों से तोड़ा जा सकता है। वहीं कश्मीरी मामरा बादाम अपने छोटे आकार, विशिष्ट मुड़ी हुई बनावट और भरपूर प्राकृतिक तेल की वजह से उच्च प्रीमियम श्रेणी में गिना जाता है और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में इसकी माँग बनी रहती है।

आगे की राह

विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी उच्च-गुणवत्ता पौधों की नर्सरी और प्रदर्शन बाग जैसी पहलें आने वाले वर्षों में उत्पादन को और स्थिर बनाएँगी। यह ऐसे समय में आया है जब कश्मीर की बागवानी अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक टिकाऊपन और बेहतर बाज़ार संपर्क की सख्त ज़रूरत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह एकल मौसमी राहत है या दीर्घकालिक पुनरुद्धार की शुरुआत। 100 कनाल का प्रदर्शन बाग और विदेशी नर्सरी पौधे सही दिशा में उठाए कदम हैं, परंतु कश्मीर के बादाम उद्योग को जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरे, बाज़ार तक सीधी पहुँच की कमी और प्रसंस्करण बुनियादी ढाँचे की कमज़ोरी जैसी संरचनात्मक चुनौतियों का सामना अभी भी करना है। जब तक किसानों को उचित मूल्य और स्थिर बाज़ार संपर्क नहीं मिलता, एक अच्छी फसल भी दीर्घकालिक समृद्धि की गारंटी नहीं बन सकती।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुलवामा में बादाम की हार्वेस्टिंग कब और कैसे होती है?
पुलवामा में बादाम की हार्वेस्टिंग आमतौर पर जुलाई-अगस्त में होती है। किसान पेड़ों पर चढ़कर लंबी लकड़ियों से शाखाएँ थपथपाते हैं, नीचे तिरपाल बिछाई जाती है और बाद में बादामों को धूप में सुखाया जाता है।
इस साल पुलवामा में बादाम की पैदावार बेहतर क्यों रही?
मुख्य बागवानी अधिकारी रियाज अहमद शाह के अनुसार अनुकूल मौसम, सही समय पर विभागीय कृषि सलाह और उन्नत कीटनाशकों एवं उर्वरकों के सटीक उपयोग ने इस वर्ष पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि की।
कश्मीरी मामरा बादाम क्या है और यह खास क्यों है?
कश्मीरी मामरा बादाम अपने छोटे आकार, विशिष्ट मुड़ी हुई बनावट और भरपूर प्राकृतिक तेल के कारण उच्च प्रीमियम श्रेणी का बादाम माना जाता है। इसकी माँग घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाज़ारों में बनी रहती है।
प्रशासन ने बादाम उत्पादन बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
जिला प्रशासन और बागवानी निदेशालय ने 100 कनाल भूमि पर विशेष प्रदर्शन बाग स्थापित किया है और 5 हेक्टेयर नर्सरी में विदेशों से उच्च-गुणवत्ता पौधे मँगाए हैं। इन कदमों का लक्ष्य दीर्घकालिक उत्पादन में सुधार लाना है।
कागजी बादाम क्या होता है?
कागजी बादाम कश्मीर की एक प्रसिद्ध किस्म है जिसकी परत कागज जितनी पतली होती है। इसे बिना किसी औज़ार के केवल हाथों से आसानी से तोड़ा जा सकता है, जो इसे अन्य किस्मों से अलग बनाता है।
राष्ट्र प्रेस
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