सीबीआई ने नाइनेक्स डेवलपर्स के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, गुरुग्राम आवास धोखाधड़ी में निदेशक भी आरोपी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 8 जून 2026 को गुरुग्राम, हरियाणा स्थित एक आवासीय परियोजना से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में मेसर्स नाइनेक्स डेवलपर्स लिमिटेड और उसके निदेशकों के विरुद्ध सक्षम न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, इस मामले में होम बायर्स और निवेशकों को झूठे आश्वासनों तथा भ्रामक वादों के ज़रिए कथित तौर पर ठगा गया।
मुख्य आरोप और जांच के निष्कर्ष
सीबीआई की जांच में सामने आया है कि नाइनेक्स डेवलपर्स लिमिटेड के निदेशकों ने आपराधिक साजिश रचकर भोले-भाले घर खरीदारों को गुमराह करने वाले बयानों और धोखे भरे वादों के माध्यम से कथित तौर पर प्रेरित किया। इससे आरोपियों ने बेईमानी से वित्तीय लाभ अर्जित किया, जबकि पीड़ितों को गंभीर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के आरोपों में यह चार्जशीट दाखिल की गई है।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर चल रही व्यापक जांच
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में सीबीआई वर्तमान में देशभर की विभिन्न बिल्डर कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के अज्ञात अधिकारियों के विरुद्ध घर खरीदारों से जुड़े कथित धोखाधड़ी एवं धन के गबन के 50 मामलों की जांच कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब रियल एस्टेट क्षेत्र में अटकी परियोजनाओं और ठगे गए खरीदारों की समस्या लंबे समय से न्यायिक और नीतिगत बहस का केंद्र बनी हुई है।
पहले भी दायर हो चुके हैं 10 आरोपपत्र
गौरतलब है कि नाइनेक्स डेवलपर्स से पहले सीबीआई इसी जांच श्रृंखला में 10 आरोपपत्र दायर कर चुकी है। इनमें रुद्र बिल्डवेल कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड, ड्रीम प्रोकॉन प्राइवेट लिमिटेड, जयपी इंफ्राटेक लिमिटेड, एवीजे डेवलपर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, सीएचडी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, सीक्वल बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड, लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, मंजू जे होम्स इंडिया लिमिटेड और शुभकामना बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों के साथ-साथ कुछ बैंकों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारी भी शामिल हैं।
आम जनता पर असर
रियल एस्टेट धोखाधड़ी के ये मामले उन लाखों मध्यवर्गीय परिवारों से जुड़े हैं जिन्होंने अपनी जीवनभर की बचत घर खरीदने में लगाई। सीबीआई की यह कार्रवाई पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
आगे क्या होगा
सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि वह आर्थिक अपराधों, भ्रष्टाचार और सार्वजनिक धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है। शेष 50 मामलों की जांच जारी है और आने वाले समय में और भी आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई संभव है।