सीबीआई ने नाइनेक्स डेवलपर्स के खिलाफ दाखिल की 11वीं चार्जशीट, गुरुग्राम हाउसिंग धोखाधड़ी मामले में कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 8 जून 2026 को घर खरीदारों के साथ बड़े पैमाने पर कथित धोखाधड़ी के मामले में नाइनेक्स डेवलपर्स लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ 11वीं चार्जशीट सक्षम अदालत में दाखिल की। यह मामला हरियाणा के गुरुग्राम स्थित एक हाउसिंग प्रोजेक्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों पर दर्ज मामलों की श्रृंखला का हिस्सा है।
मुख्य आरोप और जांच के निष्कर्ष
सीबीआई की जांच में सामने आया है कि नाइनेक्स डेवलपर्स लिमिटेड के आरोपी निदेशकों ने कथित तौर पर आपराधिक साजिश के तहत घर खरीदारों और निवेशकों को झूठे वादों, भ्रामक बयानों और छलपूर्ण प्रतिबद्धताओं के जरिए लुभाया। जांच एजेंसी के अनुसार, इस प्रक्रिया में आरोपियों ने बेईमानी से आर्थिक लाभ कमाया और पीड़ितों को गंभीर वित्तीय नुकसान पहुंचाया।
चार्जशीट में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात से संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। सीबीआई ने बताया कि जांच में पर्याप्त ठोस साक्ष्य मिलने के बाद यह चार्जशीट दाखिल की गई है।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर चल रही व्यापक जांच
गौरतलब है कि सीबीआई इस समय देशभर में विभिन्न बिल्डर कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के खिलाफ 50 मामलों की जांच कर रही है। ये सभी मामले सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों पर दर्ज किए गए हैं और घर खरीदारों से जुड़ी कथित धोखाधड़ी तथा धनराशि के दुरुपयोग से संबंधित हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब रियल एस्टेट क्षेत्र में अधूरे प्रोजेक्टों और फंड डायवर्जन के मामले लगातार न्यायालयों के संज्ञान में आ रहे हैं। रेरा (RERA) लागू होने के बाद भी कई बिल्डरों के खिलाफ शिकायतें जारी हैं, जो इस क्षेत्र में नियामकीय निगरानी की सीमाओं को उजागर करती हैं।
पूर्व में की गई कार्रवाइयाँ
इससे पहले सीबीआई ने रुद्र बिल्डवेल कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड, ड्रीम प्रोकॉन प्राइवेट लिमिटेड, जयपी इंफ्राटेक लिमिटेड, एवीजे डेवलपर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, सीएचडी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, सीक्वल बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड, लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, मंजू जे होम्स इंडिया लिमिटेड और शुभकामना बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की थी।
इन कंपनियों के निदेशकों के साथ-साथ कुछ बैंकों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के खिलाफ भी 10 चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, इन अधिकारियों ने घर खरीदारों के विरुद्ध धोखाधड़ी में सहयोगी की भूमिका निभाई।
आगे की कार्यवाही
सीबीआई की जांच अभी जारी है और शेष मामलों में भी आगे चार्जशीट दाखिल होने की संभावना है। पीड़ित घर खरीदारों को न्याय दिलाने की दिशा में यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, हालांकि अदालती प्रक्रिया में अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है।