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सीबीआई ने एनएफआर के रिटायर्ड डिप्टी चीफ इंजीनियर पर आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया

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सीबीआई ने एनएफआर के रिटायर्ड डिप्टी चीफ इंजीनियर पर आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया

सारांश

सीबीआई ने नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के रिटायर्ड डिप्टी चीफ इंजीनियर सजल कांति दास और उनकी पत्नी संगीता दास पर 2016 से 2022 के बीच ₹88.20 लाख की अतिरिक्त संपत्ति जमा करने का आरोप लगाते हुए असम के कछार जिले में कई संपत्तियों की जांच शुरू की है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 21 सितंबर 2026 को NFR के रिटायर्ड डिप्टी चीफ इंजीनियर सजल कांति दास और पत्नी संगीता दास के खिलाफ केस दर्ज किया।
कथित असमानुपातिक संपत्ति की राशि ₹88.20 लाख ; कुल संपत्ति 2016 में ₹39.85 लाख से बढ़कर 2022 तक ₹1,28,66,946 पहुँची।
असम के कछार जिले में रंगपुर, उधारबंद और लखीपुर इलाकों में कई संपत्तियाँ दंपत्ति से जुड़ी पाई गईं।
सिलचर के क्लब रोड पर एक व्यावसायिक संपत्ति ( ₹34 लाख ) और एक फ्लैट ( ₹20 लाख+ ) चिन्हित।
बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट और टर्म डिपॉजिट भी सत्यापन के दायरे में।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) के रिटायर्ड डिप्टी चीफ इंजीनियर सजल कांति दास और उनकी पत्नी संगीता दास के खिलाफ 21 सितंबर 2026 को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में औपचारिक मामला दर्ज किया है। एजेंसी के अनुसार, इस दंपत्ति ने 2016 से 2022 के बीच अपने ज्ञात आय के स्रोतों की तुलना में कथित तौर पर ₹88.20 लाख अधिक की संपत्ति अर्जित की।

कितनी बढ़ी संपत्ति

सीबीआई की गुवाहाटी ब्रांच द्वारा दर्ज एफआईआर के मुताबिक, दंपत्ति की कुल संपत्ति 2016 में लगभग ₹39.85 लाख थी, जो 2022 तक बढ़कर ₹1,28,66,946 हो गई। इसी कथित असमानुपातिक वृद्धि को जांच का आधार बनाया गया है।

गौरतलब है कि यह मामला उस अवधि से जुड़ा है जब सजल कांति दास जिरीबाम स्थित एनएफआर कार्यालय में डिप्टी चीफ इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे।

संपत्ति का ब्योरा

जांच एजेंसी ने असम के कछार जिले में दंपत्ति से जुड़ी कई संपत्तियों और वित्तीय होल्डिंग्स का पता लगाया है। इनमें रंगपुर इलाके में पाँच कट्ठा जमीन पर बना एक घर शामिल है, जिसकी अनुमानित कीमत ₹19 लाख बताई गई है।

इसके अतिरिक्त, एजेंसी के अनुसार उधारबंद और लखीपुर क्षेत्रों में जमीन के बड़े भूखंड संगीता दास के नाम पर दर्ज थे। सिलचर के क्लब रोड इलाके में भी संगीता दास के नाम पर कथित तौर पर एक व्यावसायिक संपत्ति है, जिसकी कीमत लगभग ₹34 लाख आँकी गई है। उसी सड़क पर ₹20 लाख से अधिक मूल्य का एक फ्लैट कथित रूप से सजल कांति दास के नाम पर पंजीकृत था।

वित्तीय होल्डिंग्स पर नज़र

जांच के दौरान सीबीआई ने दंपत्ति के अलग-अलग बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट और टर्म डिपॉजिट का भी खुलासा किया है। एजेंसी का दावा है कि इन वित्तीय साधनों में कई लाख रुपये की रकम जमा थी, जो सत्यापन के दायरे में है।

यह ऐसे समय में आया है जब रेलवे विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में सीबीआई की सक्रियता बढ़ी है।

आगे की जांच

एफआईआर दर्ज होते ही सीबीआई की औपचारिक जांच शुरू हो गई है। एजेंसी अब चिन्हित संपत्तियों, बैंक रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेज़ों की विस्तृत जाँच और सत्यापन करेगी। आगे की कानूनी कार्रवाई इन्हीं जाँच परिणामों पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि सेवानिवृत्ति के बाद मामला दर्ज हुआ — यह सवाल उठाता है कि आंतरिक निगरानी तंत्र समय रहते सक्रिय क्यों नहीं हुआ। संपत्ति का सत्यापन अभी बाकी है, और आरोपी की स्थिति अभी 'आरोपित' है — इसलिए दोष सिद्ध होने तक तथ्यों को आरोप की सीमा में ही देखा जाना चाहिए।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीआई ने सजल कांति दास के खिलाफ क्या आरोप लगाए हैं?
सीबीआई ने सजल कांति दास और उनकी पत्नी संगीता दास पर 2016 से 2022 के बीच ज्ञात आय के स्रोतों से ₹88.20 लाख अधिक की संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया है। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है।
सजल कांति दास कौन हैं और उन्होंने कहाँ काम किया था?
सजल कांति दास नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) में डिप्टी चीफ इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे और जिरीबाम में तैनात रहे थे। वे अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
इस मामले में कितनी और कौन-कौन सी संपत्तियाँ शामिल हैं?
असम के कछार जिले में रंगपुर में एक घर (₹19 लाख), उधारबंद और लखीपुर में जमीन, सिलचर के क्लब रोड पर एक व्यावसायिक संपत्ति (₹34 लाख) और एक फ्लैट (₹20 लाख+) शामिल हैं। इसके अलावा बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट और टर्म डिपॉजिट भी जांच के दायरे में हैं।
केस दर्ज होने के बाद अब क्या होगा?
एफआईआर दर्ज होने के साथ सीबीआई की औपचारिक जांच शुरू हो गई है। एजेंसी चिन्हित संपत्तियों, वित्तीय रिकॉर्ड और दस्तावेज़ों का विस्तृत सत्यापन करेगी। आगे की कानूनी कार्रवाई — जैसे चार्जशीट या गिरफ्तारी — जांच परिणामों पर निर्भर करेगी।
संगीता दास का इस मामले में क्या रोल है?
सीबीआई के अनुसार संगीता दास, सजल कांति दास की पत्नी, के नाम पर कई संपत्तियाँ — उधारबंद और लखीपुर में भूखंड तथा सिलचर में व्यावसायिक संपत्ति — दर्ज थीं। उन्हें भी इस केस में सह-आरोपी के रूप में नामित किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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